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डायरिया की चपेट में प्रतिदिन आ रहे 30 से 40 बच्चे
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फोटो-30एयूआरपी-23 बाल रोग ओपीडी के बाहर मौजूद व बच्चे। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। गर्मी व तेज धूप की वजह से बच्चों के डायरिया की चपेट में आने का सिलसिला शुरू हो गया है। 50 शैया अस्पताल में इस समय प्रतिदिन 30 से 40 मरीज डायरिया के आ रहे है। अब तक आठ बच्चे अस्पताल में भर्ती भी हो चुके है।
गर्मी में होने वाली बीमारियों से सबसे ज्यादा डायरिया बच्चों को प्रभावित करती है। खान-पान पर ध्यान नहीं देने पर बच्चे इसकी चपेट में आ जाते हैं। 50 शैया अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 30 से 40 बच्चे डायरिया की बीमारियां से पीड़ित होकर आ रहे है।
इनमे से गंभीर आठ मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया जा चुका है। अन्य लोगों को दवा व इसके बचाव के संबंध में डॉक्टर जानकारी दे रहे है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. पंकज कुमार ने बताया कि 100 में से 30 से 40 बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे है। बासी भोजन व दूषित जल पीने सेवन बिल्कुल न करें। सावधानी बरतने की जरूरत है। बुधवार को अस्पताल में 400 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें उल्टी दस्त के मरीज भी रहे।
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बासी भोजन नहीं खाए।
हमेशा ताजा भोजन करें।
दूषित जल नहीं पीये।
ज्यादा देर तक जागे नहीं।
तला भूना कम खाए।
चिकनी वस्तु का सेवन कम करें।
7. ओआरएस का घोल पीये।
8. छह महीने से छोटा बच्चे को मां का दूध पिलाएं।
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गर्मी में होने वाली बीमारियों से सबसे ज्यादा डायरिया बच्चों को प्रभावित करती है। खान-पान पर ध्यान नहीं देने पर बच्चे इसकी चपेट में आ जाते हैं। 50 शैया अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 30 से 40 बच्चे डायरिया की बीमारियां से पीड़ित होकर आ रहे है।
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इनमे से गंभीर आठ मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया जा चुका है। अन्य लोगों को दवा व इसके बचाव के संबंध में डॉक्टर जानकारी दे रहे है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. पंकज कुमार ने बताया कि 100 में से 30 से 40 बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे है। बासी भोजन व दूषित जल पीने सेवन बिल्कुल न करें। सावधानी बरतने की जरूरत है। बुधवार को अस्पताल में 400 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें उल्टी दस्त के मरीज भी रहे।
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हमेशा ताजा भोजन करें।
दूषित जल नहीं पीये।
ज्यादा देर तक जागे नहीं।
तला भूना कम खाए।
चिकनी वस्तु का सेवन कम करें।
7. ओआरएस का घोल पीये।
8. छह महीने से छोटा बच्चे को मां का दूध पिलाएं।