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Auraiya News: करोड़ों खर्च के बाद भी पानी को तरस रहे कस्बावासी

Sat, 08 Jun 2024 01:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2024 01:02 AM IST
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Even after spending crores of rupees, the villagers are craving for water
बेला। ब्लाॅक की ग्राम पंचायत बेला में 20 वर्ष पहले पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों की मशक्कत के बाद अभी भी आधी जनता को पानी नसीब हो सका, जबकि टंकी की मरम्मत और देखरेख में लाखों रुपये खर्च हो रहा है। ग्रामीणों ने जांच कराने के साथ ही शीघ्र कनेक्शन कराए जाने की मांग की।
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ग्राम पंचायत बेला में तत्कालीन प्रधान नौबत सिंह के कार्यकाल में वर्ष 2003-04 में स्वच्छ पेयजल योजना के तहत एक ओवरहेड टैंक बनवाया गया था। इसे पंचायत को हैंडओवर किया गया। इसके बाद टंकी व पाइप लाइन का सही रख रखाव न हो के कारण एक साल में ही टंकी खराब हो गई। 20 वर्ष में शासन ने टंकी मरम्मत में करोड़ों रुपया खर्च हुआ, लेकिन ग्रामीणों को पानी नहीं मिल सका।
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2020 में टंकी की मरम्मत हुई और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरु हुआ था, लेकिन ग्रामीणों को कनेक्शन दिए बिना ही ठेकेदार काम बंद कर अधूरा छोड़कर चले गए। ग्रामीणों की शिकायत पर जल निगम द्वारा इटावा की एक कार्यदायी संस्था से कनेक्शन का कार्य शुरू कराया, लेकिन पानी जून 2024 माह तक आधी आबादी को भी कनेक्शन नहीं मिल सका।
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मंडी रोड, मजरा फतेहपुर, परसे पूर्वा समेत बेला के तिर्वा रोड व बस्ती में ही पानी पहुंच सका, जबकि पूर्वा लक्षी, मनुआ पूर्वा, बेला चौराहा के आस-पास निवास करने वाले लोग आज भी पानी को तरस रहे है। ग्रामीण अजब सिंह, संतोष पांडेय, अरविंद यादव, संजीव, दिलीप पोरवाल, नीलकमल आदि ने जिलाधिकारी से टंकी की मरम्मत कराने व घोटाले की जांच की मांग की।


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वर्जन

टंकी पिछले एक साल से सही चल रही है, जबकि जल निगम के द्वारा पंचायत में पाइप लाइन बिछाने के काम को अधूरा छोड़ा गया है।
- राघवेंद्र सिंह चौहान, ग्राम पंचायत अधिकारी
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पाइप लाइन अधूरी बिछने की जानकारी नहीं है, अगर कोई ठेकेदार अधूरी पाइप लाइन बिछा कर चला गया है तो उसकी जानकारी पंचायत की ओर से जल निगम को दिए जाने पर ही कोई कार्यवाही की जाएगी।
रामआसरे, जेई, जलनिगम
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