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Auraiya News: आचार संहिता में फंसा स्वरोजगार का सपना

Tue, 19 Mar 2024 12:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2024 12:11 AM IST
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Dream of self-employment stuck in code of conduct
संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर लोन मुहैया कराते हुए टूलकिट के माध्यम से स्वरोजगार मुहैया कराने की योजना आचार संहिता के फेर में फंस गई है। 13 हजार के करीब जरूरतमंदों को चुनाव परिणाम आने के बाद केंद्र में नई सरकार बनने का इंतजार करना होगा।
मौजूदा सत्र 2024 के तहत जिला उद्योग केंद्र को शासन स्तर से 1200 लोगों को पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ देने का लक्ष्य मिला। इस कड़ी में पिछले दिनों साक्षात्कार भी हुए। योजना के तहत साक्षात्कार के बाद चयनित लोगों को टूलकिट, प्रशिक्षण व स्वरोजगार अपनाने के लिए अनुदान पर लोन देने की तैयारी थी। इस सब के बीच 1200 लोगों के भविष्य संवरने व परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने का रास्ता साफ हो रहा था।
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इसी दौरान लोकसभा चुनाव को लेकर बजे बिगुल के बीच आचार संहिता की घोषणा हो गई। महज 493 लोगों के ही साक्षात्कार अभी तक हो सके हैं। इनके आवेदनों व पत्रावलियों के दुरुस्त होने के बाद ही इन्हें लाभ दिया जा सकेगा। हालांकि मिले लक्ष्य के मुकाबले पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाभ मिलने फिलहाल चार से पांच माह तक अधर में लटक गया है। योजना के तहत 13 हजार लोगों ने आवेदन किए थे। योजना का लाभ लेने के लिए लाइन में लगे इन युवाओं को स्वरोजगार का सपना पूरा करने के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
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कामगारों को मिलती काम में संजीवनी
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत हुनर में और धार देने के लिए प्रशिक्षण उद्योग केंद्र के जानकारों की ओर से दिया जाता है। इसके साथ ही संबंधित काम की टूलकिट जिसकी कीमत 15 हजार रुपये तक होती है, मुहैया कराई जाती है। प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक मदद के साथ ही स्वरोजगार अपनाने पर लोन मुहैया कराया जाता है। बीमा आधारित इस लोन को सुरक्षा कवच भी दिया जाता है। सामान्य काम को योजना के जरिए संजीवनी दी जाती। इससे लाभार्थी के काम का दायरा बढ़ जाता।

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योजना में शामिल आवेदक
-टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले, नाव निर्माता, लोहार, मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाले, पत्थर तोड़ने वाले, हथौड़ा चलाने वाले, मोची व जूता बनाने वाले, धोबी, दर्जी, नाई समेत 49 तरह के कामों को इस योजना में शामिल किया गया है।
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वर्जन
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत जिन आवेदकों के साक्षात्कार पूरे होने के साथ ही पत्रावली ठीक हैं, उन्हीं को फिलहाल लाभ मिल पाएगा। शेष सभी को लोकसभा चुनाव के बाद लाभ दिया जाएगा। चार से पांच माह का समय लग सकता है।
-अनुराग अग्रहरि, उद्यमी मित्र
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