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Auraiya News: दो साल बाद भी ग्रामीण भुला नहीं पाए तीन बच्चों की मौत
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औरैया। पति की मौत के बाद चचेरे देवर संग प्रेम प्रसंग में बाधा बन रहे तीन बच्चों को सेंगुर नदी में डुबोकर मारने की घटना को ताल्हेपुर गांव के लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं। प्रेमी आशीष व उसकी प्रेमिका प्रियंका को हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा से बरी कर दिया है, लेकिन गांव व समाज के लोग आज भी उसे गुनहगार मानते हैं। घटना के बाद से ही ग्रामीणों ने परिवार से दूरी बनाकर रखी है।
सेंगर नदी के पास ताल्हेपुर में तीन साल पहले बरौआ निवासी प्रियंका ने अपने तीन बच्चों को नदी में डुबोकर मार डाला था। चौथे बच्चे सोनू ने पानी के अंदर मौत हो जाने का बहाना बनाकर कातिल मां को चकमा दे दिया था। सभी बच्चों की मौत का आभास होने पर प्रियंका मौके से निकल गई थी। इसी बीच सोनू ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस से लेकर ग्रामीण नदी में बच्चों की तलाश में जुटे थे। लोगों के चेहरे पर मां के खिलाफ साफ गुस्सा झलक रहा था।
पुलिस की विवेचना में पति की मौत के बाद प्रियंका की चचेरे देवर आशीष से नजदीकी बढ़ जाने की बात सामने आई थी। यह नजदीकी इस कदर थी कि प्रियंका परिवार छोड़कर प्रेमी संग औरैया में रहने लगी थी। प्रेम प्रसंग में उसके चार बच्चों की परवरिश आड़े आ रही थी। पुलिस के खुलासे में आशीष की ओर से बार-बार प्रियंका पर बच्चों को रास्ते से हटा देने का दबाव बनाया जा रहा था। घटना के दिन इसको लेकर दोनों के बीच लंबी बहस हुई थी। भले ही यह घटना को दो साल से ज्यादा का समय बीत गया है, लेकिन लोग इसे भूला नहीं सके हैं।
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कमजोर विवेचना का आरोपियाें को मिला फायदा
नाबालिग सोनू के बयान से प्रेमी युगल का राज खुला था। पुलिस ने सोनू को इस घटना का मुख्य गवाह बनाया था। कोर्ट ने इसे पर्याप्त नहीं माना। पुलिस ने घटना के आठ दिन बाद सोनू की गवाही दर्ज की थी। इसके अलावा घटना की सूचना देने वाले ग्राम प्रधान जितेंद्र भूषण ने भी गवाही नहीं दी।
घटनाक्रम पर एक नजर
वारदात- 27 जून 2024
घटनास्थल- सेंगर नदी पर ताल्हेपुर पुल से 100 मीटर दूर
प्राथमिकी दर्ज- 27 जून 2024
आरोप पत्र- 16 जुलाई 2024
आरोप तय- 22 अगस्त 2024
जिला सत्र न्यायालय का फैसला- पांच व 10 जुलाई 2025
निचली अदालत ने दी सजा- प्रियंका को फांसी व आशीष को उम्रकैद
23 सितंबर को हाईकोर्ट का फैसला- प्रेमी युगल सभी आरोपों से बरी
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सेंगर नदी के पास ताल्हेपुर में तीन साल पहले बरौआ निवासी प्रियंका ने अपने तीन बच्चों को नदी में डुबोकर मार डाला था। चौथे बच्चे सोनू ने पानी के अंदर मौत हो जाने का बहाना बनाकर कातिल मां को चकमा दे दिया था। सभी बच्चों की मौत का आभास होने पर प्रियंका मौके से निकल गई थी। इसी बीच सोनू ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस से लेकर ग्रामीण नदी में बच्चों की तलाश में जुटे थे। लोगों के चेहरे पर मां के खिलाफ साफ गुस्सा झलक रहा था।
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पुलिस की विवेचना में पति की मौत के बाद प्रियंका की चचेरे देवर आशीष से नजदीकी बढ़ जाने की बात सामने आई थी। यह नजदीकी इस कदर थी कि प्रियंका परिवार छोड़कर प्रेमी संग औरैया में रहने लगी थी। प्रेम प्रसंग में उसके चार बच्चों की परवरिश आड़े आ रही थी। पुलिस के खुलासे में आशीष की ओर से बार-बार प्रियंका पर बच्चों को रास्ते से हटा देने का दबाव बनाया जा रहा था। घटना के दिन इसको लेकर दोनों के बीच लंबी बहस हुई थी। भले ही यह घटना को दो साल से ज्यादा का समय बीत गया है, लेकिन लोग इसे भूला नहीं सके हैं।
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कमजोर विवेचना का आरोपियाें को मिला फायदा
नाबालिग सोनू के बयान से प्रेमी युगल का राज खुला था। पुलिस ने सोनू को इस घटना का मुख्य गवाह बनाया था। कोर्ट ने इसे पर्याप्त नहीं माना। पुलिस ने घटना के आठ दिन बाद सोनू की गवाही दर्ज की थी। इसके अलावा घटना की सूचना देने वाले ग्राम प्रधान जितेंद्र भूषण ने भी गवाही नहीं दी।
घटनाक्रम पर एक नजर
वारदात- 27 जून 2024
घटनास्थल- सेंगर नदी पर ताल्हेपुर पुल से 100 मीटर दूर
प्राथमिकी दर्ज- 27 जून 2024
आरोप पत्र- 16 जुलाई 2024
आरोप तय- 22 अगस्त 2024
जिला सत्र न्यायालय का फैसला- पांच व 10 जुलाई 2025
निचली अदालत ने दी सजा- प्रियंका को फांसी व आशीष को उम्रकैद
23 सितंबर को हाईकोर्ट का फैसला- प्रेमी युगल सभी आरोपों से बरी