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चार बूचड़खाने सीज
औरैया
Updated Fri, 24 Mar 2017 12:10 AM IST
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कागज दिखाते इसरार।
- फोटो : अमर उजाला
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अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों के खिलाफ प्रशासन एक्शन में आ गया है। गुरुवार को ताबड़तोेड़ कार्रवाई हुईं। इससे मुस्लिम बस्तियों में हड़कंप मच गया। सपा सरकार के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री के गांव में तीन और सहार कस्बे में एक बूचड़खाने को सीज किया गया।
एसडीएम सदर ने बताया कि मौके पर मालिकों के न आने पर बूचड़खाने सीज कर दिए गए। खानपुर गांव में तीन और सहार में एक बूचड़खाने को सीज किया गया।
गुरुवार की दोपहर बूचड़खानों के खिलाफ अभियान चला। एसडीएम सदर राजेंद्र कुमार, सीओ सिटी कुलदीप कुकरेती ने पुलिस फोर्स के साथ सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मोहम्म्द इरशाद के गांव खानपुर के बूचड़खानों पर छापा मारा। पुलिस फोर्स को देख बस्ती में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों ने बूचड़खानों की तलाशी ली। बूचड़खाने चालू हालत में तो नहीं मिले लेकिन तराजू, मांस के टुकड़े, चमड़ा, जानवरों के बाल, मशीन व हड्डियां मिलने वाली जगहों के संबंध में जानकारी जुटाई गई। इसके लिए अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। किसी के जवाब न देने पर पुलिस ने तीन स्थानों को सीज करने की कार्रवाई की। इसरार पुत्र अजीज, आलमगीर पुत्र रसूल बख्श और हाजी गुलाम रसूल की जगह को सीज किया गया।
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इसरार पुत्र अजीज ने बताया कि उन्हें नगर पालिका से ठेका मिला है। यह मार्च तक का है। पूरे कागज न दिखा पाने पर अधिकारियों ने बात नहीं सुनी। एसडीएम ने बताया कि सीज हुई जगह के मालिक कागजात दिखाएं तो सीज हुई जगह को खोल दिया जाएगा। इस मौके पर कोतवाल सुधाकर मिश्रा भी मौजूद रहे। लगभग दो घंटे की कार्रवाई के बीच बस्ती के लोग मूकदर्शक बने रहे।
सहार प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के पास गांव पुरवारावत में बूचड़खाने संचालित होने की जानकारी पर एसडीएम बिधूना ब्रजेश, सीओ बिधूना सुभाष अत्री, बेला एसओ अखिलेश मिश्रा व सहार चौकी प्रभारी ने छापेमारी की। यहां आबिद पुत्र अब्दुल लतीफ के मकान को सीज करने की कार्रवाई की गई। एसडीएम ने बताया कि उन्हें बताया गया कि यहां बूचड़खाना चलाने के लिए 1999 में लाइसेंस मिला। यह 2007 तक चला। इसके बाद लाइसेंस न मिलने से बूचड़खाना नहीं चलाया जा रहा है। यहां मिले बाल आदि को देखते हुए जगह को सीज करने की कार्रवाई की गई है।
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एसडीएम सदर ने बताया कि मौके पर मालिकों के न आने पर बूचड़खाने सीज कर दिए गए। खानपुर गांव में तीन और सहार में एक बूचड़खाने को सीज किया गया।
गुरुवार की दोपहर बूचड़खानों के खिलाफ अभियान चला। एसडीएम सदर राजेंद्र कुमार, सीओ सिटी कुलदीप कुकरेती ने पुलिस फोर्स के साथ सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मोहम्म्द इरशाद के गांव खानपुर के बूचड़खानों पर छापा मारा। पुलिस फोर्स को देख बस्ती में हड़कंप मच गया।
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अधिकारियों ने बूचड़खानों की तलाशी ली। बूचड़खाने चालू हालत में तो नहीं मिले लेकिन तराजू, मांस के टुकड़े, चमड़ा, जानवरों के बाल, मशीन व हड्डियां मिलने वाली जगहों के संबंध में जानकारी जुटाई गई। इसके लिए अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। किसी के जवाब न देने पर पुलिस ने तीन स्थानों को सीज करने की कार्रवाई की। इसरार पुत्र अजीज, आलमगीर पुत्र रसूल बख्श और हाजी गुलाम रसूल की जगह को सीज किया गया।
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इसरार पुत्र अजीज ने बताया कि उन्हें नगर पालिका से ठेका मिला है। यह मार्च तक का है। पूरे कागज न दिखा पाने पर अधिकारियों ने बात नहीं सुनी। एसडीएम ने बताया कि सीज हुई जगह के मालिक कागजात दिखाएं तो सीज हुई जगह को खोल दिया जाएगा। इस मौके पर कोतवाल सुधाकर मिश्रा भी मौजूद रहे। लगभग दो घंटे की कार्रवाई के बीच बस्ती के लोग मूकदर्शक बने रहे।
सहार प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के पास गांव पुरवारावत में बूचड़खाने संचालित होने की जानकारी पर एसडीएम बिधूना ब्रजेश, सीओ बिधूना सुभाष अत्री, बेला एसओ अखिलेश मिश्रा व सहार चौकी प्रभारी ने छापेमारी की। यहां आबिद पुत्र अब्दुल लतीफ के मकान को सीज करने की कार्रवाई की गई। एसडीएम ने बताया कि उन्हें बताया गया कि यहां बूचड़खाना चलाने के लिए 1999 में लाइसेंस मिला। यह 2007 तक चला। इसके बाद लाइसेंस न मिलने से बूचड़खाना नहीं चलाया जा रहा है। यहां मिले बाल आदि को देखते हुए जगह को सीज करने की कार्रवाई की गई है।