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अधूरा नाला निर्माण, बारिश में रिहायशी इलाकों में होगा जलभराव

Mon, 13 Jun 2022 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2022 12:00 AM IST
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Incomplete drain construction, there will be waterlogging in residential areas in the rain
अजीतमल तिराहे के पास बंद नाला। संवाद - फोटो : AURAIYA
अजीतमल। नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही बारिश में कस्बावासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। पिछले कई वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों को बारिश से पहले जलनिकासी को लेकर चिंता सताने लगी है। 14 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बन रहा नाला विभागीय अनदेखी के चलते अधूरा पड़ा है। इससे लगता है कि इस बार भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
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अजीतमल-बाबरपुर नगर पंचायत के तहत आने वाले आंबेडकर नगर, गांधीनगर, लक्ष्मीनगर, फिरोजनगर कोटला समेत पूरे बाबरपुर कस्बे में बारिश के दिनों के अलावा आम दिनों में भी जलभराव रहता है। इस समस्या से निजात दिलाने की काफी समय से लोग मांग उठा रहे थे। फरवरी 2020 में नगर पंचायत ने जलनिकासी के लिए 68 सौ मीटर लंबे नाले का प्रस्ताव पास किया। यह नाला बाबरपुर तिराहे से चकसत्तापुर तक बनना है।
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इसके लिए 14 करोड़ 50 लाख रुपये स्वीकृत कर निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम को दी गई। जल निगम ने जून 2020 से काम शुरू कराया गया था, काम मई 2021 तक पूरा होना था। आज तक निर्माण पूरा नहीं हो सका। पिछले वर्ष भी लोग जलभराव की समस्या से जूझे। अब जल्द बारिश का मौसम शुरू होने वाला है।
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इससे एक बार फिर से लोगों को जलभराव की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस गति से काम चल रहा है। उससे उम्मीद नहीं है कि बारिश से पहले नाला निर्माण पूरा होगा और समस्या से निजात मिलेगी। एसडीएम अखिलेश कुमार ने कहा कि कार्यदायी संस्था और अधिशासी अधिकारी को नाला निर्माण समय से पूरा कराने और बारिश में जलनिकासी के प्रबंध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं पर कोई समस्या होगी तो इसका निरीक्षण कर हल कराया जाएगा।
जिम्मेदारों की लापरवाही बनेगी मुसीबत
नाला निर्माण का काम काफी धीमा चलने से लोगों में रोष है। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन में काम बंद हो गया था। फिर से काम शुरू हुआ तो 56 बिजली के खंभे बाधा बन गए। जिन्हें हटाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर 20 लाख रुपये विद्युत विभाग को दिए गए, पर अभी तक कई जगहों से खंभे नहीं हटे हैं। यहीं कारण है कि काम धीमा चल रहा है। निर्माण के चलते जिन नालों से पहले पानी निकलता था, अब वे भी बंद हो गए हैं। आने वाले दिनों में यह भी बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। कार्यदायी संस्था के दिनेश साहू ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर खंभे बाधा बने हैं। उन्हें हटाने के लिए बिजली विभाग को पत्राचार किया गया है। कोशिश है कि 30 जून तक नाला निर्माण पूरा कराकर जलनिकासी का प्रबंध किया जाएगा।

अजीतमल में जलनिकासी का नहीं प्रबंध
अजीतमल कस्बे में जलनिकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बरसात का पानी पूर्वी छोर पर इंटर कॉलेज के पास से निकलता है। जहां कोई नाला नहीं है। इससे पानी सड़क के किनारे स्थित किसानों के खेतों में भरता है। इससे किसान और मोहल्लों के लोगों को परेशानी होती है।

 बाबरपुर डायट के सामने अधूरा पड़ा नाला निर्माण। संवाद

बाबरपुर डायट के सामने अधूरा पड़ा नाला निर्माण। संवाद- फोटो : AURAIYA

 सूर्यनगर वार्ड में अधूरा पड़ा नाला। संवाद

सूर्यनगर वार्ड में अधूरा पड़ा नाला। संवाद- फोटो : AURAIYA

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