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क्रय केंद्रों पर कांटों की संख्या बढ़ाई जाए
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औरैया। जनपद में धान खरीद को बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन क्रय केंद्रों पर एक कांटा हो वहां पर एक और कांटे की व्यवस्था की जाए। जिन क्रय केंद्रों पर ज्यादा खरीद हो रही हो वहां ज्यादा कांटे लगाए जाएं। सभी किसानों को 72 घंटे के अंदर भुगतान किया जाए। जिन किसानों को क्रय केंद्र से लौटाया जाए उसकी सूची मोबाइल नंबर सहित क्रय केंद्र पर रहनी चाहिए। सभी क्रय केंद्रों पर कंट्रोल रूम का नंबर अवश्य लिखा होना चाहिए। टोकन देकर ही किसानों से धान खरीद की जाए। टोकन देते समय सैंपल लिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डिप्टी आरएमओ सुधांशु शेखर चौबे को निर्देश दिए कि वह अपने स्तर से धान खरीद की निगरानी करें। यदि निगरानी में जरा भी ढिलाई बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई क्रय केंद्र किसी दिन बंद रखा जाता है तो उसकी सूचना पहले ही उपलब्ध करा दी जाए अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
100 क्विंटल से ऊपर धान बेचने वाले किसानों की सूची हर पांचवें दिन उपलब्ध कराए जाए। मंडियों में कमेटी गठित कर धान की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे भी अपने स्तर से धान खरीद की निगरानी करते रहें।
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उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डिप्टी आरएमओ सुधांशु शेखर चौबे को निर्देश दिए कि वह अपने स्तर से धान खरीद की निगरानी करें। यदि निगरानी में जरा भी ढिलाई बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई क्रय केंद्र किसी दिन बंद रखा जाता है तो उसकी सूचना पहले ही उपलब्ध करा दी जाए अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
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100 क्विंटल से ऊपर धान बेचने वाले किसानों की सूची हर पांचवें दिन उपलब्ध कराए जाए। मंडियों में कमेटी गठित कर धान की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे भी अपने स्तर से धान खरीद की निगरानी करते रहें।
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