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हस्त शिल्प मेले का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:04 PM IST
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शहर के पुरानी नुमाइश मैदान में रविवार को भारतीय हस्त शिल्प मेले का शुभारंभ हुआ। आदित्य विकास सेवा समिति की ओर से आयोजित हस्तशिल्प मेले में देश के 22 प्रांतों की मशहूर हस्तनिर्मित वस्तुएं लोगों के लिए उपलब्ध कराईं गईं हैं।
हस्त शिल्प मेले का उद्घाटन नगर पालिका परिषद की चेयरमैन नरेंद्र कौर ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी स्वस्थ्य मनोरंजन के साथ ही दुर्लभ वस्तुओं का संग्रहालय भी होती हैं। इनके आयोजनों से वस्तुओं से परिचित होने का मौका मिलता है। आयोजक राज पांडेय ने बताया कि सहारनपुर का फर्नीचर, जयपुर की मोजड़ी और मुंबई की ज्वैलरी के साथ एमपी, यूपी राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, जम्म-कश्मीर आदि 22 प्रांतों की हस्तनिर्मित अनूठी वस्तुओं का संग्रह हस्तशिल्प मेले की खासियत है।
उन्होंने बताया कि हस्तशिल्प मेले में हस्तनिर्मित वस्तुओं से लेकर किचन वेयर और आयुर्वेदिक दवाइयों के अलावा भदोही की कारपेट, सहारनपुर के फर्नीचर, पानीपत के पर्दे, फिरोजाबाद की चूडिय़ां, जयपुर, राजस्थान की मोजड़ी, गुजरात के लेडीज सलवार-सूट व किचित वेयर, कश्मीर की पसमीना साल, मेरठ के खादी की शर्ट, हरियाणा की बेडशीट तथा पहली पसंद के रूप में मुंबई की हस्तनिर्मित ज्वैलरी महिलाओं के आकर्षण का केंद्र होगी। इसके अलावा मेले में गुजरात व मध्यप्रदेश की आयुर्वेदिक दवाइयां, कानपुर की हैडलूम, लखनवी चिकन भी मेले को खास बना रहीं हैं।
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उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे से रात नौ बजे तक चलने वाले वाले भारतीय हस्तशिल्प मेले में 40 स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी आगामी 5 जनवरी तक चलेगी। इसके बाद यह हस्तशिल्प मेला दिबियापुर में आयोजित होगी।
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हस्त शिल्प मेले का उद्घाटन नगर पालिका परिषद की चेयरमैन नरेंद्र कौर ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी स्वस्थ्य मनोरंजन के साथ ही दुर्लभ वस्तुओं का संग्रहालय भी होती हैं। इनके आयोजनों से वस्तुओं से परिचित होने का मौका मिलता है। आयोजक राज पांडेय ने बताया कि सहारनपुर का फर्नीचर, जयपुर की मोजड़ी और मुंबई की ज्वैलरी के साथ एमपी, यूपी राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, जम्म-कश्मीर आदि 22 प्रांतों की हस्तनिर्मित अनूठी वस्तुओं का संग्रह हस्तशिल्प मेले की खासियत है।
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उन्होंने बताया कि हस्तशिल्प मेले में हस्तनिर्मित वस्तुओं से लेकर किचन वेयर और आयुर्वेदिक दवाइयों के अलावा भदोही की कारपेट, सहारनपुर के फर्नीचर, पानीपत के पर्दे, फिरोजाबाद की चूडिय़ां, जयपुर, राजस्थान की मोजड़ी, गुजरात के लेडीज सलवार-सूट व किचित वेयर, कश्मीर की पसमीना साल, मेरठ के खादी की शर्ट, हरियाणा की बेडशीट तथा पहली पसंद के रूप में मुंबई की हस्तनिर्मित ज्वैलरी महिलाओं के आकर्षण का केंद्र होगी। इसके अलावा मेले में गुजरात व मध्यप्रदेश की आयुर्वेदिक दवाइयां, कानपुर की हैडलूम, लखनवी चिकन भी मेले को खास बना रहीं हैं।
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उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे से रात नौ बजे तक चलने वाले वाले भारतीय हस्तशिल्प मेले में 40 स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी आगामी 5 जनवरी तक चलेगी। इसके बाद यह हस्तशिल्प मेला दिबियापुर में आयोजित होगी।