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Auraiya News: सामूहिक विवाह में शादी के बाद विदाई में मांगी बाइक, भिड़े दोनों पक्ष
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फफूंद। सामूहिक विवाह सम्मेलन में बिना जांच-पड़ताल शादी करवाकर लक्ष्य पूरा किया जा रहा है। इसकी पोल तब खुली जब सम्मेलन में शादी के बाद दुल्हन को विदा करवाने पहुंचे दूल्हे के पक्ष ने बाइक मांगी। इससे दुल्हन पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और मारपीट होने लगी। घटना में पांच लोग घायल हो गए।
थाना क्षेत्र के गांव मुढ़ी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसने बेटी रेशमा का विवाह अछल्दा थाना के गांव इटैली निवासी विक्रम सिंह के साथ 14 दिसंबर को ककोर तिरंगा मैदान पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में की थी। इस दौरान दूल्हा पक्ष के लोगों ने दुल्हन की विदा बाद में कराने की बात कही थी। तयशुदा तारीख के तहत 10 जून को औपचारिक शादी का दिन तय किया गया।
इससे पहले नौ जून को नव विवाहिता पक्ष के लोग तिलक चढ़ाने गए। इसमें दूल्हा पक्ष ने बाइक की मांग रखी। औपचारिक शादी को लेकर दूल्हा पक्ष की ओर से कार्ड भी वितरित किए गए थे। सोमवार की रात विक्रम सिंह पत्नी को विदा कराने के लिए लगभग 150 बरातियों के साथ मुढ़ी गांव पहुंचा। इस बीच नव विवाहिता के मायके वालों ने साथ में बराती बनकर आए लोगों के लिए खानपान व स्वागत सत्कार की व्यवस्था की।
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नाश्ता आदि करने के बाद औपचारिक तौर पर बरात चढ़ने के कार्यक्रम की तैयारी होने लगी। इसी बीच दरवाजे पर रखे दहेज के सामान के साथ बाइक न दिखने पर दूल्हे के रिश्तेदारों ने उलाहना देना शुरू कर दिया। यही नहीं उन्होंने खाना खाने से इन्कार करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। यह देख नव विवाहिता के पिता ने रिश्तेदारों को अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए समझाने का प्रयास किया।
इसमें दूल्हा व उसके परिजन तो मान गए, लेकिन कुछ रिश्तेदार इस पर अड़ गए। हाथ-पैर भी जोड़े, लेकिन उनकी मिन्नतों का रिश्तेदारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ गया, कि दोनों पक्षों के लोगों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। इसमें नव विवाहिता का भाई सत्येंद्र, शुभम समेत दोनों पक्ष के पांच लोग घायल हो गए।
सीओ अजीतमल राम मोहन शर्मा ने बताया की बरात में खाना को लेकर विवाद होने पर झगड़ा हाेने का मामला सामने आया है। इसमें लड़के पक्ष के दो लोग मनोज और धीरेंद्र व लड़की पक्ष से उसके पिता और दो भाई घायल हुए हैं। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी। वहीं देर शाम थानाध्यक्ष के समझाने पर दूल्हा पक्ष दुल्हन को विदाकर ले गए।
इनसेट-- -
सम्मेलन में सामान व नकदी मिलने के बाद भी नहीं पूरी हुई दहेज की भूख
ककोर स्थित तिरंगा मैदान पर 14 जून दिसंबर को आयोजित शादी समारोह में विक्रम सिंह व रेशमा की शादी हुई थी। इस दौरान सरकार की ओर से निर्धारित दहेज का सामान व नकदी भी दी गई थी। बावजूद इसके दहेज लोभियों की भूख इससे भी पूरी नहीं हुई। इसमें सोमवार को 150 बरातियों के साथ विदा कराने पहुंचे दूल्हा पक्ष के लोगों की ओर से की गई बाइक की मांग जब पूरी नहीं हुई, तो उन्होंने हंगामा किया और नव विवाहिता के परिवारीजनों के साथ मारपीट की।
वर्जन
सामूहिक विवाह कार्यक्रम से पहले आवेदक का ब्लाॅक स्तर पर वैरीफिकेशन कराया जाता है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर वधू को दहेज का सामान व 35 हजार रुपये बैंक खाते में भेजे जा चुके हैं। जैसा कि बताया गया है कि बाइक दहेज में न देने पर विदा नहीं कराई गई। यह गलत है। यह पहला मामला जिले में आया है। उच्चाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की जाएगी। यदि कोई कार्रवाई बनती है तो की जाएगी।
इंद्रा सिंह, समाज कल्याण अधिकारी
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थाना क्षेत्र के गांव मुढ़ी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसने बेटी रेशमा का विवाह अछल्दा थाना के गांव इटैली निवासी विक्रम सिंह के साथ 14 दिसंबर को ककोर तिरंगा मैदान पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में की थी। इस दौरान दूल्हा पक्ष के लोगों ने दुल्हन की विदा बाद में कराने की बात कही थी। तयशुदा तारीख के तहत 10 जून को औपचारिक शादी का दिन तय किया गया।
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इससे पहले नौ जून को नव विवाहिता पक्ष के लोग तिलक चढ़ाने गए। इसमें दूल्हा पक्ष ने बाइक की मांग रखी। औपचारिक शादी को लेकर दूल्हा पक्ष की ओर से कार्ड भी वितरित किए गए थे। सोमवार की रात विक्रम सिंह पत्नी को विदा कराने के लिए लगभग 150 बरातियों के साथ मुढ़ी गांव पहुंचा। इस बीच नव विवाहिता के मायके वालों ने साथ में बराती बनकर आए लोगों के लिए खानपान व स्वागत सत्कार की व्यवस्था की।
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नाश्ता आदि करने के बाद औपचारिक तौर पर बरात चढ़ने के कार्यक्रम की तैयारी होने लगी। इसी बीच दरवाजे पर रखे दहेज के सामान के साथ बाइक न दिखने पर दूल्हे के रिश्तेदारों ने उलाहना देना शुरू कर दिया। यही नहीं उन्होंने खाना खाने से इन्कार करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। यह देख नव विवाहिता के पिता ने रिश्तेदारों को अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए समझाने का प्रयास किया।
इसमें दूल्हा व उसके परिजन तो मान गए, लेकिन कुछ रिश्तेदार इस पर अड़ गए। हाथ-पैर भी जोड़े, लेकिन उनकी मिन्नतों का रिश्तेदारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ गया, कि दोनों पक्षों के लोगों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। इसमें नव विवाहिता का भाई सत्येंद्र, शुभम समेत दोनों पक्ष के पांच लोग घायल हो गए।
सीओ अजीतमल राम मोहन शर्मा ने बताया की बरात में खाना को लेकर विवाद होने पर झगड़ा हाेने का मामला सामने आया है। इसमें लड़के पक्ष के दो लोग मनोज और धीरेंद्र व लड़की पक्ष से उसके पिता और दो भाई घायल हुए हैं। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी। वहीं देर शाम थानाध्यक्ष के समझाने पर दूल्हा पक्ष दुल्हन को विदाकर ले गए।
इनसेट
सम्मेलन में सामान व नकदी मिलने के बाद भी नहीं पूरी हुई दहेज की भूख
ककोर स्थित तिरंगा मैदान पर 14 जून दिसंबर को आयोजित शादी समारोह में विक्रम सिंह व रेशमा की शादी हुई थी। इस दौरान सरकार की ओर से निर्धारित दहेज का सामान व नकदी भी दी गई थी। बावजूद इसके दहेज लोभियों की भूख इससे भी पूरी नहीं हुई। इसमें सोमवार को 150 बरातियों के साथ विदा कराने पहुंचे दूल्हा पक्ष के लोगों की ओर से की गई बाइक की मांग जब पूरी नहीं हुई, तो उन्होंने हंगामा किया और नव विवाहिता के परिवारीजनों के साथ मारपीट की।
वर्जन
सामूहिक विवाह कार्यक्रम से पहले आवेदक का ब्लाॅक स्तर पर वैरीफिकेशन कराया जाता है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर वधू को दहेज का सामान व 35 हजार रुपये बैंक खाते में भेजे जा चुके हैं। जैसा कि बताया गया है कि बाइक दहेज में न देने पर विदा नहीं कराई गई। यह गलत है। यह पहला मामला जिले में आया है। उच्चाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की जाएगी। यदि कोई कार्रवाई बनती है तो की जाएगी।
इंद्रा सिंह, समाज कल्याण अधिकारी