{"_id":"5e0e36c18ebc3e87eb43d963","slug":"electicity-bill-auraiya-news-knp535940280","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली बिल बढ़ा देख सब्जी विक्रेता को पड़ा हार्ट अटैक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली बिल बढ़ा देख सब्जी विक्रेता को पड़ा हार्ट अटैक
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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित कांशीराम कालोनी निवासी सब्जी विक्रेता रामलखन वर्मा के अपने घर का बिजली का बिल देखकर इतना परेशान हो गए कि उनको हार्ट अटैक पड़ गया। परिजन उन्हें फौरन जिला अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया।
रामलखन शर्मा की पत्नी रूपरानी ने बताया कि 2010 से वह परिवार के साथ नलकूप के पास स्थित कांशीराम कालोनी में रह रहे हैं। पति रामलखन सब्जी बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। रूपरानी के मुताबिक पांच दिन पहले बिजली विभाग ने उनके घर का 1.35 लाख रुपये का बिल भेज दिया। बिल देखते ही पति और उनके होश उड़ गए। इस संबंध में पति ने बिजली विभाग के अफसरों ने कहा कि बिजली काफी ज्यादा है। साथ ही बिल गड़बड़ होने की आशंका जताते हुए जांच कराने को कहा। लगभग 20 दिन पहले ही उसकी 52 हजार रुपये की आरसी काटी गई है। ऐसे मेें अचानक उसका बिल इतना अधिक कैसे बढ़ गया, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। साथ ही बकाया बिल जमा करने को कहकर लौटा दिया। बिल जमा करने के लिए इतनी रकम कहां से जुटाएंगे। यह सोचकर पति को हार्ट अटैक पड़ गया। पति का कानपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत डॉक्टरों ने नाजुक बताई है।
रूपरानी ने बताया कि उनके घर में दो पंखे व दो बल्व लगे हैं। कुछ दिन पूर्व ही घर के अंदर लगा बिजली मीटर हटाकर कर्मचारियों ने घर केो बाहर नया मीटर लगाया। आरोप है कि बिजली विभाग ने किसी दूसरे का मीटर उसके नाम लगा दिया था। इस मीटर को जब चेक किया गया, तो उसमें नौ हजार यूनिट रीडिंग दिखाई दे रही थी। बाद में उसे सिर्फ 3600 यूनिट ही रीडिंग बताई गई। आरोप है कि मीटर बदला गया, लेकिन बिल पुराने के आधार पर बिल भेज दिया गया। बिल देखकर रामलखन परेशान हो गए और उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया।
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एसडीओ, बिजली विभाग सदर डिवीजन देवी सिंह ने बताया कि कांशीराम कालोनी के लोगों के दस-दस साल से बिल बकाया है। ऐसे में बिल जमा न करने पर वह बढ़ते जा रहे हैं। फिर भी यदि कोई गड़बड़ी है, तो लोग विभाग में आएं। उनका बिल कंप्यूटर पर चेक किया जाएगा। गड़बड़ी को ठीक कराया जाएगा।
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रामलखन शर्मा की पत्नी रूपरानी ने बताया कि 2010 से वह परिवार के साथ नलकूप के पास स्थित कांशीराम कालोनी में रह रहे हैं। पति रामलखन सब्जी बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। रूपरानी के मुताबिक पांच दिन पहले बिजली विभाग ने उनके घर का 1.35 लाख रुपये का बिल भेज दिया। बिल देखते ही पति और उनके होश उड़ गए। इस संबंध में पति ने बिजली विभाग के अफसरों ने कहा कि बिजली काफी ज्यादा है। साथ ही बिल गड़बड़ होने की आशंका जताते हुए जांच कराने को कहा। लगभग 20 दिन पहले ही उसकी 52 हजार रुपये की आरसी काटी गई है। ऐसे मेें अचानक उसका बिल इतना अधिक कैसे बढ़ गया, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। साथ ही बकाया बिल जमा करने को कहकर लौटा दिया। बिल जमा करने के लिए इतनी रकम कहां से जुटाएंगे। यह सोचकर पति को हार्ट अटैक पड़ गया। पति का कानपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत डॉक्टरों ने नाजुक बताई है।
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रूपरानी ने बताया कि उनके घर में दो पंखे व दो बल्व लगे हैं। कुछ दिन पूर्व ही घर के अंदर लगा बिजली मीटर हटाकर कर्मचारियों ने घर केो बाहर नया मीटर लगाया। आरोप है कि बिजली विभाग ने किसी दूसरे का मीटर उसके नाम लगा दिया था। इस मीटर को जब चेक किया गया, तो उसमें नौ हजार यूनिट रीडिंग दिखाई दे रही थी। बाद में उसे सिर्फ 3600 यूनिट ही रीडिंग बताई गई। आरोप है कि मीटर बदला गया, लेकिन बिल पुराने के आधार पर बिल भेज दिया गया। बिल देखकर रामलखन परेशान हो गए और उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया।
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एसडीओ, बिजली विभाग सदर डिवीजन देवी सिंह ने बताया कि कांशीराम कालोनी के लोगों के दस-दस साल से बिल बकाया है। ऐसे में बिल जमा न करने पर वह बढ़ते जा रहे हैं। फिर भी यदि कोई गड़बड़ी है, तो लोग विभाग में आएं। उनका बिल कंप्यूटर पर चेक किया जाएगा। गड़बड़ी को ठीक कराया जाएगा।