{"_id":"68acab2ad3a49e0141089180","slug":"gauhani-kalan-lost-connectivity-due-to-flood-sikrodi-etawah-road-closed-auraiya-news-c-211-1-aur1006-130598-2025-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: बाढ़ से गौहानी कलां का टूटा संपर्क, सिकरोड़ी-इटावा मार्ग बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: बाढ़ से गौहानी कलां का टूटा संपर्क, सिकरोड़ी-इटावा मार्ग बंद
Mon, 25 Aug 2025 11:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
फोटो-25एयूआरपी - 19 सिकरोड़ी पुल के बाद इटावा मार्ग पर भरा पानी। संवाद
अजीतमल/अयाना। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना खतरे के निशान को पार कर चुकी है। इसका पानी लाल निशान के 83 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है।
नदी के जलस्तर में हर घंटे दो-तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। इससे तलहटी में बसे गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गांवों के संपर्क मार्ग डूबने लगे हैं।
अजीतमल के गौहानी कलां व सिकरोड़ी से लेकर अयाना के नौरी व मई गांव का संपर्क टूट चुका है। सिकरोड़ी-इटावा मार्ग पर भी पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। गांव में बिगड़ते हालात को देख प्रभावित लोग अपना सामान समेट कर ऊंचाई पर बने ठिकानों पर पहुंच रहे हैं। साथ ही हाईवे के किनारे भी अपना डेरा जमाए हैं।
उधर, प्रशासन ने भी गांवों में चौकसी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी जा रही है। अजीतमल में यमुना का पानी धीरे धीरे बढ़ रहा है। यहां गौहानी कलां व सिकरोड़ी की सड़कों पर पानी पहुंचने से संपर्क टूट गया है। अन्य गांवों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
विज्ञापन
सोमवार को सुबह आठ बजे यमुना का जलस्तर 113.3 तक पहुंच गया था, लेकिन शाम को यह बढ़कर 113.83 मीटर पर पहुंच गया था। सिंचाई विभाग के एक्सईएन संजय कुमार के मुताबिक यमुना नदी में मौजूदा गेज करीब सात लाख क्यूसेक पानी का है। जलस्तर में हर घंटे दो-तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि 24 घंटे में जलस्तर स्थिर होने का उन्होंने दावा किया है।
यमुना के उफनाने से गांव में बिगड़े हालात की बात करें तो बाढ़ के पानी से गौहानी कलां में रपटा पुल डूब गया है। जिससे गांव का अजीतमल क्षेत्र से संपर्क टूट गया है। सिकरोड़ी पुल से होकर इटावा को जाने वाली सड़क पर भी पानी पहुंच गया है। इससे इटावा जाने वाला संपर्क मार्ग भी बंद हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सिकरोड़ी, जुहीखा व बड़ेरा आदि गांव के पास तक पानी पहुंच चुका है। एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि कर्मचारियों को सचेत किया गया है। पानी बढ़ने पर सिकरोड़ी के लोग हनुमानगढ़ी परिषदीय स्कूल में ठहराए जाएंगे। आवागमन के लिए दो नावों की व्यवस्था की गई है।
नौरी व मई गांव का कटा संपर्क, ग्रामीण परेशान
अयाना। खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना नदी का पानी जुहीखा, गूंज, असेवा, असेवटा, रमपुरा, फरिहा, बीझलपुर, मिश्रपुर, सिखरना आदि गांवों के किनारे पहुंच गया है। वहीं मई व नौरी के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से दोनों गांवों का संपर्क कट गया है। लोग बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए लगातार नदी के जलस्तर पर टकटकी लगाए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो सुबह तक पानी गांवों में पहुंच जाएगा। उन्हें दोबारा अपने घरों को छोड़ना पड़ जाएगा। खेतों में पानी भरने से उनकी फसलें भी चौपट हो गईं हैं।
वहीं प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर की निगरानी व ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए दोबारा से बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। थानाध्यक्ष अजय कुमार भी लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं। (संवाद)
विज्ञापन
नदी के जलस्तर में हर घंटे दो-तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। इससे तलहटी में बसे गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गांवों के संपर्क मार्ग डूबने लगे हैं।
अजीतमल के गौहानी कलां व सिकरोड़ी से लेकर अयाना के नौरी व मई गांव का संपर्क टूट चुका है। सिकरोड़ी-इटावा मार्ग पर भी पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। गांव में बिगड़ते हालात को देख प्रभावित लोग अपना सामान समेट कर ऊंचाई पर बने ठिकानों पर पहुंच रहे हैं। साथ ही हाईवे के किनारे भी अपना डेरा जमाए हैं।
विज्ञापन
उधर, प्रशासन ने भी गांवों में चौकसी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी जा रही है। अजीतमल में यमुना का पानी धीरे धीरे बढ़ रहा है। यहां गौहानी कलां व सिकरोड़ी की सड़कों पर पानी पहुंचने से संपर्क टूट गया है। अन्य गांवों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
विज्ञापन
सोमवार को सुबह आठ बजे यमुना का जलस्तर 113.3 तक पहुंच गया था, लेकिन शाम को यह बढ़कर 113.83 मीटर पर पहुंच गया था। सिंचाई विभाग के एक्सईएन संजय कुमार के मुताबिक यमुना नदी में मौजूदा गेज करीब सात लाख क्यूसेक पानी का है। जलस्तर में हर घंटे दो-तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि 24 घंटे में जलस्तर स्थिर होने का उन्होंने दावा किया है।
यमुना के उफनाने से गांव में बिगड़े हालात की बात करें तो बाढ़ के पानी से गौहानी कलां में रपटा पुल डूब गया है। जिससे गांव का अजीतमल क्षेत्र से संपर्क टूट गया है। सिकरोड़ी पुल से होकर इटावा को जाने वाली सड़क पर भी पानी पहुंच गया है। इससे इटावा जाने वाला संपर्क मार्ग भी बंद हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सिकरोड़ी, जुहीखा व बड़ेरा आदि गांव के पास तक पानी पहुंच चुका है। एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि कर्मचारियों को सचेत किया गया है। पानी बढ़ने पर सिकरोड़ी के लोग हनुमानगढ़ी परिषदीय स्कूल में ठहराए जाएंगे। आवागमन के लिए दो नावों की व्यवस्था की गई है।
नौरी व मई गांव का कटा संपर्क, ग्रामीण परेशान
अयाना। खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना नदी का पानी जुहीखा, गूंज, असेवा, असेवटा, रमपुरा, फरिहा, बीझलपुर, मिश्रपुर, सिखरना आदि गांवों के किनारे पहुंच गया है। वहीं मई व नौरी के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से दोनों गांवों का संपर्क कट गया है। लोग बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए लगातार नदी के जलस्तर पर टकटकी लगाए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो सुबह तक पानी गांवों में पहुंच जाएगा। उन्हें दोबारा अपने घरों को छोड़ना पड़ जाएगा। खेतों में पानी भरने से उनकी फसलें भी चौपट हो गईं हैं।
वहीं प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर की निगरानी व ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए दोबारा से बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। थानाध्यक्ष अजय कुमार भी लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं। (संवाद)