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Auraiya News: रात में हुई बारिश, दिन में छाई बदली से किसानों को मिली राहत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिधूना। मानसून के महीनों में पिछले पांच वर्षों से बारिश कम होने से किसानों को फसल सूखने की कगार पर आ गईं थी। सोमवार देर रात तो तहसील क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरों पर चमक लौट आई है। मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहे। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबादी हुई।
मानसून के शुरुआती दौर में अच्छी बारिश होने से जिले के किसानों ने नर्सरी तैयार कर करीब 51 हजार हेक्टेअर जमीन पर धान की बोआई कर दी थी। अगस्त माह में बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। जिससे बहुत से किसानों ने सबमर्सिबल की मदद से अपनी फसलों की सिंचाई करने में जुटे थे। वहीं छोटे किसानों की फसल सूखने की कगार पर आ गईं थीं। जून, जुलाई व अगस्त माह में महज 329 मिमी बारिश हो सकी जो कि पिछले पांच सालों में सबसे न्यूनतम है। जबकि जिले में औसतन बारिश का आंकड़ा 505 मिमी का है।
25 फीसदी बारिश कम होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की शिकन पड़ने लगीं थी। सोमवार रात को बिधूना, बेला, ऐरवाकटरा क्षेत्र में हुई बारिश से किसानों के चेहरे चहक उठे। किसान शिवमगंल सिंह, सतेंद्र सिंह, राजीव सिंह, सुरेंद्र सिंह पाल आदि ने बताया कि रात हुई बारिश से किसानों लाभ हुआ है। अगर एक से दो बार और बारिश और हुई तो धान व मक्का फसल में अच्छी पैदावार होगी।
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कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी के प्रभारी डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि सोमवार रात को बिधूना क्षेत्र में करीब पांच एमएम बारिश हुई है। यह पानी किसानों की सूख रहीं फसलों के लिए वरदान साबित होगा।
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बिधूना। मानसून के महीनों में पिछले पांच वर्षों से बारिश कम होने से किसानों को फसल सूखने की कगार पर आ गईं थी। सोमवार देर रात तो तहसील क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरों पर चमक लौट आई है। मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहे। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबादी हुई।
मानसून के शुरुआती दौर में अच्छी बारिश होने से जिले के किसानों ने नर्सरी तैयार कर करीब 51 हजार हेक्टेअर जमीन पर धान की बोआई कर दी थी। अगस्त माह में बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। जिससे बहुत से किसानों ने सबमर्सिबल की मदद से अपनी फसलों की सिंचाई करने में जुटे थे। वहीं छोटे किसानों की फसल सूखने की कगार पर आ गईं थीं। जून, जुलाई व अगस्त माह में महज 329 मिमी बारिश हो सकी जो कि पिछले पांच सालों में सबसे न्यूनतम है। जबकि जिले में औसतन बारिश का आंकड़ा 505 मिमी का है।
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25 फीसदी बारिश कम होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की शिकन पड़ने लगीं थी। सोमवार रात को बिधूना, बेला, ऐरवाकटरा क्षेत्र में हुई बारिश से किसानों के चेहरे चहक उठे। किसान शिवमगंल सिंह, सतेंद्र सिंह, राजीव सिंह, सुरेंद्र सिंह पाल आदि ने बताया कि रात हुई बारिश से किसानों लाभ हुआ है। अगर एक से दो बार और बारिश और हुई तो धान व मक्का फसल में अच्छी पैदावार होगी।
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कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी के प्रभारी डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि सोमवार रात को बिधूना क्षेत्र में करीब पांच एमएम बारिश हुई है। यह पानी किसानों की सूख रहीं फसलों के लिए वरदान साबित होगा।