फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Health Services of Bela Hospital with the help of a doctor

एक डाक्टर के सहारे बेला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं

Fri, 10 Jun 2022 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
Health Services of Bela Hospital with the help of a doctor
बेला अस्पताल में मरीजों को देखते फार्मासिस्ट। संवाद - फोटो : AURAIYA
बेला। जिला पंचायत अध्यक्ष के गोद लिए बेला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। डॉक्टरों और संसाधनों की कमी से आज तक बेला अस्पताल को सीएचसी की सुविधाएं नहीं मिल सकीं। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इस अस्पताल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत किया है।
विज्ञापन

हालात ये हैं कि यहां पर केंद्र प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ के अलावा एक डॉक्टर चंद्रशेखर की तैनाती है। वह भी पोस्टमार्टम ड्यूटी लगे होने के कारण कभी-कभी आते हैं। अकेले सिद्धार्थ ही मरीजों को देखते हैं, उनके न रहने पर फार्मासिस्ट दवाइयां देते हैं।
विज्ञापन

सुविधाएं मुहैया न होने पर मरीज और तीमारदारों को निजी अस्पतालों के साथ 50 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने और संसाधनों की कमी पूरी करने की मांग उठाई, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ हाथ न लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि अस्पताल में स्टॉफ और डॉक्टरों की कमी है। इसके लिए शासन से लगातार मांग की जा रही है। सभी सीएचसी में सीबीसी मशीन के साथ जांच के लिए अन्य संसाधन मुहैया कराए गए हैं। जहां पर भी समस्याएं व्याप्त हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा।
50 गांव के मरीजों की सेहत का जिम्मा
सीएचसी बेला पर क्षेत्र के बर्रुकुलासर, ढिपारा, महू, भदौरा, शिवरा, सिमरापूर्वा, मल्हौसी, नौसारा, पृथ्वीपुर, हरदू, सिरयावा, फतेहपुर समेत लगभग 50 गांव की सेहत का जिम्मा है। इन गांव के लोग करीब एक सैकड़ा लोग प्रतिदिन इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। सुविधाओं के अभाव में ज्यादातर मरीजों को बिधूना सीएचसी या तिर्वा मेडिकल कालेज जाना पड़ता है।
एएनएम के सहारे महिलाओं का उपचार
सीएचसी में महिला रोग विशेषज्ञ के न होने से गर्भवती महिलाएं प्रसव से लेकर अन्य रोगों के लिए जिम्मा अस्पताल में तैनात एएनएम आरती के ऊपर निर्भर हैं। प्रसव के दौरान जरा सी मुसीबत होने पर बिधूना सीएचसी व जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है।
जांच की सुविधा नहीं
अस्पताल में एक लैब टेक्नीशियन धर्मेंद्र की नियुक्ति है। खून की जांच के लिए मशीन न होने पर अस्पताल में जांच नहीं हो पाती। न ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड या एक्स-रे की सुविधा है। क्षेत्रीय लोग जांच की सुविधा मुहैया कराए जाने की मांग करते चले आ रहे हैं।

अस्पताल में तैनात स्टाफ
बेला सीएचसी में प्रभारी अधीक्षक के तौर पर डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. चंद्रशेखर, फार्मासिस्ट श्याम नरेश दुबे, राजीव पाल, एएनएम आरती, सीएचओ राजकुमार, एलटी धर्मेंद्र, वार्ड ब्वाय संजय यादव तैनात हैं। इसके अलावा कोविड एल-1 के वक्त पांच डॉक्टर व छह नर्स तैनात थीं वह अब बेला न आकर बिधूना सीएचसी में सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed