{"_id":"664ba91f6ed4c086430cc556","slug":"god-protects-us-if-atrocities-increase-on-earth-kamalakant-dubey-auraiya-news-c-211-1-aur1002-112400-2024-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ने पर प्रभु करते रक्षा: कमलाकांत दुबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ने पर प्रभु करते रक्षा: कमलाकांत दुबे
विज्ञापन
अजीतमल। कस्बा क्षेत्र के गांव मौहारी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य ने कथा में बखान करते हुए पूतना बध, गोपी संवाद व गोवर्धन लीला का वर्णन किया।
सोमवार को कस्बा क्षेत्र के गांव मौहारी में चल रही भागवत कथा में आचार्य कमलाकांत दुबे ने परीक्षित संतोष शर्मा को पत्नी मिथलेश सहित उपस्थित श्रद्धालुओं को पूतना बध, कृष्ण लीला, गोपी उद्धव संवाद व गोवर्धन लीला का सुंदर ढंग से बखान किया।
उन्होंने बताया की जब भगवान कृष्ण छोटे थे तो उन्हें मारने के लिए कंस ने पूतना को भेजा था। जिसका भगवान कृष्ण ने वध करके एक अत्याचार का अध्याय समाप्त कर दिया था। सिद्ध कर दिया की भगवान अत्याचार, पाप व अन्याय के विरोध में सदैव भक्तों की रक्षा करते है।
विज्ञापन
इसके बाद आचार्य ने इंद्रदेव के घमंड व गोवर्धन् पर्वत की कथा सुनाई। कार्यक्रम की व्यवस्था में धीरेंद्र, दिलासाराम, पातीराम, बाबूराम, कन्हैया लाल, पारस शर्मा, रामप्रकाश, गंगाराम, सुदामा, बलवीर, राघवेंद्र, सिन्की, राजू सहित सैकड़ों श्रद्धालु जुटे रहे।
विज्ञापन
सोमवार को कस्बा क्षेत्र के गांव मौहारी में चल रही भागवत कथा में आचार्य कमलाकांत दुबे ने परीक्षित संतोष शर्मा को पत्नी मिथलेश सहित उपस्थित श्रद्धालुओं को पूतना बध, कृष्ण लीला, गोपी उद्धव संवाद व गोवर्धन लीला का सुंदर ढंग से बखान किया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया की जब भगवान कृष्ण छोटे थे तो उन्हें मारने के लिए कंस ने पूतना को भेजा था। जिसका भगवान कृष्ण ने वध करके एक अत्याचार का अध्याय समाप्त कर दिया था। सिद्ध कर दिया की भगवान अत्याचार, पाप व अन्याय के विरोध में सदैव भक्तों की रक्षा करते है।
विज्ञापन
इसके बाद आचार्य ने इंद्रदेव के घमंड व गोवर्धन् पर्वत की कथा सुनाई। कार्यक्रम की व्यवस्था में धीरेंद्र, दिलासाराम, पातीराम, बाबूराम, कन्हैया लाल, पारस शर्मा, रामप्रकाश, गंगाराम, सुदामा, बलवीर, राघवेंद्र, सिन्की, राजू सहित सैकड़ों श्रद्धालु जुटे रहे।