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Auraiya News: पांटून पुल न बनने से कांवड़ियों को लगाना पड़ा 30 किमी का चक्कर
Mon, 16 Feb 2026 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:12 AM IST
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फोटो-9-अधूरे पुल पर रोका गया रास्ता व खड़ी पुलिस।संवाद
अयाना। क्षेत्र के बीहड़ को इटावा से जोड़ने वाला असेवा-भरेह यमुना पुल निर्धारित समय से कई माह बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
पुलिस ने इस अधूरे पुल से आवागमन रोकने के लिए रास्ता बंद कर दिया। इससे कांवड़ियों को सिकरोड़ी होकर 30 किलोमीटर (किमी) का चक्कर काटकर भरेह मंदिर जाना पड़ा।
असेवा-भरेह पांटून पुल का निर्माण अगस्त माह तक करवाया जाता है। इसे बरसात शुरू होने के पहले तक संचालित किया जाता है। इस बार जिम्मेदारों की ओर से निर्धारित समय बीतने के कई माह बाद भी पांटून पुल को पूरा नहीं किया गया है।
सेंगनपुर निवासी देवेंद्र त्रिपाठी, कोके दुबे, कैथौली निवासी देवकांत दुबे, धनऊपुर निवासी जीतू सेंगर आदि ने बताया कि इटावा के भरेह शिव मंदिर से बीहड़ पट्टी के लोगों का धार्मिक जुड़ाव है। पुल बनने से लोग महज पांच से छह किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पर दर्शन करने पहुंच जाते थे।
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इस बार पुल न बन पाने से कांवड़ियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई कांवड़िये भरेह मंदिर में कांवड़ चढ़ाने के लिए पुल तक पहुंचे, लेकिन वहां तैनात पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। इस पर कावड़िये यहां से अजीतमल होकर सिकरोड़ी के रास्ते भरेह तक पहुंचे। अयाना थानाध्यक्ष जयप्रकाश पाल ने बताया कि अधूरे पुल पर आवागमन होने से हादसे का खतरा था। इसके चलते पुल के पहले बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद किया था।
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पुलिस ने इस अधूरे पुल से आवागमन रोकने के लिए रास्ता बंद कर दिया। इससे कांवड़ियों को सिकरोड़ी होकर 30 किलोमीटर (किमी) का चक्कर काटकर भरेह मंदिर जाना पड़ा।
असेवा-भरेह पांटून पुल का निर्माण अगस्त माह तक करवाया जाता है। इसे बरसात शुरू होने के पहले तक संचालित किया जाता है। इस बार जिम्मेदारों की ओर से निर्धारित समय बीतने के कई माह बाद भी पांटून पुल को पूरा नहीं किया गया है।
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सेंगनपुर निवासी देवेंद्र त्रिपाठी, कोके दुबे, कैथौली निवासी देवकांत दुबे, धनऊपुर निवासी जीतू सेंगर आदि ने बताया कि इटावा के भरेह शिव मंदिर से बीहड़ पट्टी के लोगों का धार्मिक जुड़ाव है। पुल बनने से लोग महज पांच से छह किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पर दर्शन करने पहुंच जाते थे।
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इस बार पुल न बन पाने से कांवड़ियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई कांवड़िये भरेह मंदिर में कांवड़ चढ़ाने के लिए पुल तक पहुंचे, लेकिन वहां तैनात पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। इस पर कावड़िये यहां से अजीतमल होकर सिकरोड़ी के रास्ते भरेह तक पहुंचे। अयाना थानाध्यक्ष जयप्रकाश पाल ने बताया कि अधूरे पुल पर आवागमन होने से हादसे का खतरा था। इसके चलते पुल के पहले बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद किया था।