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Auraiya News: जैविक खेती करें और जमीन को बंजर होने से बचाएं
Mon, 18 Dec 2023 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 18 Dec 2023 11:51 PM IST
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औरैया। अपेक्षा महिला एवं बाल विकास समिति की ओर से सोमवार को सदर ब्लॉक के गांव चिचौली में महिला विज्ञान जागरूकता पखवाड़ा का आयोजन किया गया। जिसमें महिला किसानों को प्राकृतिक व जैविक खेती करने की जानकारी दी गई।
सह महिला प्रमुख सुमन चतुर्वेदी ने प्राकृतिक व जैविक खेती की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिक रासायनिक का उपयोग करने से खेती के पोषक तत्व नष्ट होते जा रहे हैं। समय रहते ध्यान न दिया गया तो कृषि भूमि बंजर होने की आशंका पैदा हो गई है। गोष्ठी में उपस्थित महिलाओं ने अपने गांव की स्थितियों की जानकारी को साझा किया। जय देवी ने कहा कि हम अपने खेतों में बिना रासायनिक खाद और कीटनाशक के सब्जी का काम करते हैं। करेला और लौकी किचिन गार्डन में तैयार कर रहे हैं। जय देवी ने बिना रासायनिक के उगाई गई सब्जी की उपयोगिता के बारे में बताया। कहा कि इस पर किसान का खर्च बहुत कम हो जाता है। इन सब्जियों को खाने से आदमी बीमार नहीं पड़ता। बाजार में इसका दाम भी अच्छा मिलता है ।
समाज सेवी प्रतीक शुक्ला ने कहा कि समिति पिछले कई वर्षो से महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 18 गांव की 600 से अधिक महिलाओं को किसान उत्पादक संघ से जोड़ने का काम भी समिति की ओर से किया गया है। समिति परियोजना सह समन्वयक विष्णु हरी ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर रेखा सविता, पूनम तिवारी, शिप्रा अवस्थी, प्रगतिशील किसान जय देवी, अंकिता, विष्णु हरी, रेखा, राधा, रजनी, मनोरमा , राजरानी, सोनम आदि लोग मौजूद रहे।
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सह महिला प्रमुख सुमन चतुर्वेदी ने प्राकृतिक व जैविक खेती की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिक रासायनिक का उपयोग करने से खेती के पोषक तत्व नष्ट होते जा रहे हैं। समय रहते ध्यान न दिया गया तो कृषि भूमि बंजर होने की आशंका पैदा हो गई है। गोष्ठी में उपस्थित महिलाओं ने अपने गांव की स्थितियों की जानकारी को साझा किया। जय देवी ने कहा कि हम अपने खेतों में बिना रासायनिक खाद और कीटनाशक के सब्जी का काम करते हैं। करेला और लौकी किचिन गार्डन में तैयार कर रहे हैं। जय देवी ने बिना रासायनिक के उगाई गई सब्जी की उपयोगिता के बारे में बताया। कहा कि इस पर किसान का खर्च बहुत कम हो जाता है। इन सब्जियों को खाने से आदमी बीमार नहीं पड़ता। बाजार में इसका दाम भी अच्छा मिलता है ।
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समाज सेवी प्रतीक शुक्ला ने कहा कि समिति पिछले कई वर्षो से महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 18 गांव की 600 से अधिक महिलाओं को किसान उत्पादक संघ से जोड़ने का काम भी समिति की ओर से किया गया है। समिति परियोजना सह समन्वयक विष्णु हरी ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर रेखा सविता, पूनम तिवारी, शिप्रा अवस्थी, प्रगतिशील किसान जय देवी, अंकिता, विष्णु हरी, रेखा, राधा, रजनी, मनोरमा , राजरानी, सोनम आदि लोग मौजूद रहे।
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