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Auraiya News: आईआईटी रुड़की तैयार करेगा एसटीपी प्लांट का डिजाइन
Wed, 11 Mar 2026 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:47 PM IST
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औरैया। शहर के नालों का गंदा पानी यमुना नदी में जाने से रोकने के लिए जालौन रोड पर प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण जल्द शुरू होगा। परियोजना का तकनीकी डिजाइन आईआईटी रुड़की तैयार करेगा।
यह काम शुरू भी कर दिया गया है। एक महीने के भीतर डिजाइन तैयार होकर जल निगम को मिलने की उम्मीद है। डिजाइन मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
शहर में सीवरेज के समुचित निस्तारण और जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए शासन ने करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी निर्माण की योजना को मंजूरी दी थी। प्रस्ताव वर्ष 2023 में शासन को भेजा गया था, जिसके बाद स्वीकृति मिलने पर जल निगम की सीएंडडीएस इकाई को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। नगर पालिका परिषद की ओर से जालौन रोड पर इसके लिए जमीन भी उपलब्ध करा दी गई है। टेंडर न होने के कारण दो साल इसका निर्माण कार्य अटका रहा।
वर्तमान में शहर के कई बड़े नालों का गंदा पानी बिना शोधन के सीधे यमुना नदी में पहुंच रहा है, इससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। एसटीपी बनने के बाद इन नालों के पानी को पहले प्लांट तक लाया जाएगा। यहां आधुनिक तकनीक से पानी को साफ किया जाएगा और शुद्ध पानी को पाइपलाइन के जरिये नदी में छोड़ा जाएगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि शहर की सीवरेज व्यवस्था भी व्यवस्थित हो सकेगी।
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परियोजना को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने के लिए आईआईटी रुड़की से डिजाइन तैयार कराया जा रहा है। डिजाइन में एसटीपी की क्षमता, नालों के कनेक्शन, पाइपलाइन नेटवर्क और ट्रीटमेंट सिस्टम का पूरा खाका शामिल होगा। डिजाइन मिलने के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
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जलभराव और प्रदूषण से मिलेगी राहत
शहर के कई इलाकों में बरसात के दौरान नालों का पानी सड़कों और मोहल्लों में भर जाता है। इसके पीछे मुख्य वजह सीवर और नालों का व्यवस्थित निस्तारण न होना है। एसटीपी बनने के बाद नालों के पानी को सीधे प्लांट तक ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे जलभराव की समस्या कम होने के साथ ही यमुना में गिरने वाले गंदे पानी पर भी रोक लगेगी।
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एसटीपी बनने से ये होंगे फायदे
- शहर के नालों का गंदा पानी यमुना में सीधे नहीं जाएगा।
- जलभराव की समस्या में कमी आएगी।
- नदी के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
- शहर की सीवेज व्यवस्था को मिलेगा स्थायी समाधान।
प्रस्तावित एसटीपी प्लांट का डिजाइन आईआईटी रुड़की से डिजाइन कराया जा रहा है। एक महीने में डिजाइन मिलने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- रेहान फारुखी, अधिशासी अभियंता, जल निगम इटावा
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यह काम शुरू भी कर दिया गया है। एक महीने के भीतर डिजाइन तैयार होकर जल निगम को मिलने की उम्मीद है। डिजाइन मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
शहर में सीवरेज के समुचित निस्तारण और जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए शासन ने करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी निर्माण की योजना को मंजूरी दी थी। प्रस्ताव वर्ष 2023 में शासन को भेजा गया था, जिसके बाद स्वीकृति मिलने पर जल निगम की सीएंडडीएस इकाई को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। नगर पालिका परिषद की ओर से जालौन रोड पर इसके लिए जमीन भी उपलब्ध करा दी गई है। टेंडर न होने के कारण दो साल इसका निर्माण कार्य अटका रहा।
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वर्तमान में शहर के कई बड़े नालों का गंदा पानी बिना शोधन के सीधे यमुना नदी में पहुंच रहा है, इससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। एसटीपी बनने के बाद इन नालों के पानी को पहले प्लांट तक लाया जाएगा। यहां आधुनिक तकनीक से पानी को साफ किया जाएगा और शुद्ध पानी को पाइपलाइन के जरिये नदी में छोड़ा जाएगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि शहर की सीवरेज व्यवस्था भी व्यवस्थित हो सकेगी।
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परियोजना को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने के लिए आईआईटी रुड़की से डिजाइन तैयार कराया जा रहा है। डिजाइन में एसटीपी की क्षमता, नालों के कनेक्शन, पाइपलाइन नेटवर्क और ट्रीटमेंट सिस्टम का पूरा खाका शामिल होगा। डिजाइन मिलने के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
जलभराव और प्रदूषण से मिलेगी राहत
शहर के कई इलाकों में बरसात के दौरान नालों का पानी सड़कों और मोहल्लों में भर जाता है। इसके पीछे मुख्य वजह सीवर और नालों का व्यवस्थित निस्तारण न होना है। एसटीपी बनने के बाद नालों के पानी को सीधे प्लांट तक ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे जलभराव की समस्या कम होने के साथ ही यमुना में गिरने वाले गंदे पानी पर भी रोक लगेगी।
एसटीपी बनने से ये होंगे फायदे
- शहर के नालों का गंदा पानी यमुना में सीधे नहीं जाएगा।
- जलभराव की समस्या में कमी आएगी।
- नदी के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
- शहर की सीवेज व्यवस्था को मिलेगा स्थायी समाधान।
प्रस्तावित एसटीपी प्लांट का डिजाइन आईआईटी रुड़की से डिजाइन कराया जा रहा है। एक महीने में डिजाइन मिलने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- रेहान फारुखी, अधिशासी अभियंता, जल निगम इटावा