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कर्म ही मानव को बनाता है महान
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Sat, 22 Aug 2015 11:47 PM IST
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कस्बे की सब्जी मंडी में शनिवार को मानस सम्मेलन समिति के तुलसी जयंती समारोह में अतिथि वक्ताओं ने तुलसी के चरित्र दर्शन पर प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मानस सम्मेलन समिति के अध्यक्ष डा. उमेश दीक्षित ने तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसी क्रम में राजेश बुधैालिया ने तुलसी के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तुलसीदास संपूर्ण समाज के मार्गदर्शक रहे हैं। उन्होंने अपनी लेखनी से समाज को दिशा देने का कार्य किया है।
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जालौन से पधारे रमेश रामायणी ने तुलसी की चौपाई के माध्यम से कर्म का महत्व बताया। कहा कि मनुष्य को अपना कर्म करना चाहिए, जिससे संसार में कर्म करने के अनुसार ही उसे उसका फल प्राप्त होता है। कैलाश त्रिपाठी ने कहा कि तुलसी की हर चौपाई से समाज को नई दिशा मिलती है।
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इस अवसर पर रामदर्शन कठेरिया, रामऔतार गुप्ता, प्रो. श्री प्रकाश यादव, आशुतोष दीक्षित, डा. मिथलेश, लालजी पोरवाल, मातादीन पाल, संजय गुप्ता आदि सैकड़ों मानस प्रेमी उपस्थित रहे।
दिबियापुर (औरैया)। महापुरुषों के जीवन और साहित्य से प्रेरणा लेकर ही समाज में मानवीय मूल्यों की स्थापना हो सकती है। तुलसीदास का जीवन और साहित्य समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए आज भी प्रासंगिक है।
यह उद़गार विवेकानंद महाविद्यालय में आयोजित तुलसी जयंती समारोह में महाप्रबंधक गेल पाता एके श्रीवास्तव ने व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि डा. रामसनेही लाल शर्मा यायावर ने कहा कि समाज में व्याप्त सांप्रदायिकता एवं जातिवाद की समाप्ति के लिए तुलसी का साहित्य हमारे समक्ष समाधान प्रस्तुत करता है। नारी समस्या के समाधान के लिए तुलसी साहित्य के नायक राम का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
प्राचार्य डा. डीपी सिंह ने कहा कि तुलसीदास का साहित्य हमें सामाजिक समन्वय की शिक्षा देता है। अखिलेश गुप्ता, शोभाराम पोरवाल, डा. जीपी मिश्रा, प्रोफेसर कुंवर सिंह, डा. इफ्तिखार हसन, डा. विवेक द्विवेदी, डा. देशबंधु गुप्ता, डा. संदीप ओमर, डा. महेंद्र तिवारी, डा. हर्षवर्द्धन अग्रवाल, डा. विनीत त्रिपाठी, डा. राकेश तिवारी आदि मौजूद रहे।