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अस्पताल की पुलिस चौकी मखौल
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:43 PM IST
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सौ शय्या युक्त जिला अस्पताल की इमारत।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर से आठ किलोमीटर दूर चिचौली गांव के पास स्थित सौ शय्या युक्त जिला अस्पताल की पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं। इससे सीएमएस से लेकर अस्पताल प्रशासन में आक्रोश है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल परिसर में कई बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। घटना के दौरान चौकी पर तैनात सिपाही नदारद मिले। सीएमएस ने चौकी को स्थायी करने की मांग की है।
सौ शय्या युक्त जिला अस्पताल में आए दिन मरीजों के तीमारदार झगड़ा करते हैं। इससे अस्पताल प्रशासन परेशान है। घटनाओं के दौरान पुलिस चौकी से नदारद मिलती है। सीएमएस डा.राजीव रस्तोगी व चीफ फार्मासिस्ट डा.प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार की रात मरीज के तीमारदारों ने अस्पताल कर्मियों से मारपीट कर दी थी। चौकी से पुलिस कर्मी नदारद थे। पहले भी ऐसा हो चुका है। तब भी चौकी पर कोई मौजूद नहीं था। सीएमएस डा.रस्तोगी ने बताया कि इस मामले में उन्होंने एक माह पहले एसपी को पत्र लिखकर चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों के संबंध में पूरी जानकारी दी थी। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में डीएम के.बालाजी से मिलकर चौकी को स्थायी कराने की मांग करेंगे।
सुरक्षा न मिलने तक इमरजेंसी सेवा बंद करने की मांग
सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम लेने को तैयार नहीं है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बिना पुलिस सुरक्षा के रात में इमरजेंसी सेवा को बंद किया जाएगा।
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सौ शय्या युक्त जिला अस्पताल में आए दिन मरीजों के तीमारदार झगड़ा करते हैं। इससे अस्पताल प्रशासन परेशान है। घटनाओं के दौरान पुलिस चौकी से नदारद मिलती है। सीएमएस डा.राजीव रस्तोगी व चीफ फार्मासिस्ट डा.प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार की रात मरीज के तीमारदारों ने अस्पताल कर्मियों से मारपीट कर दी थी। चौकी से पुलिस कर्मी नदारद थे। पहले भी ऐसा हो चुका है। तब भी चौकी पर कोई मौजूद नहीं था। सीएमएस डा.रस्तोगी ने बताया कि इस मामले में उन्होंने एक माह पहले एसपी को पत्र लिखकर चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों के संबंध में पूरी जानकारी दी थी। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में डीएम के.बालाजी से मिलकर चौकी को स्थायी कराने की मांग करेंगे।
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सुरक्षा न मिलने तक इमरजेंसी सेवा बंद करने की मांग
सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम लेने को तैयार नहीं है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बिना पुलिस सुरक्षा के रात में इमरजेंसी सेवा को बंद किया जाएगा।
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