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Auraiya News: नए शिक्षण सत्र में आधे बच्चे बिना ड्रेस के
Tue, 05 Aug 2025 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 05 Aug 2025 12:33 AM IST
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औरैया। सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में शासन स्तर से विशेष जोर है। बजट भी खूब खपाया जा रहा है। बावजूद इसके कई बिंदुओं पर लापरवाही दिख रही है।
बच्चों की ड्रेस की ही बात की जाए तो स्कूलों में पंजीकृत आधे बच्चे ही ड्रेस में स्कूल पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि अभी तक अभिभावकों के खाते में डीबीटी के तहत ड्रेस का पैसा नहीं पहुंचा है।
जनपद के 1265 परिषदीय स्कूलों में 90 हजार से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। नए शिक्षण सत्र को चार माह बीत चुके हैं। शासन को बच्चों की ड्रेस को लेकर भेजे गई सूची के तहत अभी तक 55164 अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के तहत धनराशि भेजी गई है। बाकी बच्चों को यह लाभ मिलना अभी भी ठंडे बस्ते में है।
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विभागीय सूत्रों की माने तो बचे हुए बच्चों के आधार कार्ड न बने होने और कई तरह के मानक अभी अधूरे हैं। खास तौर पर आधार प्रमाणीकरण ही शामिल है। कुछ बच्चों के आधार कार्ड में संशोधन हो रहे हैं।
कहीं कुछ बच्चों के अभिभावकों का बैंक खातों में आधार लिंक नहीं है। इन सब के बीच बच्चों को ड्रेस का लाभ फिलहाल मिल नहीं पा रहा है। शासन स्तर से प्रत्येक बच्चे की ड्रेस को लेकर 1200 रुपये निर्धारित हैं। इसमें जूता, मोजा, पैंट-शर्ट, बैग आदि शामिल हैं।
सभी बच्चों को डीबीटी के तहत ड्रेस का लाभ दिलाने के लिए बीईओ व शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। कागजी गड़बड़ी को दूर करने के लिए शिक्षक अभिभावकों को जागरूक भी कर रहे हैं। जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बच्चों की ड्रेस की ही बात की जाए तो स्कूलों में पंजीकृत आधे बच्चे ही ड्रेस में स्कूल पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि अभी तक अभिभावकों के खाते में डीबीटी के तहत ड्रेस का पैसा नहीं पहुंचा है।
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जनपद के 1265 परिषदीय स्कूलों में 90 हजार से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। नए शिक्षण सत्र को चार माह बीत चुके हैं। शासन को बच्चों की ड्रेस को लेकर भेजे गई सूची के तहत अभी तक 55164 अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के तहत धनराशि भेजी गई है। बाकी बच्चों को यह लाभ मिलना अभी भी ठंडे बस्ते में है।
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विभागीय सूत्रों की माने तो बचे हुए बच्चों के आधार कार्ड न बने होने और कई तरह के मानक अभी अधूरे हैं। खास तौर पर आधार प्रमाणीकरण ही शामिल है। कुछ बच्चों के आधार कार्ड में संशोधन हो रहे हैं।
कहीं कुछ बच्चों के अभिभावकों का बैंक खातों में आधार लिंक नहीं है। इन सब के बीच बच्चों को ड्रेस का लाभ फिलहाल मिल नहीं पा रहा है। शासन स्तर से प्रत्येक बच्चे की ड्रेस को लेकर 1200 रुपये निर्धारित हैं। इसमें जूता, मोजा, पैंट-शर्ट, बैग आदि शामिल हैं।
सभी बच्चों को डीबीटी के तहत ड्रेस का लाभ दिलाने के लिए बीईओ व शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। कागजी गड़बड़ी को दूर करने के लिए शिक्षक अभिभावकों को जागरूक भी कर रहे हैं। जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी