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वार्षिक मूल्यांकन पद्धति में खामियों का करेंगे विरोध
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दिबियापुर (औरैया)। प्राथमिक शिक्षकों के वार्षिक मूल्यांकन के लिए 14 बिंदुओं वाली एनुअल कांफीडेंशियल रिपोर्ट (एसीआर) के बिंदुओं का उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ विरोध कर रहा है। संगठन जल्द ही रणनीति बनाकर आंदोलन करेगा। यह बात संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष जलवीर सिंह यादव ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि शासन की ओर से जारी सर्कुलर में बताया गया है कि प्राथमिक शिक्षकों के क्रिया कलापों का 14 बिंदुओं पर आधारित वार्षिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ही उनके वेतन वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा। इन 14 बिंदुओं के वार्षिक मूल्यांकन पद्धति में कई खामियां हैं। जैसे कायाकल्प योजना के तहत कई कार्य गांव के प्रधान कराते हैं। परंतु इसके लिए भी शिक्षक की जिम्मेदार बनाया गया है। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर प्रदेश अध्यक्ष डा.दिनेश चंद्र शर्मा एवं प्रदेश महामंत्री संजय सिंह के निर्देशन में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। पुरानी पेंशन बहाली और एसीआर प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को लखनऊ में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की नेतृत्व संवर्धन कार्यशाला में उन्होंने प्रतिभाग किया है। इसमें नेतृत्व संवर्धन के लिए विकास खंड से लेकर जिला एवं प्रदेश स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन पर सहमति बनी है। इन कार्यशालाओं में विद्यालय के कुशल संचालन के साथ छात्रों एवं अभिभावकों के साथ कुशल समन्वय स्थापित करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जल्द ही शिक्षकों की समस्याओं को उचित माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जाएगा। जिला उपाध्यक्ष कपिल देव, भाग्यनगर ब्लाक अध्यक्ष कमलेश चतुर्वेदी, मंत्री बुद्धिपाल सिंह, सहार ब्लाक अध्यक्ष अमित पाल, मंत्री महेश शर्मा, सुनील कुमार, संजीव पाल, ओमपाल, रामचंद्र, हरभूषण आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि शासन की ओर से जारी सर्कुलर में बताया गया है कि प्राथमिक शिक्षकों के क्रिया कलापों का 14 बिंदुओं पर आधारित वार्षिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ही उनके वेतन वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा। इन 14 बिंदुओं के वार्षिक मूल्यांकन पद्धति में कई खामियां हैं। जैसे कायाकल्प योजना के तहत कई कार्य गांव के प्रधान कराते हैं। परंतु इसके लिए भी शिक्षक की जिम्मेदार बनाया गया है। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर प्रदेश अध्यक्ष डा.दिनेश चंद्र शर्मा एवं प्रदेश महामंत्री संजय सिंह के निर्देशन में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। पुरानी पेंशन बहाली और एसीआर प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को लखनऊ में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की नेतृत्व संवर्धन कार्यशाला में उन्होंने प्रतिभाग किया है। इसमें नेतृत्व संवर्धन के लिए विकास खंड से लेकर जिला एवं प्रदेश स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन पर सहमति बनी है। इन कार्यशालाओं में विद्यालय के कुशल संचालन के साथ छात्रों एवं अभिभावकों के साथ कुशल समन्वय स्थापित करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जल्द ही शिक्षकों की समस्याओं को उचित माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जाएगा। जिला उपाध्यक्ष कपिल देव, भाग्यनगर ब्लाक अध्यक्ष कमलेश चतुर्वेदी, मंत्री बुद्धिपाल सिंह, सहार ब्लाक अध्यक्ष अमित पाल, मंत्री महेश शर्मा, सुनील कुमार, संजीव पाल, ओमपाल, रामचंद्र, हरभूषण आदि मौजूद रहे।
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