{"_id":"6217ca5b435e1f390952e67d","slug":"income-tax-payers-and-landless-were-taking-samman-nidhi-auraiya-news-knp6824016155","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयकरदाता और भूमिहीन ले रहे थे सम्मान निधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयकरदाता और भूमिहीन ले रहे थे सम्मान निधि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ ऐसे लोग ले रहे थे जो वास्तव में इसके लिए पात्र नहीं थे। कृषि विभाग ने जब लाभार्थियों की जांच की तो करीब 1600 अपात्र चिह्नित हुए। सभी को नोटिस भेजे गए हैं। इनमें 25 लाभार्थी ऐसे मिले हैं जो आयकरदाता हैं। इनसे अब तक एक लाख 84 हजार रुपये की रिकवरी की गई है। इसके अलावा, ऐसे लोग भी सामने आए हैं जो नौकरीपेशा, भूमिहीन और शिक्षक हैं। इसके बाद भी वह सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे।
प्रधानमंत्री सम्मान निधि की सातवीं किस्त के लिए एक लाख 79 हजार 628 किसानों के नाम सामने आए हैं। इस योजना के तहत साल में छह हजार रुपये किसानों को दिए जाते हैं। हर चौथे महीने में दो हजार रुपये की किस्त किसान के खाते में भेजे जाती है।
कृषि विभाग में पंजीकरण कराने वाले किसानों को इस योजना में शामिल किया गया है। लघु सीमांत और बड़े किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन यह नियम भी तय किया गया है कि जो किसान नौकरी करते हैं और उनकी 10 हजार रुपये प्रति माह से अधिक आय है, उनको इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अधिवक्ता, इंजीनियर और डॉक्टरों को भी अपात्र माना ग
विज्ञापन
या है।
पिछले माह कृषि विभाग ने योजना से जुड़े किसानों की पात्रता की जांच शुरू की। शुरूआती जांच में 25 अपात्र ऐसे मिले हैं जो आयकर दाता हैं, भूमिहीन हैं, या सरकारी नौकरपेशा हैं या फिर पेंशन भोगी हैं। कृषि विभाग ने करीब 1600 को अपात्र पाया है। अब तक विभाग 25 अपात्रों से एक लाख 84 हजार रुपये की रिकवरी कर चुका है।
जिनके पास जमीन नहीं वह भी लाभार्थी
किसान सम्मान निधि का लाभ ऐसे लोग भी लेते मिले, जिनके पास एक इंच जमीन भी नहीं थी। वह किसान बनकर योजना का लाभ ले रहे थे। भूमिहीनों को लाभ मिलने से विभागीय लोगों पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐेसा इसलिए भी है क्योंकि योजना के लाभ के लिए किसान को खतौनी लगाना अनिवार्य है।
इनसे हो चुकी है वसूली
अभिषेक, आदेश कुमार, मोहम्मइरफान, नीरज कुमार, प्रदीप दुबे, जय प्रकाश गुप्ता, प्रशांत तिवारी, बलराम सिंह, जय प्रकाश, मनोज कुमार, रामकली, राजेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, आलोक कुमार, संत किशोर राजपूत, शैलेंद्र कुमार, अनिल यादव, ब्रज किशोर सिंह, गोरेलाल प्रजापति, देवेंद्र कुुमार, अवधेश कुमार बाथम, जीत कुमार, शहनवाज, सुभाष चंद्र और राजेश कुमार त्रिपाठी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री सम्मान निधि की सातवीं किस्त के लिए एक लाख 79 हजार 628 किसानों के नाम सामने आए हैं। इस योजना के तहत साल में छह हजार रुपये किसानों को दिए जाते हैं। हर चौथे महीने में दो हजार रुपये की किस्त किसान के खाते में भेजे जाती है।
विज्ञापन
कृषि विभाग में पंजीकरण कराने वाले किसानों को इस योजना में शामिल किया गया है। लघु सीमांत और बड़े किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन यह नियम भी तय किया गया है कि जो किसान नौकरी करते हैं और उनकी 10 हजार रुपये प्रति माह से अधिक आय है, उनको इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अधिवक्ता, इंजीनियर और डॉक्टरों को भी अपात्र माना ग
विज्ञापन
या है।
पिछले माह कृषि विभाग ने योजना से जुड़े किसानों की पात्रता की जांच शुरू की। शुरूआती जांच में 25 अपात्र ऐसे मिले हैं जो आयकर दाता हैं, भूमिहीन हैं, या सरकारी नौकरपेशा हैं या फिर पेंशन भोगी हैं। कृषि विभाग ने करीब 1600 को अपात्र पाया है। अब तक विभाग 25 अपात्रों से एक लाख 84 हजार रुपये की रिकवरी कर चुका है।
जिनके पास जमीन नहीं वह भी लाभार्थी
किसान सम्मान निधि का लाभ ऐसे लोग भी लेते मिले, जिनके पास एक इंच जमीन भी नहीं थी। वह किसान बनकर योजना का लाभ ले रहे थे। भूमिहीनों को लाभ मिलने से विभागीय लोगों पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐेसा इसलिए भी है क्योंकि योजना के लाभ के लिए किसान को खतौनी लगाना अनिवार्य है।
इनसे हो चुकी है वसूली
अभिषेक, आदेश कुमार, मोहम्मइरफान, नीरज कुमार, प्रदीप दुबे, जय प्रकाश गुप्ता, प्रशांत तिवारी, बलराम सिंह, जय प्रकाश, मनोज कुमार, रामकली, राजेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, आलोक कुमार, संत किशोर राजपूत, शैलेंद्र कुमार, अनिल यादव, ब्रज किशोर सिंह, गोरेलाल प्रजापति, देवेंद्र कुुमार, अवधेश कुमार बाथम, जीत कुमार, शहनवाज, सुभाष चंद्र और राजेश कुमार त्रिपाठी।