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Auraiya News: नवरात्र में मासूम ने रखा था, बिटिया को अंगूर खिलाने की पिता की आस रह गई अधूरी
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-मासूम संग दंरिदगी कर हत्या की घटना से पुराने अतीत को याद कर कराहा बीहड़
- एक मई को मासूम की बड़ी बहन की होनी है शादी
संवाद न्यूज एजेंसी
अयाना। थाना क्षेत्र के गांव में मासूम के साथ गांव के ही एक युवक ने दरिंदगी कर हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बचने के लिए शव को घटना स्थल से दूर फेंकने की बात कबूली। मृतका के पिता ने फूट-फूट कर रोते हुए बताया कि घटना के आधे घंटे पहले वह बेटी से मिलकर आया था। तभी बेटी को साथ लिए आता तो अनहोनी होने से बच जाती।
बेटी का शव देख पिता का कलेजा दर्द से फटा जा रहा था। वह बार-बार यही कहकर रोये जा रहा था कि वह औरैया से लौटने के बाद बेटी से मिला था। इस दौरान बेटी ने पूछा था कि पापा मेरे लिए क्या लाए हो, बताया कि बेटी नवरात्र का व्रत कर रही थी। घर पहुंचने पर अंगूर खिलाने की बात कहकर निकला था। पिता का कहना था कि यदि वह बेटी को साथ लिए आता तो उसके साथ घटना होने से बच जाती। झोले में पड़े अंगूर देखकर वह कह रहा था कि अब मैं अपनी बेटी को अंगूर कैसे खिलाऊंगा।
मासूम के साथ हुई निर्ममता पूर्ण हत्या की घटना से बीहड़ भी अपनी पुरानी यादों को याद कर कराह उठा। डाकुओं के खात्मे के बाद से बीहड़ की जमीन शांति और अमन की जिंदगी देने में कई गुना आगे बढ़ चुकी है। मासूम के साथ हुई दरिंदगी की घटना से लंबे समय बाद एक बार फिर बीहड़ अपने पुराने अतीत को याद कर तड़पता नजर आया। क्षेत्रीय लोगों की जुबान पर बस यही बात है कि इतनी निर्दयता तो कभी डाकुओं ने भी मासूमों के साथ नहीं बरपाई। जितनी दरिंदगी मासूम के साथ की गई घटना में दिखाई दी।
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वहीं, घटना से बेहाल मासूम की मां कह रही थी कि एक मई को सबसे बड़ी बेटी की शादी होनी है। घर में शादी को लेकर तैयारियां चल रहीं थी। बेटी शादी को लेकर बहुत उत्साहित थी। वह हमेश कहती थी कि मां मुझे दीदी की शादी में लहंगा पहनना है। शादी के लिए लहंगा तो खरीदा जा सकता है लेकिन उसे पहनने के लिए बेटी अब कभी नहीं आएगी।
मजदूरी व मवेशियों के सहारे होता है परिवार का भरण पोषण
- पीड़ित पिता ने बताया कि वह मजदूरी व मवेशियों की खरीद फरोख्त कर परिवार का भरण पोषण करता है। उसकी पांच बेटियां व दो छोटे-छोटे बेटे हैं। उसकी तीसरे नंबर की बेटी मृतका कभी-कभी उसके साथ खेतों पर मवेशियों को चराने के लिए लेकर जाती थी। शुक्रवार को कुछ जरूरी काम पड़ने की वजह से पिता औरैया चला आया था। जिस पर बेटी मवेशियों को लेकर खेतों पर गई थी। जहां अनहोनी का शिकार हो गई।
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खून के धब्बों से आरोपी पकड़ में आया
- एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि मासूम के गायब होने पर वह एसपी चारू निगम व गांव के लोगों के साथ खेतों में मासूम को खोज रहे थे। इस दौरान गौतम नशे की हालत में लग रहा था। वह बार-बार कहीं गायब हो जाता था। जिस पर पुलिस अधीक्षक को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शनिवार सुबह आरोपी के अंडर गारमेंट पर खून के धब्बे देख पुलिस का शक गहरा गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने सारी घटना उगल दी।
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- एक मई को मासूम की बड़ी बहन की होनी है शादी
संवाद न्यूज एजेंसी
अयाना। थाना क्षेत्र के गांव में मासूम के साथ गांव के ही एक युवक ने दरिंदगी कर हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बचने के लिए शव को घटना स्थल से दूर फेंकने की बात कबूली। मृतका के पिता ने फूट-फूट कर रोते हुए बताया कि घटना के आधे घंटे पहले वह बेटी से मिलकर आया था। तभी बेटी को साथ लिए आता तो अनहोनी होने से बच जाती।
बेटी का शव देख पिता का कलेजा दर्द से फटा जा रहा था। वह बार-बार यही कहकर रोये जा रहा था कि वह औरैया से लौटने के बाद बेटी से मिला था। इस दौरान बेटी ने पूछा था कि पापा मेरे लिए क्या लाए हो, बताया कि बेटी नवरात्र का व्रत कर रही थी। घर पहुंचने पर अंगूर खिलाने की बात कहकर निकला था। पिता का कहना था कि यदि वह बेटी को साथ लिए आता तो उसके साथ घटना होने से बच जाती। झोले में पड़े अंगूर देखकर वह कह रहा था कि अब मैं अपनी बेटी को अंगूर कैसे खिलाऊंगा।
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मासूम के साथ हुई निर्ममता पूर्ण हत्या की घटना से बीहड़ भी अपनी पुरानी यादों को याद कर कराह उठा। डाकुओं के खात्मे के बाद से बीहड़ की जमीन शांति और अमन की जिंदगी देने में कई गुना आगे बढ़ चुकी है। मासूम के साथ हुई दरिंदगी की घटना से लंबे समय बाद एक बार फिर बीहड़ अपने पुराने अतीत को याद कर तड़पता नजर आया। क्षेत्रीय लोगों की जुबान पर बस यही बात है कि इतनी निर्दयता तो कभी डाकुओं ने भी मासूमों के साथ नहीं बरपाई। जितनी दरिंदगी मासूम के साथ की गई घटना में दिखाई दी।
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वहीं, घटना से बेहाल मासूम की मां कह रही थी कि एक मई को सबसे बड़ी बेटी की शादी होनी है। घर में शादी को लेकर तैयारियां चल रहीं थी। बेटी शादी को लेकर बहुत उत्साहित थी। वह हमेश कहती थी कि मां मुझे दीदी की शादी में लहंगा पहनना है। शादी के लिए लहंगा तो खरीदा जा सकता है लेकिन उसे पहनने के लिए बेटी अब कभी नहीं आएगी।
मजदूरी व मवेशियों के सहारे होता है परिवार का भरण पोषण
- पीड़ित पिता ने बताया कि वह मजदूरी व मवेशियों की खरीद फरोख्त कर परिवार का भरण पोषण करता है। उसकी पांच बेटियां व दो छोटे-छोटे बेटे हैं। उसकी तीसरे नंबर की बेटी मृतका कभी-कभी उसके साथ खेतों पर मवेशियों को चराने के लिए लेकर जाती थी। शुक्रवार को कुछ जरूरी काम पड़ने की वजह से पिता औरैया चला आया था। जिस पर बेटी मवेशियों को लेकर खेतों पर गई थी। जहां अनहोनी का शिकार हो गई।
खून के धब्बों से आरोपी पकड़ में आया
- एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि मासूम के गायब होने पर वह एसपी चारू निगम व गांव के लोगों के साथ खेतों में मासूम को खोज रहे थे। इस दौरान गौतम नशे की हालत में लग रहा था। वह बार-बार कहीं गायब हो जाता था। जिस पर पुलिस अधीक्षक को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शनिवार सुबह आरोपी के अंडर गारमेंट पर खून के धब्बे देख पुलिस का शक गहरा गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने सारी घटना उगल दी।