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Auraiya News: कोलकाता पान के पत्ते का साइज हुआ छोटा
Sat, 30 May 2026 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 30 May 2026 12:04 AM IST
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फोटो -5- पान लगाता दुकानदार। संवाद
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औरैया। आसपास के क्षेत्रों में पान के शौकीनों को निराश करने वाली खबर है। बाजार में कोलकाता से आने वाले मशहूर पान के पत्ते का साइज काफी छोटा हो गया है।
इसके साथ ही पान में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्रियों की कीमतों में भी उछाल आया है। पान का पत्ता तेज गर्मी के कारण सिकुड़ गया है।
पान व्यावसायियों का कहना है कि इसका सीधा असर अब आम शौकीनों और दुकानदारों पर पड़ने लगा है। इस समस्या की मुख्य वजह बीते दिनों पड़ी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप है। गर्मी में पान का पत्ता पीला पड़ने लगता है इसके चलते किसान पत्तों को जल्द ही तोड़ रहे हैं, इससे पत्ता छोटा हो रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि बंगाल से कानपुर मंडी होकर आने वाले पान की सप्लाई इन दिनों काफी कम हो गई है। आवक घटने और लागत में बढ़ोतरी के चलते अब दुकानदारों के सामने पान की कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
उधर, दुकानदार बता रहे हैं कि पहले पान की जो झोली 600 रुपये में आसानी से मिल जाती थी, उसके दाम अब बढ़कर 750 रुपये हो गए हैं। सामग्री महंगी होने से धंधे पर असर पड़ रहा है। जल्द ही पान पर भी महंगाई देखने को मिलेगी। पत्तों का आकार छोटा होने से दुकानदारी पर खासा असर पड़ेगा। इसके साथ ही बाजार में आवक कम होने से व्यापार पर संकट दिखेगा।
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पहले तोड़ना मजबूरी
गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण पान की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पत्तों को खराब होने से बचाने के लिए उन्हें समय से पहले ही बेल से तोड़ना मजबूरी है, इससे पान के पत्तों का आकार छोटा रह गया है। -संतोष पोरवाल, पान दुकानदार
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सुपारी, कत्था महंगा
पान के पत्तों के साथ-साथ इसमें इस्तेमाल होने वाली सुपारी, कत्था और अन्य सामान भी काफी महंगे हो गए हैं। कुछ समय पहले तक जो सुपारी 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आती थी वह अब बढ़कर 700 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
- अश्वनी गुप्ता, पान दुकानदार
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इसके साथ ही पान में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्रियों की कीमतों में भी उछाल आया है। पान का पत्ता तेज गर्मी के कारण सिकुड़ गया है।
पान व्यावसायियों का कहना है कि इसका सीधा असर अब आम शौकीनों और दुकानदारों पर पड़ने लगा है। इस समस्या की मुख्य वजह बीते दिनों पड़ी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप है। गर्मी में पान का पत्ता पीला पड़ने लगता है इसके चलते किसान पत्तों को जल्द ही तोड़ रहे हैं, इससे पत्ता छोटा हो रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि बंगाल से कानपुर मंडी होकर आने वाले पान की सप्लाई इन दिनों काफी कम हो गई है। आवक घटने और लागत में बढ़ोतरी के चलते अब दुकानदारों के सामने पान की कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
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उधर, दुकानदार बता रहे हैं कि पहले पान की जो झोली 600 रुपये में आसानी से मिल जाती थी, उसके दाम अब बढ़कर 750 रुपये हो गए हैं। सामग्री महंगी होने से धंधे पर असर पड़ रहा है। जल्द ही पान पर भी महंगाई देखने को मिलेगी। पत्तों का आकार छोटा होने से दुकानदारी पर खासा असर पड़ेगा। इसके साथ ही बाजार में आवक कम होने से व्यापार पर संकट दिखेगा।
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पहले तोड़ना मजबूरी
गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण पान की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पत्तों को खराब होने से बचाने के लिए उन्हें समय से पहले ही बेल से तोड़ना मजबूरी है, इससे पान के पत्तों का आकार छोटा रह गया है। -संतोष पोरवाल, पान दुकानदार
सुपारी, कत्था महंगा
पान के पत्तों के साथ-साथ इसमें इस्तेमाल होने वाली सुपारी, कत्था और अन्य सामान भी काफी महंगे हो गए हैं। कुछ समय पहले तक जो सुपारी 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आती थी वह अब बढ़कर 700 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
- अश्वनी गुप्ता, पान दुकानदार

फोटो -5- पान लगाता दुकानदार। संवाद

फोटो -5- पान लगाता दुकानदार। संवाद