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Auraiya News: नुकसान के हवा-हवाई सर्वे से किसान परेशान
Tue, 04 Apr 2023 01:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 04 Apr 2023 01:11 AM IST
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नुकसान के हवा-हवाई सर्वे से किसान परेशान
फोटो 03 एयूआरपी -19 - एरवाकटरा में खेत में भींगे पड़े गेहूं के गठ्ठर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। गेहूं की फसल पर मौसम की मार की हकीकत जिधर भी जाओ, किसान निराश और बेबस दिखाई देते हैं। फसल में नुकसान का जिक्र करते ही किसान परेशान हो उठते हैं। किसानों का कहना है कि मुआवजे को लेकर वह संशय में है। खेतों में गिरे गेहूं को देखने कोई मौके पर नहीं आया तो फिर नुकसान की भरपाई के लिए किए जाने वाले दावों का काम कैसे निपटाया जा रहा है।
जिले में बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को खासा नुकसान हुआ है। किसान 20 प्रतिशत नुकसान बता रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन सात से आठ प्रतिशत नुकसान की बात कर रहा है, लेकिन जब फसलों का सर्वे ही नहीं कराया गया है तो नुकसान का आकलन कैसे कर लिया गया। मार्च महीने में तेज हवाओं के साथ करीब 15 मिली मीटर बारिश हुई। अधिकांश गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई।
किसानों का कहना है कि फसल में नुकसान के बारे में सभी को पता है, लेकिन असलियत को माना नहीं जा रहा है। सर्वे के लिए कृषि विभाग के कर्मचारी नहीं आए हैं, सर्वे के नाम पर कर्मचारी एक-दो जगह पर जाकर खानापूर्ति कर रहे हैं। ब्लॉक भाग्यनगर में ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारी सर्वे कराए जाने की बात कर रहे हैं। इसके अलावा औरैया, अजीतमल, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार ब्लॉक में तेज हवा और बारिश से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है।
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गेहूं की मड़ाई का काम प्रभावित
शुक्रवार की रात को हुई तेज हवा के साथ झमाझम बारिश से खेतों में कटे पड़े गेहूं व जौं के गठ्ठर भींग गए हैं। जिससे गेहूं की मड़ाई का काम प्रभावित हो गया है। किसानों का कहना है कि इन गठ्ठरों को सूखने में चार से पांच दिनों का समय लगेगा। एक सप्ताह बाद ही गेहूं की मड़ाई का काम शुरू हो सकेगा। अभी भी बदली छाई हुई, आगे बारिश हुई तो फसल और बर्बाद हो जाएगी।
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बोले किसान-- -
फोटो 03 एयूआरपी -20 - सतीश पाल
गेहूं की फसल में नुकसान देखने के लिए किसी भी कर्मचारी के मौके पर न आने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। दफ्तर में बैठकर अफसर आकलन कर लेंगे तो नुकसान के हिसाब से सभी को मुआवजा नहीं मिल पाएगा। - सतीश पाल, जयसिंहपुर कनक
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फोटो 03 एयूआरपी -21 - सुभाष चंद्र बाथम
मौसम की मार से किसानों को होने वाले नुकसान को लेकर अफसरों को हकीकत पर गौर करना चाहिए। नुकसान तो सभी किसानों का हुआ है। लेकिन किसी का कम तो किसी का अधिक लेकिन मुआवजा सभी को बराबर दे दिया जाता है। - सुभाष चंद्र बाथम, उमरैन
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फोटो 03 एयूआरपी -22 - सूरजपाल प्रजापति
पिछले एक सप्ताह में दो-तीन बार मौसम का मिजाज बदलने से किसान को बहुत नुकसान हुआ है। बारिश के दौरान तेज हवा चलने से खेतों में गिरे गेहूं की पैदावार कम होने की आशंका बनी हुई है। इसकी भरपाई कैसे होगी। इसको लेकर असमंजस है। - सूरजपाल प्रजापति, उमरैन
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फोटो 03 एयूआरपी -23 - सुखवीर यादव
बारिश से गेहूं आधे से अधिक खेत ही में गिर गया है। अभी तक किसी भी खेत में गेहूं की स्थिति देखने के लिए कोई नहीं आया है। मुआवजा मिलेगा या नहीं यह भी अफसर ही जाने। - सुखवीर यादव, ईश्वरपुर
बोले जिम्मेदार
जिले में तेज हवा और बारिश से हुई क्षति के लिए कृषि, राजस्व और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की टीम सभी ब्लॉकों में सर्वे कर रही है। पांच अप्रैल तक रिपोर्ट मिलने की संभावना है। तभी क्षति के सही आंकलन का अनुमान लगाना संभव हो सकेगा। - शैलेंद्र कुमार वर्मा, उप कृषि निदेशक
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फोटो 03 एयूआरपी -19 - एरवाकटरा में खेत में भींगे पड़े गेहूं के गठ्ठर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। गेहूं की फसल पर मौसम की मार की हकीकत जिधर भी जाओ, किसान निराश और बेबस दिखाई देते हैं। फसल में नुकसान का जिक्र करते ही किसान परेशान हो उठते हैं। किसानों का कहना है कि मुआवजे को लेकर वह संशय में है। खेतों में गिरे गेहूं को देखने कोई मौके पर नहीं आया तो फिर नुकसान की भरपाई के लिए किए जाने वाले दावों का काम कैसे निपटाया जा रहा है।
जिले में बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को खासा नुकसान हुआ है। किसान 20 प्रतिशत नुकसान बता रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन सात से आठ प्रतिशत नुकसान की बात कर रहा है, लेकिन जब फसलों का सर्वे ही नहीं कराया गया है तो नुकसान का आकलन कैसे कर लिया गया। मार्च महीने में तेज हवाओं के साथ करीब 15 मिली मीटर बारिश हुई। अधिकांश गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई।
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किसानों का कहना है कि फसल में नुकसान के बारे में सभी को पता है, लेकिन असलियत को माना नहीं जा रहा है। सर्वे के लिए कृषि विभाग के कर्मचारी नहीं आए हैं, सर्वे के नाम पर कर्मचारी एक-दो जगह पर जाकर खानापूर्ति कर रहे हैं। ब्लॉक भाग्यनगर में ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारी सर्वे कराए जाने की बात कर रहे हैं। इसके अलावा औरैया, अजीतमल, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार ब्लॉक में तेज हवा और बारिश से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है।
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गेहूं की मड़ाई का काम प्रभावित
शुक्रवार की रात को हुई तेज हवा के साथ झमाझम बारिश से खेतों में कटे पड़े गेहूं व जौं के गठ्ठर भींग गए हैं। जिससे गेहूं की मड़ाई का काम प्रभावित हो गया है। किसानों का कहना है कि इन गठ्ठरों को सूखने में चार से पांच दिनों का समय लगेगा। एक सप्ताह बाद ही गेहूं की मड़ाई का काम शुरू हो सकेगा। अभी भी बदली छाई हुई, आगे बारिश हुई तो फसल और बर्बाद हो जाएगी।
बोले किसान
फोटो 03 एयूआरपी -20 - सतीश पाल
गेहूं की फसल में नुकसान देखने के लिए किसी भी कर्मचारी के मौके पर न आने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। दफ्तर में बैठकर अफसर आकलन कर लेंगे तो नुकसान के हिसाब से सभी को मुआवजा नहीं मिल पाएगा। - सतीश पाल, जयसिंहपुर कनक
फोटो 03 एयूआरपी -21 - सुभाष चंद्र बाथम
मौसम की मार से किसानों को होने वाले नुकसान को लेकर अफसरों को हकीकत पर गौर करना चाहिए। नुकसान तो सभी किसानों का हुआ है। लेकिन किसी का कम तो किसी का अधिक लेकिन मुआवजा सभी को बराबर दे दिया जाता है। - सुभाष चंद्र बाथम, उमरैन
फोटो 03 एयूआरपी -22 - सूरजपाल प्रजापति
पिछले एक सप्ताह में दो-तीन बार मौसम का मिजाज बदलने से किसान को बहुत नुकसान हुआ है। बारिश के दौरान तेज हवा चलने से खेतों में गिरे गेहूं की पैदावार कम होने की आशंका बनी हुई है। इसकी भरपाई कैसे होगी। इसको लेकर असमंजस है। - सूरजपाल प्रजापति, उमरैन
फोटो 03 एयूआरपी -23 - सुखवीर यादव
बारिश से गेहूं आधे से अधिक खेत ही में गिर गया है। अभी तक किसी भी खेत में गेहूं की स्थिति देखने के लिए कोई नहीं आया है। मुआवजा मिलेगा या नहीं यह भी अफसर ही जाने। - सुखवीर यादव, ईश्वरपुर
बोले जिम्मेदार
जिले में तेज हवा और बारिश से हुई क्षति के लिए कृषि, राजस्व और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की टीम सभी ब्लॉकों में सर्वे कर रही है। पांच अप्रैल तक रिपोर्ट मिलने की संभावना है। तभी क्षति के सही आंकलन का अनुमान लगाना संभव हो सकेगा। - शैलेंद्र कुमार वर्मा, उप कृषि निदेशक