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Auraiya News: लाखों खर्च करने के बाद भी शोपीस बने सामुदायिक शौचालय
Mon, 17 Jun 2024 11:17 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 17 Jun 2024 11:17 PM IST
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बिधूना। विकासखंड बिधूना की 69 ग्राम पंचायतों में से 64 ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये खर्च करने के बाद बने सामुदायिक शौचालय इस्तेमाल में न आने से शो-पीस नजर आ रहे हैं। कुछ लोगों ने तो निजी जगह पर शौचालय बना लिए हैं।
कुछ सामुदायिक शौचालयों में सुबह-शाम ताला लटकता रहता है। स्वच्छता अभियान के तमाम दावों पर सामुदायिक शौचालयों की बदहाली पोल खोल रही है। शौचालयों की इन स्थितियों के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों की साफ तौर पर अनदेखी बनी हुई है।
ब्लॉक बिधूना क्षेत्र की 64 ग्राम पंचायतों में करीब छह लाख रुपये करीब खर्च कर इन सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। इतना ही नहीं इनकी देखभाल व संचालन के लिए अजीविका मिशन के तहत एक-एक महिला केयरटेकर की नियुक्ति भी की गई थी। मिशन के तहत उसे प्रतिमाह छह हजार का मानदेय देने की भी व्यवस्था थी। इसके बावजूद जिम्मेदारों की उदासीनता जनसमुदाय के हितार्थ बने यह सार्वजनिक शौचालय उपयोग में नहीं आ रहे हैं।
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इन शौचालय में काफी समय से ताला बंद है। कुछ शौचालयों के बनने के बाद ताला खुला ही नहीं है। जिसे लेकर ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत ब्लॉक से लेकर मुख्यालय तक पर की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्राम पंचायत बंथरा निवासी उम्मेद कुमार ने बताया कि पूर्व प्रधान के प्लाट परिसर (हाता) में सलेम गांव में सामुदायिक शौचालय बनाया गया है, लेकिन अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ। दो बार डीपीआरओ जांच करने आ चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
वहीं ग्राम पंचायत सावालिया प्रधान सौरभ तिवारी ने बताया कि पूर्व प्रधान ने सचिव के साथ मिलकर अपनी निजी जगह में निर्माण कराया है। शौचालय में टंकी आदि रखी गई थी, लेकिन चोरी हो गई। शौचालय बंद पड़ा है। पूर्व प्रधान कोई कागजात नहीं दे रहे हैं। ऐसे में शौचालय कैसे चालू हो सके। बंथरा व सांवलिया ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय अधूरे पड़े है। यहां पानी का इंतजाम ही नहीं हैं।
वहीं अनेंसो में बना सामुदायिक शौचालय पूरा नहीं बना है। प्रधान अनीता देवी ने बताया कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल बना था। जिसका कोई कागजात नहीं मिला। अभी तक शौचालय बंद पड़ा है। वहीं ग्राम पंचायत धनवाली में अधूरा पड़ा है। सामुदायिक शौचालय पर केयरटेकर होने के बाद भी हमेशा ताला बंद रहता है। सराय प्रथम व कल्यानपुर जागू में सामुदायिक शौचालय बनने के बाद उस पर ताला लटकता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि आज तक केयरटेकर को शौचालय में काम काज के लिए आते नहीं देखा गया है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राज नारायण ने बताया कि शौचालय किस कारण से उपयोग में नहीं आ रहे हैं। इसकी जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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कुछ सामुदायिक शौचालयों में सुबह-शाम ताला लटकता रहता है। स्वच्छता अभियान के तमाम दावों पर सामुदायिक शौचालयों की बदहाली पोल खोल रही है। शौचालयों की इन स्थितियों के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों की साफ तौर पर अनदेखी बनी हुई है।
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ब्लॉक बिधूना क्षेत्र की 64 ग्राम पंचायतों में करीब छह लाख रुपये करीब खर्च कर इन सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। इतना ही नहीं इनकी देखभाल व संचालन के लिए अजीविका मिशन के तहत एक-एक महिला केयरटेकर की नियुक्ति भी की गई थी। मिशन के तहत उसे प्रतिमाह छह हजार का मानदेय देने की भी व्यवस्था थी। इसके बावजूद जिम्मेदारों की उदासीनता जनसमुदाय के हितार्थ बने यह सार्वजनिक शौचालय उपयोग में नहीं आ रहे हैं।
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इन शौचालय में काफी समय से ताला बंद है। कुछ शौचालयों के बनने के बाद ताला खुला ही नहीं है। जिसे लेकर ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत ब्लॉक से लेकर मुख्यालय तक पर की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्राम पंचायत बंथरा निवासी उम्मेद कुमार ने बताया कि पूर्व प्रधान के प्लाट परिसर (हाता) में सलेम गांव में सामुदायिक शौचालय बनाया गया है, लेकिन अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ। दो बार डीपीआरओ जांच करने आ चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
वहीं ग्राम पंचायत सावालिया प्रधान सौरभ तिवारी ने बताया कि पूर्व प्रधान ने सचिव के साथ मिलकर अपनी निजी जगह में निर्माण कराया है। शौचालय में टंकी आदि रखी गई थी, लेकिन चोरी हो गई। शौचालय बंद पड़ा है। पूर्व प्रधान कोई कागजात नहीं दे रहे हैं। ऐसे में शौचालय कैसे चालू हो सके। बंथरा व सांवलिया ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय अधूरे पड़े है। यहां पानी का इंतजाम ही नहीं हैं।
वहीं अनेंसो में बना सामुदायिक शौचालय पूरा नहीं बना है। प्रधान अनीता देवी ने बताया कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल बना था। जिसका कोई कागजात नहीं मिला। अभी तक शौचालय बंद पड़ा है। वहीं ग्राम पंचायत धनवाली में अधूरा पड़ा है। सामुदायिक शौचालय पर केयरटेकर होने के बाद भी हमेशा ताला बंद रहता है। सराय प्रथम व कल्यानपुर जागू में सामुदायिक शौचालय बनने के बाद उस पर ताला लटकता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि आज तक केयरटेकर को शौचालय में काम काज के लिए आते नहीं देखा गया है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राज नारायण ने बताया कि शौचालय किस कारण से उपयोग में नहीं आ रहे हैं। इसकी जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।