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Auraiya News: मेडिकल कॉलेज में दो साल बाद भी शुरू नहीं हो सके आंखों के ऑपरेशन
Sun, 29 Mar 2026 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:39 AM IST
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औरैया। मेडिकल कॉलेज के अलग-अलग विभागों में मरीजों को शल्य चिकित्सा की सुविधाओं पर विशेष जोर है। वहीं, आंखों के रोगियों को शल्य चिकित्सा की सुविधा दो साल बाद भी नहीं मिल सकी है।
मोतियाबिंद व अन्य ऑपरेशन यहां बंद हैं। ऐसे में मरीजों को आंखों के ऑपरेशन के लिए बिधूना व कानपुर नगर का रुख करना पड़ रहा है।
चिचौली मेडिकल कॉलेज के संचालन को दो साल पूरे हो गए हैं। अलग-अलग विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टर और सर्जन टीम के साथ सामान्य व गंभीर ऑपरेशन भी होने लगे है। वहीं, नेत्र रोग विभाग में यह कवायद पूरी तरह से ठप है।
इस विभाग में ओटी स्टाफ का अभाव है। ऐसे में शल्य चिकित्सा पूरी तरह से बंद पड़ी है। जबकि आंखों के ऑपरेशन के लिए ओटी में माइक्रोस्कोप से लेकर अन्य जरूरी संसाधन पर्याप्त मात्रा में है। हालांकि विभाग की ओर से इसे लेकर पत्राचार भी किया जा चुका है। जरूरी स्टाफ की मांग भेजी जा चुकी है।
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उधर, मेडिकल कॉलेज में नेत्र रोगियों का ओपीडी में पहुंचना जारी है। रोजाना 100 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। उन्हें महज ड्रॉप और दवा देकर चलता किया जा रहा है। खासतौर पर मोतियाबिंद के मरीजों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऑपरेशन न हो पाने पर मरीजों को बिधूना व कानपुर का रुख करना पड़ रहा है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम तिवारी मेटरनिटी लीव पर हैं। ऑप्टोमेट्रिस्ट व ओटी स्टाफ की कमी को पूरा किया जाएगा। जल्द ही आंखों के ऑपरेशन शुरू कराए जाएंगे। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।-डॉ. पवन कुमार शर्मा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
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मोतियाबिंद व अन्य ऑपरेशन यहां बंद हैं। ऐसे में मरीजों को आंखों के ऑपरेशन के लिए बिधूना व कानपुर नगर का रुख करना पड़ रहा है।
चिचौली मेडिकल कॉलेज के संचालन को दो साल पूरे हो गए हैं। अलग-अलग विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टर और सर्जन टीम के साथ सामान्य व गंभीर ऑपरेशन भी होने लगे है। वहीं, नेत्र रोग विभाग में यह कवायद पूरी तरह से ठप है।
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इस विभाग में ओटी स्टाफ का अभाव है। ऐसे में शल्य चिकित्सा पूरी तरह से बंद पड़ी है। जबकि आंखों के ऑपरेशन के लिए ओटी में माइक्रोस्कोप से लेकर अन्य जरूरी संसाधन पर्याप्त मात्रा में है। हालांकि विभाग की ओर से इसे लेकर पत्राचार भी किया जा चुका है। जरूरी स्टाफ की मांग भेजी जा चुकी है।
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उधर, मेडिकल कॉलेज में नेत्र रोगियों का ओपीडी में पहुंचना जारी है। रोजाना 100 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। उन्हें महज ड्रॉप और दवा देकर चलता किया जा रहा है। खासतौर पर मोतियाबिंद के मरीजों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऑपरेशन न हो पाने पर मरीजों को बिधूना व कानपुर का रुख करना पड़ रहा है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम तिवारी मेटरनिटी लीव पर हैं। ऑप्टोमेट्रिस्ट व ओटी स्टाफ की कमी को पूरा किया जाएगा। जल्द ही आंखों के ऑपरेशन शुरू कराए जाएंगे। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।-डॉ. पवन कुमार शर्मा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज