{"_id":"68c84ff82387beb8c90022d0","slug":"films-played-an-important-role-in-the-expansion-of-hindi-auraiya-news-c-211-1-aur1008-131567-2025-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: हिंदी के विस्तार में फिल्मों की अहम भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: हिंदी के विस्तार में फिल्मों की अहम भूमिका
Mon, 15 Sep 2025 11:12 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 15 Sep 2025 11:12 PM IST
विज्ञापन
फोटो-15 एयूआरपी 16 कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं। संवाद
दिबियापुर। विवेकानंद ग्रामोद्योग महाविद्यालय में हिंदी सप्ताह के तहत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मनीषियों ने हिंदी के विस्तार व प्रचार-प्रसार पर प्रकाश डाला। कहा कि हिंदी के विस्तार में हिंदी फिल्मों की महती भूमिका है।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के गायन से हुई। प्राचार्य प्रो.इकरार अहमद ने कहा कि हिंदी फिल्मों ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है, जो देश व प्रदेश हिंदी का विरोध करते हैं। वह भी हिंदी फिल्मों और गीतों को प्राथमिकता देते हैं। डॉ.यश कुमार ने हिंदी भाषियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने पर बल दिया। श्री नंदन पांडेय ने त्रिभाषा सूत्र की ओर संकेत किया। अंग्रेजी शिक्षिका डॉ.निकिता अग्रवाल ने कहा कि भाषा सभ्यता व संस्कृति से हमें जोड़कर रखती है। जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश तिवारी ने विद्यार्थियों को हिंदी में हस्ताक्षर करने का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने हिंदी कविता का पाठ किया। दिव्यांशी गुप्ता, मेघा, कंचन व रश्मि ने हिंदी पर विचार रखे। आचार्य योगेश कुमार मिश्र ने कहा कि भाषा विवाद का नहीं, बल्कि ज्ञान के विस्तार का विषय होना चाहिए। इस अवसर पर डॉ.शशिभूषण सिंह, हिमांशु, डॉ.रोहित गुप्ता व डॉ. श्यामनारायण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के गायन से हुई। प्राचार्य प्रो.इकरार अहमद ने कहा कि हिंदी फिल्मों ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है, जो देश व प्रदेश हिंदी का विरोध करते हैं। वह भी हिंदी फिल्मों और गीतों को प्राथमिकता देते हैं। डॉ.यश कुमार ने हिंदी भाषियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने पर बल दिया। श्री नंदन पांडेय ने त्रिभाषा सूत्र की ओर संकेत किया। अंग्रेजी शिक्षिका डॉ.निकिता अग्रवाल ने कहा कि भाषा सभ्यता व संस्कृति से हमें जोड़कर रखती है। जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश तिवारी ने विद्यार्थियों को हिंदी में हस्ताक्षर करने का संकल्प दिलाया।
विज्ञापन
इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने हिंदी कविता का पाठ किया। दिव्यांशी गुप्ता, मेघा, कंचन व रश्मि ने हिंदी पर विचार रखे। आचार्य योगेश कुमार मिश्र ने कहा कि भाषा विवाद का नहीं, बल्कि ज्ञान के विस्तार का विषय होना चाहिए। इस अवसर पर डॉ.शशिभूषण सिंह, हिमांशु, डॉ.रोहित गुप्ता व डॉ. श्यामनारायण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन