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Auraiya News: किसानों ने चंदा जोड़ा, गोवंशों को गोशाला छोड़ा
Sun, 11 Jan 2026 11:27 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:27 PM IST
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फोटो-25-प्लॉट में एकत्र किए गए आवारा गोवंश।संवाद
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अयाना। ग्राम पंचायत ऐमा सेंगनपुर के किसानों ने अन्ना गोवंशों से अपनी गेहूं की फसल बचाने के लिए अनोखा कदम उठाया। कई शिकायतों के बाद भी सुनवाई न होने से परेशान किसानों ने चंदा जमाकर अन्ना गोवंशों को पकड़कर गोशाला भेजने की व्यवस्था की। किसानों ने पहले गोवंश एक खाली प्लॉट में एकत्र किए फिर वाहनों से उन्हें गोशाला भिजवा दिया।
किसानों ने बताया कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कोके दुबे, छोटू त्रिपाठी, रविकांत और वैभव सहित कई किसानों ने मिलकर लगभग 28 गोवंशों को पकड़कर खाली प्लॉट में एकत्र किया। इसके बाद वाहनों से उन्हें सिखरना गोशाला में पहुंचा दिया। किसानों ने बताया कि अन्ना गोवंशों के कारण उनकी गेहूं की फसल बर्बाद हो रही थी।
किसानों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई समाधान न मिलने पर उन्होंने अपनी समस्या का हल खुद निकालने का फैसला किया। गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए लोडर का खर्च निकालने के लिए ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया।
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किसानों का कहना था कि ठंड में गोवंश को सहारा भी मिल जाएगा और उनकी फसलों की सुरक्षा भी हो जाएगी। इस मामले में बीडीओ आदित्य तिवारी ने बताया कि किसान अन्ना मवेशियों को गोशाला में संरक्षित करवा सकते हैं। ग्राम प्रधान व सचिव के स्तर से गोवंशों को संरक्षित न करवाए जाने के मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों ने बताया कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कोके दुबे, छोटू त्रिपाठी, रविकांत और वैभव सहित कई किसानों ने मिलकर लगभग 28 गोवंशों को पकड़कर खाली प्लॉट में एकत्र किया। इसके बाद वाहनों से उन्हें सिखरना गोशाला में पहुंचा दिया। किसानों ने बताया कि अन्ना गोवंशों के कारण उनकी गेहूं की फसल बर्बाद हो रही थी।
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किसानों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई समाधान न मिलने पर उन्होंने अपनी समस्या का हल खुद निकालने का फैसला किया। गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए लोडर का खर्च निकालने के लिए ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया।
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किसानों का कहना था कि ठंड में गोवंश को सहारा भी मिल जाएगा और उनकी फसलों की सुरक्षा भी हो जाएगी। इस मामले में बीडीओ आदित्य तिवारी ने बताया कि किसान अन्ना मवेशियों को गोशाला में संरक्षित करवा सकते हैं। ग्राम प्रधान व सचिव के स्तर से गोवंशों को संरक्षित न करवाए जाने के मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।