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चिकित्सकों ने डेंगू पीड़ित महिला को भगाया
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औरैया। सीएचसी अजीतमल की इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों ने डेंगू पीड़ित महिला का इलाज न कर उसे भगा दिया। इससे नाराज महिला के पुत्र ने मुख्यमंत्री पोर्टल और स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। इधर मामला तूल पकड़ने पर चिकित्सकों ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया है।
एलचीनगर बिरुहनी निवासी अनुराग दिवाकर ने मुख्यमंत्री पोर्टल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भेजी शिकायत में बताया कि उनकी मां अनसुइया की हालत खराब होने पर जांच कराई थी। जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई थी। इस पर 10 नवंबर की शाम चार बजकर 20 मिनट पर मां को लेकर सीएचसी अजीतमल पहुंचे। जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. सौरभ और डॉ. उत्कर्ष ने जांच रिपोर्ट देखते हुए माताजी का इलाज करने से मना कर दिया। कहा कि जहां वह पहले इलाज करा रहे थे, वहीं इलाज कराएं।
कारण पूछने पर जांच रिपोर्ट में किसी चिकित्सक का नाम लिखा होना बताया। तमाम मिन्नतें करने के बाद भी चिकित्सकों ने उनकी नहीं सुनीं और रिपोर्ट में दर्ज चिकित्सक का नाम काटकर उनका नाम लिखकर लाने की बात कहते हुए भगा दिया। पीड़ित ने बताया कि सरकारी अस्पताल में तैनात चिकित्सक मनमानी कर रहे हैं। जांच के नाम पर कमीशन बाजी की जा रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों से प्राइवेट इलाज कराने का दबाव बनाया जाता है। पीड़ित ने दोनों चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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एलचीनगर बिरुहनी निवासी अनुराग दिवाकर ने मुख्यमंत्री पोर्टल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भेजी शिकायत में बताया कि उनकी मां अनसुइया की हालत खराब होने पर जांच कराई थी। जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई थी। इस पर 10 नवंबर की शाम चार बजकर 20 मिनट पर मां को लेकर सीएचसी अजीतमल पहुंचे। जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. सौरभ और डॉ. उत्कर्ष ने जांच रिपोर्ट देखते हुए माताजी का इलाज करने से मना कर दिया। कहा कि जहां वह पहले इलाज करा रहे थे, वहीं इलाज कराएं।
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कारण पूछने पर जांच रिपोर्ट में किसी चिकित्सक का नाम लिखा होना बताया। तमाम मिन्नतें करने के बाद भी चिकित्सकों ने उनकी नहीं सुनीं और रिपोर्ट में दर्ज चिकित्सक का नाम काटकर उनका नाम लिखकर लाने की बात कहते हुए भगा दिया। पीड़ित ने बताया कि सरकारी अस्पताल में तैनात चिकित्सक मनमानी कर रहे हैं। जांच के नाम पर कमीशन बाजी की जा रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों से प्राइवेट इलाज कराने का दबाव बनाया जाता है। पीड़ित ने दोनों चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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