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Auraiya News: पहले बच्चों को ट्रैक पर फेंका, फिर दूसरी ट्रेन के आगे कूदी महिला

Thu, 03 Apr 2025 11:11 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:11 PM IST
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First she threw her children on the tracks, then the woman jumped in front of another train
दिबियापुर (औरैया)। बेटी को किताबें दिलाने के लिए बच्चों संग निकली महिला ने डाउन लाइन पर गुजर रही ट्रेन के आगे एक-एक करके दोनों बच्चों को धकेल दिया। हादसे में बेटे के शरीर के दो टुकड़े हो गए, जबकि बेटी का हाथ कटने के साथ सिर में चोट आई।
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दोनों बच्चों की मौत के बाद महिला अप लाइन पर जा रही फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन के आगे खड़ी हो गई। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन महिला इंजन से टकरा गई, जिससे सिर में चोटें आईं। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने महिला को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। यह हादसा बुधवार रात पाता स्टेशन के पूर्वी यार्ड के पास हुआ।
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दिबियापुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पीछे रहने वाले राघवेंद्र सिंह की इलेक्ट्रॉनिक की दुकान है। उनके तीन बच्चों में बेटा आरुष (7), बेटी दिव्यांशी (4) और एक डेढ़ साल का बेटा लल्ला है। बुधवार शाम राघवेंद्र की पत्नी नीतू कुशवाहा (29) बेटी दिव्यांशी को कक्षा यूकेजी की किताबें दिलाने के लिए बेटे लल्ला व दिव्यांशी को साथ लेकर घर से निकली। फोन स्विच ऑफ होने व देर शाम तक घर न लौटने पर परिजन उसकी खोजबीन कर रहे थे। इसी बीच नीतू बच्चों को पाता स्टेशन के पूर्वी यार्ड के पास ले गई। वहां उसने डाउन लाइन पर गुजर रही ट्रेन के आगे पहले मासूम लल्ला को फेंक दिया। इससे उसके शरीर के दो टुकड़े हो गए।
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इसके बाद बेटी दिव्यांशी को भी ट्रेन की ओर धकेल दिया। हाथ कटने, चेहरे व सिर में चोट आने से उसने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद महिला ने खुद को मारने के लिए रात 11:10 बजे के करीब अप लाइन पर दिल्ली की ओर जा रही फरक्का एक्सप्रेस को आता देख ट्रैक पर खड़ी हो गई। ट्रैक पर मरम्मत कार्य होने की वजह से लगाए गए कॉशन के चलते ट्रेन की गति कम थी। लोको पायलट की समय रहते ट्रैक पर खड़ी नीतू पर नजर पड़ गई। ऐसे में इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन इंजन की चपेट में आने से नीतू घायल हो गई।
लोको पायलट ने घटना का मेमो पाता स्टेशन मास्टर को दिया। रात 11:25 पर जीआरपी ने घायल नीतू को उपचार के लिए चिचौली मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। साथ ही दोनों शवों को ट्रैक से हटवाकर छानबीन की। इसी बीच वहां पहुंचे महिला के परिजनों ने शवों को देख बच्चों की शिनाख्त की। नीतू के ससुर मान सिंह ने बताया कि नीतू मानसिक बीमार है। उसका साल भर से कानपुर व कन्नौज से उपचार चल रहा है।

उधर, फफूंद जीआरपी चौकी प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों से की गई पूछताछ में सामने आया कि नीतू ने पहले दोनों बच्चों को डाउन ट्रैक पर ट्रेन आने के दौरान ढकेला था। बाद में स्वयं अप लाइन पर आ रही फरक्का के सामने खड़ी हो गई थी। ट्रेन की चपेट में आकर महिला घायल हो गई थी। दोनों बच्चों के शव डाउन लाइन पर मिले हैं, महिला घायल हालत में अप ट्रैक पर मिली है। छानबीन की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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