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Auraiya News: इमरजेंसी ओपीडी समेत सब कुछ अधीक्षक के हवाले

Sat, 18 Jan 2025 11:10 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2025 11:10 PM IST
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Everything including emergency OPD was handed over to the superintendent.
ओपीडी में मरीजों को परामर्श देते अधीक्षक डॉ. विजय आनंद। - फोटो : ओपीडी में मरीजों को परामर्श देते अधीक्षक डॉ. विजय आनंद।
औरैया/दिबियापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों बीमार है। इसके पीछे यहां पर डॉक्टरों की कमी है।
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यहां पर डॉक्टरों के स्वीकृत पदों के सापेक्ष महज दो की तैनाती है। उनमें भी एक डॉक्टर की कुंभ में ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में सीएचसी अब अकेले अधीक्षक के हवाले है। वह प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ इमरजेंसी और ओपीडी भी संभालते हैं। सर्दी के सीजन में मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में सीएचसी का संचालन उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं।
सीएचसी दिबियापुर के कंधे पर इलाके की 73 ग्राम पंचायतों और फफूंद व दिबियापुर नगर पंचायतों की आबादी के बेहतर स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। सीएचसी की स्थापना के समय यहां पर डॉक्टर के छह पद स्वीकृत हुए थे। डॉक्टर मिले भी थे। सेवाएं भी बेहतर हुई थीं, लेकिन चिकित्सकों के स्थानांतरण व रिटायरमेंट के साथ पद रिक्त होते चले गए। दोबारा रिक्त पदों पर तैनाती नहीं की जा सकी।
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मौजूदा समय में अधीक्षक डॉ. विजय आनंद समेत डॉ. धर्मेंद्र कुमार की तैनाती है, लेकिन प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में डॉ. धर्मेंद्र कुमार की ड्यूटी लगा दी गई है। मार्च तक वह कुंभ में रहेंगे। ऐसे में अधीक्षक स्वयं कमान संभाले हैं। इमरजेंसी व ओपीडी को एक साथ चलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है।
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250 के पार है ओपीडी
दिबियापुर सीएचसी का बड़ा दायरा होने से यहां की ओपीडी में 250 मरीज रोजाना आते हैं। इन्हें एक चिकित्सक के सहारे परामर्श की सुविधा दी जा रही है। अलग-अलग तरह की बीमारियों को लेकर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह मरीजों के लिए सपना बनी हुई है। ऐसे में कहीं न कहीं स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं।
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वैकल्पिक व्यवस्था में दो डॉक्टर लगाए गए
दिबियापुर सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर बनाए रखने के लिए विभाग ने दो डॉक्टर वैकल्पिक तौर पर संबद्ध किए हैं। हालांकि, इनकी ड्यूटी का अलग-अलग दिन मुकर्रर किया गया है। एक-एक दिन आने से 24 घंटे की इमरजेंसी संचालन में दुश्वारी हो रही है। यहां पर अधीक्षक का एक दिन का अवकाश स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ जाने जैसा है।
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फफूंद पीएचसी में महज दो दिन आते डॉक्टर
बेपटरी केवल दिबियापुर सीएचसी ही नहीं है, इसके साथ ही फफूंद पीएचसी का हाल भी ऐसा ही है। यहां पर सप्ताह में महज दो दिन ही डॉक्टर पहुंचते हैं। जुगाड़ की व्यवस्था बनाते हुए ककोर पीएचसी के डॉ. अरुन गुप्ता को दो दिन के लिए फफूंद पीएचसी भेजा जाता है। ऐसे में फफूंद क्षेत्र के मरीज भी चिचौली जिला अस्पताल जाने को मजबूर हैं।
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बोले जिम्मेदार
डॉक्टरों की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दो डॉक्टरों को बाहर से संबद्ध किया गया है। एक-एक दिन आते हैं। ऐसे में 24 घंटे की इमरजेंसी व ओपीडी संचालन कड़ी चुनौती बना हुआ है। फिर भी सेवाएं किसी तरह से दी जा रही हैं। -डॉ. विजय आनंद, अधीक्षक, दिबियापुर सीएचसी
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