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पांच साल तक के बच्चों को कल से मिलेगी पोषण की खुराक
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औरैया। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रतौंधी, आंखों की बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से मिलकर विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाने के लिए जनपद में बाल स्वास्थ्य पोषण माह के प्रथम चरण का आयोजन 13 अगस्त से 5 सितंबर तक किया जायेगा। अभियान के दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक कुल एक लाख 73 हजार 647 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विक्रम स्वरुप ने बताया कि स्वास्थ्य एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से संचालित बाल स्वास्थ्य पोषण माह विटामिन-ए संपूर्ण कार्यक्रम टीकाकरण का एक अभिन्न अंग है, जो प्रतिवर्ष दो चरणों में जून और दिसंबर महीने में टीकाकरण सत्रों पर आयोजित किया जाता है। इस बार कोरोना के चलते यह कार्यक्रम लेट से शुरू हुआ है लेकिन इस दौरान पूरे माह चलने वाले कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम होगा। अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लान बना लिया गया है साथ के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को विटामिन ए की खुराक को भेज दिया गया है ताकि शुरू होने वाले बाल स्वास्थ्य पोषण में कार्यक्रम को अमली रूप दिया जा सके और बच्चों को विटामिन ए की खुराक से आच्छादित किया जा सके।
यूनीसेफ के जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि विटामिन ए आंखों के लिए लाभदायक होता है। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। तथा यह आंखों की रोशनी को तेज कर उसकी मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत नौ से 12 माह के 10,143 , एक से दो साल 43,612 और दो से पांच साल के एक लाख 19 हजार 892 बच्चे हैं। बच्चों को दवा पिलाने के लिए आशा,आंगनवाड़ी और एएनएम कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जाएगी।
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सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि टीकाकरण सत्र पर प्रत्येक बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलाने के लिए हर बार एक नई चम्मच की व्यवस्था की जाए और एएनएम द्वारा हर बार खुराक पिलाने के बाद अपने हाथों को सैनिटाइज किया जाए। जिससे कोरोना फैलने का खतरा कम हो। सीएनएनएस 2016-18 के अनुसार प्रदेश में 1 से 4 वर्ष के 16.9 प्रतिशत बच्चे विटामिन ए की कमी से ग्रसित हैं।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विक्रम स्वरुप ने बताया कि स्वास्थ्य एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से संचालित बाल स्वास्थ्य पोषण माह विटामिन-ए संपूर्ण कार्यक्रम टीकाकरण का एक अभिन्न अंग है, जो प्रतिवर्ष दो चरणों में जून और दिसंबर महीने में टीकाकरण सत्रों पर आयोजित किया जाता है। इस बार कोरोना के चलते यह कार्यक्रम लेट से शुरू हुआ है लेकिन इस दौरान पूरे माह चलने वाले कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम होगा। अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लान बना लिया गया है साथ के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को विटामिन ए की खुराक को भेज दिया गया है ताकि शुरू होने वाले बाल स्वास्थ्य पोषण में कार्यक्रम को अमली रूप दिया जा सके और बच्चों को विटामिन ए की खुराक से आच्छादित किया जा सके।
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यूनीसेफ के जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि विटामिन ए आंखों के लिए लाभदायक होता है। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। तथा यह आंखों की रोशनी को तेज कर उसकी मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत नौ से 12 माह के 10,143 , एक से दो साल 43,612 और दो से पांच साल के एक लाख 19 हजार 892 बच्चे हैं। बच्चों को दवा पिलाने के लिए आशा,आंगनवाड़ी और एएनएम कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जाएगी।
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सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि टीकाकरण सत्र पर प्रत्येक बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलाने के लिए हर बार एक नई चम्मच की व्यवस्था की जाए और एएनएम द्वारा हर बार खुराक पिलाने के बाद अपने हाथों को सैनिटाइज किया जाए। जिससे कोरोना फैलने का खतरा कम हो। सीएनएनएस 2016-18 के अनुसार प्रदेश में 1 से 4 वर्ष के 16.9 प्रतिशत बच्चे विटामिन ए की कमी से ग्रसित हैं।