फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Farmers create ruckus over not getting DAP, police had to be called

Auraiya News: डीएपी न मिलने पर किसानों का हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस

Wed, 16 Oct 2024 12:57 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2024 12:57 AM IST
विज्ञापन
Farmers create ruckus over not getting DAP, police had to be called
अछल्दा। बैसोली समिति पर पहुंचे किसानों को डीएपी न मिलने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। किसानों के बीच धक्का-मुक्की बढ़ती देख सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। इस बीच खाद न मिल पाने के कारण कई किसानों को खाद के बदले मायूसी के साथ वापस होना पड़ा।
विज्ञापन


इस समय रबी सीजन की फसल खासकर आलू ,गेहूं की बुआई के लिए किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है। इसके लिए मारामारी शुरू हो गई है। मंगलवार को बैसोली सहकारी समिति पर सुबह से ही किसान पहुंचने शुरू हो गए। कुछ ही देर में वहां पर काफी संख्या में किसान जुट गए। खाद पर्याप्त न होने की बात सुनकर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते सचिव संतोष कुमार को पुलिस बुलानी पड़ी।
विज्ञापन

नाराज किसानों का कहना था कि वे खाद के लिए सुबह आठ बजे ही आ गए थे। खाद केंद्र खुलने से पहले ही यहां पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए थे, लेकिन सचिव ने आते ही कहा कि लाइन से एक-एक कर अंगूठे लगाने के बाद खाद दी जाएगी। किसानों का अंगूठा लगाने के बाद कुछ किसानों को खाद वितरण की गई। इस बीच किसान धक्का-मुक्की करने लगे। मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने किसानों को समझाकर किसी तरह से शांत करवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सचिव ने विभाग से भेजी गई डीएपी खाद को ट्रैक्टर से उतारने के बाद खाद वितरण करना बंद कर दिया। जिससे कई किसान खाद न मिलने से निराश होकर लौट गए। जिससे उनमें बहुत आक्रोश व्याप्त रहा।

------------

पिछली बार हुई थी परेशानी, इस बार स्टॉक कर रहे किसान

अभी गेहूं की बुआई करने के लिए अधिक समय बचा हुआ है। उसके लिए डीएपी खाद की जरूरत पड़ेगी। किसान अभी से इसका स्टॉक करने में लगे हुए हैं। कहीं समय पर खाद उपलब्ध न हो उनको इसकी चिंता सता रही है। क्योंकि पिछले सीजन में किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।


--------------
डीएपी पर्याप्त मात्रा में है, 300 बोरी और आने को है। बुधवार सुबह किसानों को खाद पुलिस की निगरानी में मिलेगी। अब किसानों को आवश्यकता के अनुसार खाद दी जा रही है। कुछ किसान कई-कई आधार कार्ड लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे वितरण की व्यवस्था गड़बड़ हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी डीएपी की जरूरत नहीं है। गेहूं की बुआई का समय नवंबर से दिसंबर की शुरुआत तक होता है। - संतोष कुमार, सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed