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त्योहार पर घटी घेवर की मांग
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Fri, 13 Nov 2015 11:09 PM IST
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भैयादूज पर मिठाइयों की दुकानों पर शुक्रवार को जमकर भीड़ दिखाई दी। सुबह से ही दुकानों पर इमरती और बालूशाही की डिमांड रही। घेवर की मांग कम होने पर अधिकांश दुकानों से यह मिठाई नदारत रही।
भैयादूज पर मिठाई की दुकानों पर इमरती और बालूशाही की जमकर बिक्री हुई। हालांकि महंगाई का असर मिठाई की बिक्री पर दिखाई दिया। इसके बाद भी मिठाई की खरीदारी हुई। सूखी मिठाई का बाजार भी खूब गर्म रहा। इस बार पर्व पर बाजार के भाव पर नजर डाले तो देशी घी की मिठाई में इमरती 340, बालूशाही 300, छेना व गुलाब जामुन 250, सोन पापड़ी 300 रुपये प्रति किलो की दर से रही।
जबकि सूखी मिठाई में इमरती 120 से 140 तो बालूशाही 80 रुपये बिकी। वहीं घेवर अधिकांश दुकानों से गायब ही दिखा। रमाकांत स्वीट हाउस के संचालक दीपक पोरवाल ने बताया कि हर साल घेवर की मांग को देखते हुए इस बार भी मिठाई व्यापारियों ने दीपावली पर घेवर की तैयारी जोरशोर से की थी, लेकिन बिक्री कम होने के कारण भैया दूज पर यह मिठाई तैयार नहीं कराई। वहीं इमरती और बालूशाही की इस बार पिछले साल की तुलना मेें जमकर बिक्री हुई।
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भैयादूज पर मिठाई की दुकानों पर इमरती और बालूशाही की जमकर बिक्री हुई। हालांकि महंगाई का असर मिठाई की बिक्री पर दिखाई दिया। इसके बाद भी मिठाई की खरीदारी हुई। सूखी मिठाई का बाजार भी खूब गर्म रहा। इस बार पर्व पर बाजार के भाव पर नजर डाले तो देशी घी की मिठाई में इमरती 340, बालूशाही 300, छेना व गुलाब जामुन 250, सोन पापड़ी 300 रुपये प्रति किलो की दर से रही।
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जबकि सूखी मिठाई में इमरती 120 से 140 तो बालूशाही 80 रुपये बिकी। वहीं घेवर अधिकांश दुकानों से गायब ही दिखा। रमाकांत स्वीट हाउस के संचालक दीपक पोरवाल ने बताया कि हर साल घेवर की मांग को देखते हुए इस बार भी मिठाई व्यापारियों ने दीपावली पर घेवर की तैयारी जोरशोर से की थी, लेकिन बिक्री कम होने के कारण भैया दूज पर यह मिठाई तैयार नहीं कराई। वहीं इमरती और बालूशाही की इस बार पिछले साल की तुलना मेें जमकर बिक्री हुई।
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