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Auraiya News: जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में महिला सफाई कर्मचारी को मिली जमानत

Thu, 16 Jul 2026 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Thu, 16 Jul 2026 12:19 AM IST
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Female sanitation worker granted bail in case involving death of mother and newborn.
औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी महिला सफाई कर्मचारी रेखा देवी को अग्रिम जमानत दे दी है।
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न्यायालय ने मंगलवार को मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह राहत प्रदान की है। दिबियापुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने 14 जून 2026 को थाने में सफाई कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं मृतका सपना के पति आनंद कुमार ने आरोप लगाया था कि 13 जून को जब वह पत्नी को प्रसव के लिए सीएचसी ले जा रहे थे, तब सफाई कर्मचारी रेखा ने उन्हें गेट पर रोक लिया।
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आरोप है कि रेखा ने सीएचसी में ज्यादा रुपये खर्च होने और ऑपरेशन की बात कहकर उन्हें बरगलाया। इसके बाद जबरदस्ती अपने घर ले जाकर प्रसव कराया, वहां अधिक खून बहने से सपना और नवजात की मौत हो गई।
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सुनवाई के दौरान रेखा की ओर से तर्क दिया गया कि वह निर्दोष है और उसे रंजिश के चलते फंसाया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने दाेनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पाया कि केस डायरी में मृतका के पति का शिकायती प्रार्थना पत्र संलग्न नहीं है और घटना का कोई स्वतंत्र चश्मदीद गवाह भी नहीं है।
अभियुक्ता का कोई आपराधिक इतिहास न होने और मामले की विवेचना प्रचलित होने के आधार पर न्यायालय ने एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और दो जमानतगीर पेश करने की शर्त पर रेखा की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। न्यायालय ने महिला को निर्देश दिया है कि वह साक्ष्यों को प्रभावित न करें, न्यायालय की अनुमति के बिना वह कहीं नहीं जाएंगी।
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चेक बाउंस होने पर निगरानी याचिका खारिज
औरैया। चेक बाउंस होने और धोखाधड़ी के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने आरोपी ओमप्रकाश दूत की ओर से दाखिल निगरानी याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से 29 मार्च 2019 को पारित उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें आरोपी को तलब किया गया था।

बांके बिहारी इंजीनियर्स (प्रोपराइटर आशीष कुमार) ने ओमप्रकाश दूत के खिलाफ एनआई एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। निचली अदालत ने साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी ओमप्रकाश दूत को समन जारी कर तलब किया था। इस आदेश के खिलाफ आरोपी ने अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में निगरानी याचिका दाखिल की थी।
निगरानीकर्ता का तर्क था कि उसने चेक अपने ठेकेदार को सुरक्षा के तौर पर दी थी, न कि बांके बिहारी इंजीनियर्स को। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। वहीं, सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने ओमप्रकाश दूत की निगरानी याचिका को निरस्त करते हुए 29 मार्च 2019 के आदेश को पुष्ट कर दिया। (संवाद)
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बहू की दहेज हत्या में सास को अग्रिम जमानत
औरैया। अजीतमल थाना क्षेत्र के दहेज हत्या मामले में नामजद आरोपी सास को जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी सास नीलम देवी की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर ली है। वादी संजय सिंह ने 31 अगस्त 2025 को अजीतमल थाने में तहरीर दी थी कि उनकी बेटी प्रिया का विवाह 23 नवंबर 2023 को मयंक परिहार के साथ हुआ था।
दहेज के लिए 31 अगस्त 2025 को ससुरालीजन ने उसकी गर्भवती बेटी की हत्या कर उसे फंदे से लटका दिया। न्यायालय में आरोपी सास नीलम देवी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि नीलम अपने पति के साथ कई वर्षों से अहमदाबाद में रह रही हैं। घटना के समय भी वह अहमदाबाद में ही थीं। मृतका के पति की जमानत पहले ही उच्च न्यायालय से हो चुकी है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सास की अग्रिम जमानत स्वीकार कर ली। आरोपी को एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो जमानती दाखिल करने के आदेश दिए। (संवाद)
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बीमार आरोपी को कोर्ट ने दी जमानत


औरैया। विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी की अदालत ने दिबियापुर क्षेत्र के एक मामले में बीमार चल रहे आरोपी पंकज सिंह की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने आरोपी को 30 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की जमानतगीर पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया।

पंकज पर एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है। अधिवक्ता ने दलील दी कि बुखार और लिवर इन्फेक्शन के कारण कोर्ट में हाजिर न होने पर उसके खिलाफ गैर-जमानतीय वारंट जारी हुआ था, जिसके बाद वह नौ जुलाई से इटावा जेल में बंद था। अदालत ने मानवीय आधार पर यह राहत दी है।(संवाद)
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