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Auraiya News: हाईटेक रोडवेज डिपो फिलहाल ठंडे बस्ते में
Sat, 17 May 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 17 May 2025 11:54 PM IST
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डिपो से सटी हुई जमीन पर खड़ीं बसें।
- फोटो : संवाद
औरैया। रोडवेज डिपो को हाईटेक बनाने वाला प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में है। असल में चार माह पहले पेंच कपास की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटवाकर नगर पालिका ने अनुबंध के तहत जो जमीन दी थी, वह अभी तक डिपो के नाम नहीं हो सकी है।
ऐसे में डिपो को हाईटेक बनाने में फिलहाल लंबा समय लग सकता है। जिला प्रशासन ने शहर की सूरत बदलने के लिए कई प्रयास किए हैं। इस कड़ी में डिपो से सटी पेंच कपास की जमीन से चार माह पहले अवैध कब्जे हटाए गए थे। यह जमीन नगर पालिका परिषद के सुपुर्द की गई थी।
खाली कराई गई जमीन में तकरीबन 5400 वर्ग मीटर जमीन डिपो को बसें खड़ी करने के लिए दी गई, लेकिन कागजों तौर पर अभी तक जमीन डिपो के नाम नहीं हो सकी है। ऐसे में जमीन के बढ़े हुए हिस्से में डिपो को हाईटेक बनाने वाली सुविधाओं को उतारने के लिए प्रस्ताव भी नहीं बन पा रहे हैं। सीमित दायरे में ही बसों की मरम्मत हो रही है। बसों के प्लेटफार्म भी बनने हैं, लेकिन सब कुछ ठंडे बस्ते में है।
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उधर, डिपो की बसें यहां खड़ी होने लगी हैं, लेकिन इस जमीन पर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बारिश होने पर यहां जलभराव का संकट होगा। फिलहाल डिपो की ओर से जमीन पर मिट्टी भरान व इंटरलॉकिंग का प्रस्ताव बनाकर क्षेत्रीय कार्यालय भेजा गया है।
नगर पालिका परिषद की ओर से बढ़ी हुई तकरीबन 5400 वर्ग मीटर जमीन अनुबंध के तहत बसें खड़ी करने के लिए दी गई है। यह जमीन अनुबंध के तहत अस्थाई तौर पर मिली है। इसे स्थायी तौर पर कागजों में दिए जाने के बाद ही सुविधाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी से मांग की गई है।-अपर्णा मीनाक्षी, एआरएम रोडवेज डिपो औरैया
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ऐसे में डिपो को हाईटेक बनाने में फिलहाल लंबा समय लग सकता है। जिला प्रशासन ने शहर की सूरत बदलने के लिए कई प्रयास किए हैं। इस कड़ी में डिपो से सटी पेंच कपास की जमीन से चार माह पहले अवैध कब्जे हटाए गए थे। यह जमीन नगर पालिका परिषद के सुपुर्द की गई थी।
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खाली कराई गई जमीन में तकरीबन 5400 वर्ग मीटर जमीन डिपो को बसें खड़ी करने के लिए दी गई, लेकिन कागजों तौर पर अभी तक जमीन डिपो के नाम नहीं हो सकी है। ऐसे में जमीन के बढ़े हुए हिस्से में डिपो को हाईटेक बनाने वाली सुविधाओं को उतारने के लिए प्रस्ताव भी नहीं बन पा रहे हैं। सीमित दायरे में ही बसों की मरम्मत हो रही है। बसों के प्लेटफार्म भी बनने हैं, लेकिन सब कुछ ठंडे बस्ते में है।
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उधर, डिपो की बसें यहां खड़ी होने लगी हैं, लेकिन इस जमीन पर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बारिश होने पर यहां जलभराव का संकट होगा। फिलहाल डिपो की ओर से जमीन पर मिट्टी भरान व इंटरलॉकिंग का प्रस्ताव बनाकर क्षेत्रीय कार्यालय भेजा गया है।
नगर पालिका परिषद की ओर से बढ़ी हुई तकरीबन 5400 वर्ग मीटर जमीन अनुबंध के तहत बसें खड़ी करने के लिए दी गई है। यह जमीन अनुबंध के तहत अस्थाई तौर पर मिली है। इसे स्थायी तौर पर कागजों में दिए जाने के बाद ही सुविधाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी से मांग की गई है।-अपर्णा मीनाक्षी, एआरएम रोडवेज डिपो औरैया