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कोरोना का आसर: न्यायालयों में अब नहीं होगी गवाही
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औरैया। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण हाईकोर्ट ने जनपद न्यायालयों में भीड़ रोकने के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। इसमें अब मुकदमों में उपस्थित होकर गवाही देने पर रोक लगा दी गई है। आवश्यकता होने पर जेल से विचाराधीन बंदियों की व्यक्तिगत उपस्थिति हो सकेगी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल आशीष गर्ग ने सभी अधीनस्थ न्यायालयों के लिए कोरोना संक्रमण देखते हुए गाइड लाइन जारी की है। इसके बाद जिला जज अनिल कुमार वर्मा ने सोमवार को इसके अनुपालन के लिए सभी न्यायालयों को अपनी ओर से पत्र जारी किया। न्यायालयों में जमानतों पर सुनवाई, अग्रिम जमानत, प्रार्थना पत्रों, पुलिस 82/83 सीआरपीसी कार्रवाई व 164 सीआरपीसी के बयानों में कार्रवाई जारी रहेगी।
जिन मुकदमों में गवाही पूरी हो चुकी है उनके निर्णय देने पर रोक नहीं होगी। विचाराधीन कैदियों की रिमांड कार्रवाई जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग माध्यम से होगी। जिन मामलों में कोर्ट के सम्मुख व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी होगी केवल उन्हें छूट दी गई है। स्टाफ की उपस्थिति सीमित रहेगी। यह भी कहा गय है कि अगर डीएम, सीएमओ कोविड-19 की स्थिति देखकर जिला न्यायालय बंद करने की सलाह देते हैं तो हाईकोर्ट को सूचना देकर कोर्ट बंद कर दी जाए। कोर्ट मैनेजर विपिन कुमार सिन्हा ने बताया कि नई गाइड लाइन दस जनवरी से लागूू कर दी गई है।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल आशीष गर्ग ने सभी अधीनस्थ न्यायालयों के लिए कोरोना संक्रमण देखते हुए गाइड लाइन जारी की है। इसके बाद जिला जज अनिल कुमार वर्मा ने सोमवार को इसके अनुपालन के लिए सभी न्यायालयों को अपनी ओर से पत्र जारी किया। न्यायालयों में जमानतों पर सुनवाई, अग्रिम जमानत, प्रार्थना पत्रों, पुलिस 82/83 सीआरपीसी कार्रवाई व 164 सीआरपीसी के बयानों में कार्रवाई जारी रहेगी।
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जिन मुकदमों में गवाही पूरी हो चुकी है उनके निर्णय देने पर रोक नहीं होगी। विचाराधीन कैदियों की रिमांड कार्रवाई जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग माध्यम से होगी। जिन मामलों में कोर्ट के सम्मुख व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी होगी केवल उन्हें छूट दी गई है। स्टाफ की उपस्थिति सीमित रहेगी। यह भी कहा गय है कि अगर डीएम, सीएमओ कोविड-19 की स्थिति देखकर जिला न्यायालय बंद करने की सलाह देते हैं तो हाईकोर्ट को सूचना देकर कोर्ट बंद कर दी जाए। कोर्ट मैनेजर विपिन कुमार सिन्हा ने बताया कि नई गाइड लाइन दस जनवरी से लागूू कर दी गई है।
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