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Auraiya News: मां से बोले शाम तक पहुंच जाऊंगा घर, बुझ गया घर का चिराग
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औरैया। नेवी के चीफ इंजीनियर करन के गाजियाबाद आवास पर नए साल के जश्न की तैयारियां चल रही थी। फोन पर बातचीत में करन ने मां से शनिवार शाम तक घर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन देर रात उनकी मौत की खबर पहुंची। पिता व रिश्तेदार औरैया से पोस्टमार्टम के बाद शव घर ले गए।
करन के पिता पिता संजय सहगल कैंसर के मरीज हैं। बेटे की मौत की खबर पर वह औरैया पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि करन नौ सितंबर को छ्ट्टी पर घर आया था। शादी के लिए बातचीत चल रही थी।
29 दिसंबर को सुबह घूमने की बात कह निकला था। शुक्रवार शाम को मां से फोन पर बातचीत की थी। कहा था, शनिवार शाम तक घर पहुंच जाएगा। पिता ने कहा कि शुक्रवार को उन्हें अनहोनी का आभास हो गया था। करन की आईडी, पासपोर्ट और अन्य सामान पुलिस ने पिता के सुपुर्द कर दिए।
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कानपुर नगर के मंजू ज्योति अपार्टमेंट निवासी मामा कपिल, फरीदाबाद के नेहरू ग्राउंड आर्य समाज रोड एनआईटी निवासी दूसरे मामा गौतम भाटिया भी पहुंचे थे।
एसडीआरएफ ने साढ़े पांच घंटे चलाया बचाव कार्य
पुलिस ने देर रात कार नदी से निकलवाई। जूते मिलने से कार में किसी और के मौजूद होने की आशंका पुलिस को हुई। इससे शनिवार सुबह आठ बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाशी अभियान चलाया। पिता और रिश्तेदारों के पहुंचने पर कार में केवल करन के होने की जानकारी दी गई। इसके बाद बचाव कार्य बंद कर दिया गया।
घटना और बचाव कार्य
घटनाक्रम समय
कार यमुना में गिरी रात 10:30 बजे
पुलिस को सूचना मिली रात 10:50 बजे
बचाव कार्य शुरू हुआ रात 11:30 बजे
डीएम, एसपी मौके पर पहुंची रात 11: 50 बजे
कार पानी से निकाली गई रात 12:05 बजे
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करन के पिता पिता संजय सहगल कैंसर के मरीज हैं। बेटे की मौत की खबर पर वह औरैया पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि करन नौ सितंबर को छ्ट्टी पर घर आया था। शादी के लिए बातचीत चल रही थी।
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29 दिसंबर को सुबह घूमने की बात कह निकला था। शुक्रवार शाम को मां से फोन पर बातचीत की थी। कहा था, शनिवार शाम तक घर पहुंच जाएगा। पिता ने कहा कि शुक्रवार को उन्हें अनहोनी का आभास हो गया था। करन की आईडी, पासपोर्ट और अन्य सामान पुलिस ने पिता के सुपुर्द कर दिए।
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कानपुर नगर के मंजू ज्योति अपार्टमेंट निवासी मामा कपिल, फरीदाबाद के नेहरू ग्राउंड आर्य समाज रोड एनआईटी निवासी दूसरे मामा गौतम भाटिया भी पहुंचे थे।
एसडीआरएफ ने साढ़े पांच घंटे चलाया बचाव कार्य
पुलिस ने देर रात कार नदी से निकलवाई। जूते मिलने से कार में किसी और के मौजूद होने की आशंका पुलिस को हुई। इससे शनिवार सुबह आठ बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाशी अभियान चलाया। पिता और रिश्तेदारों के पहुंचने पर कार में केवल करन के होने की जानकारी दी गई। इसके बाद बचाव कार्य बंद कर दिया गया।
घटना और बचाव कार्य
घटनाक्रम समय
कार यमुना में गिरी रात 10:30 बजे
पुलिस को सूचना मिली रात 10:50 बजे
बचाव कार्य शुरू हुआ रात 11:30 बजे
डीएम, एसपी मौके पर पहुंची रात 11: 50 बजे
कार पानी से निकाली गई रात 12:05 बजे