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Auraiya News: 15 महीने बाद भी नाला निर्माण अधूरा
Thu, 09 Jul 2026 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:11 AM IST
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फोटो -33- अधूरा नाला निर्माण के कारण जलभराव। संवाद
अजीतमल। नगर पंचायत बाबरपुर-अजीतमल क्षेत्र में सीवरेज व जल निकासी योजना के तहत स्वीकृत नाला निर्माण में हो रही देरी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
दो महीने में पूरा होने वाला काम 15 महीने बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। इस लापरवाही पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी प्रदीप कुमार ने कार्यदायी फर्म को अंतिम नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
नगर पंचायत द्वारा चार जुलाई 2026 को जारी पत्र के अनुसार संबंधित फर्म को 28 मार्च 2025 को विभिन्न स्थानों पर नाला निर्माण और वाटर कूलर स्थापना का ठेका दिया गया था। इस कार्य को पूरा करने के लिए दो महीने की समय सीमा तय की गई थी लेकिन फर्म की मनमानी के चलते 15 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी न तो नाला बना और न ही वाटर कूलर लग पाए।
इधर, श्रीजनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने सात जुलाई को अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि काम अधूरा छोड़ने से स्कूल के मुख्य मार्ग और बाहर भारी जलभराव हो रहा है। इससे छात्रों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही इलाके में संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सता रहा है।
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नगर पंचायत के ईओ प्रदीप कुमार ने बताया कि संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर सात दिन का समय दिया गया है। अगर इसके बाद भी काम में तेजी नहीं आई तो नियमानुसार दो और रिमाइंडर भेजे जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होते ही फर्म का टेंडर निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
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दो महीने में पूरा होने वाला काम 15 महीने बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। इस लापरवाही पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी प्रदीप कुमार ने कार्यदायी फर्म को अंतिम नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
नगर पंचायत द्वारा चार जुलाई 2026 को जारी पत्र के अनुसार संबंधित फर्म को 28 मार्च 2025 को विभिन्न स्थानों पर नाला निर्माण और वाटर कूलर स्थापना का ठेका दिया गया था। इस कार्य को पूरा करने के लिए दो महीने की समय सीमा तय की गई थी लेकिन फर्म की मनमानी के चलते 15 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी न तो नाला बना और न ही वाटर कूलर लग पाए।
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इधर, श्रीजनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने सात जुलाई को अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि काम अधूरा छोड़ने से स्कूल के मुख्य मार्ग और बाहर भारी जलभराव हो रहा है। इससे छात्रों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही इलाके में संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सता रहा है।
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नगर पंचायत के ईओ प्रदीप कुमार ने बताया कि संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर सात दिन का समय दिया गया है। अगर इसके बाद भी काम में तेजी नहीं आई तो नियमानुसार दो और रिमाइंडर भेजे जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होते ही फर्म का टेंडर निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।