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मिशन इन्द्र धनुष अभियान का का दूसरा चरण आज से
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औरैया। सघन मिशन इंद्रधनुष का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होगा जो 16 जनवरी तक चलेगा। बचपन में होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण के इसी उद्देश्य से सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान-2 का द्वितीय चरण अछल्दा और एरवाकटरा में चलेगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राकेश ने बताया कि दिसंबर में चले प्रथम चरण में 803 के सापेक्ष 857 बच्चों और 157 के सापेक्ष 181 गर्भवतियों को प्रतिरक्षित किया गया। अपने परिवार में कोई गर्भवती व 0 से 2 वर्ष तक के बच्चे यदि टीकाकरण से वंचित हैं तो उन्हें अपने करीब के केंद्रों में ले जाकर टीके लगवाकर जानलेवा बीमारियों से बचाव करें। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में जिले में 744 बच्चे और 133 गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। द्वितीय चरण में कुल 205 सत्र के माध्यम से लक्षित जनसंख्या को कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के दो ब्लॉक अछल्दा और एरवाकटरा में अभियान चलेगा और तृतीय चरण 3 फरवरी 2020 से चतुर्थ चरण 2 मार्च से शुरू होगा।
यूनिसेफ के प्रतिनिधि नरेंद्र ने बताया की मिशन इंद्रधनुष के तहत ऐसे क्षेत्रों को लक्षित किया गया है जहां टीकाकरण कम हुआ है। इस दौरान टीबी, हेपेटाइटिस-बी, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, मीजल्स एंड रुबेला तथा हीमोफिलिस इन्फ्लुएंजा-बी (एचआईबी) के टीके लगाए जाएंगे। जो बच्चे किसी भी कारण से पूरे टीके नहीं लगवा पाते हैं उनके लिए सघन मिशन इंद्रधनुष एक अतिरिक्त अवसर है। बच्चों को छूटे हुए टीके लगाकर बीमारियों से बचा सकते हैं।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राकेश ने बताया कि दिसंबर में चले प्रथम चरण में 803 के सापेक्ष 857 बच्चों और 157 के सापेक्ष 181 गर्भवतियों को प्रतिरक्षित किया गया। अपने परिवार में कोई गर्भवती व 0 से 2 वर्ष तक के बच्चे यदि टीकाकरण से वंचित हैं तो उन्हें अपने करीब के केंद्रों में ले जाकर टीके लगवाकर जानलेवा बीमारियों से बचाव करें। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में जिले में 744 बच्चे और 133 गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। द्वितीय चरण में कुल 205 सत्र के माध्यम से लक्षित जनसंख्या को कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के दो ब्लॉक अछल्दा और एरवाकटरा में अभियान चलेगा और तृतीय चरण 3 फरवरी 2020 से चतुर्थ चरण 2 मार्च से शुरू होगा।
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यूनिसेफ के प्रतिनिधि नरेंद्र ने बताया की मिशन इंद्रधनुष के तहत ऐसे क्षेत्रों को लक्षित किया गया है जहां टीकाकरण कम हुआ है। इस दौरान टीबी, हेपेटाइटिस-बी, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, मीजल्स एंड रुबेला तथा हीमोफिलिस इन्फ्लुएंजा-बी (एचआईबी) के टीके लगाए जाएंगे। जो बच्चे किसी भी कारण से पूरे टीके नहीं लगवा पाते हैं उनके लिए सघन मिशन इंद्रधनुष एक अतिरिक्त अवसर है। बच्चों को छूटे हुए टीके लगाकर बीमारियों से बचा सकते हैं।
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