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क्लोज द केयर गेप थीम पर मनाया विश्व कैंसर दिवस
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औरैया। प्रत्येक साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता पैदा करके इससे होने वाली मौतों को कम करना है। कैंसर एक ऐसी स्थिति है, जो शरीर में असामान्य कोशिकाओं के बढ़ने से उत्पन्न होती है।
यदि समय पर इसका पता लग जाए तो इस पर नियंत्रण किया जा सकता है। लेकिन लोगों द्वारा इस बीमारी की गंभीरता को बिना समझे शुरुआती दौर में होने वाले लक्षणों को नजरंदाज किया जाता है। यही कारण है की यह बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है।
सीएमओ कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व संचारी रोग के नोडल डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि कैंसर शरीर में कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने की बीमारी है। इसका मुख्य कारण आधुनिक जीवनशैली भी है। व्यक्ति का खान-पान एवं रख-रखाव इसका कारण है। वर्तमान में सबसे अधिक ओरल या मुंह का कैंसर आक्रामक रूप से लोगों में फैल रहा है।
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ओरल कैंसर के लिए बहुत से रिस्क फैक्टर जिम्मेदार हैं, जैसे कि तंबाकू का सेवन, शराब का सेवन, अत्यधिक धूम्रपान आदि प्रमुख हैं। आमतौर पर जो मरीज जांच के लिए आते हैं, वह चौथी स्टेज पर होते हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत मरीजों कि रिकवरी पूर्णतया हो जाती है।
उन्होंने बताया कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को व्यक्ति नजरंदाज करता है। यदि उसी समय ठीक प्रकार से जांच कराई जाए तो कैंसर को गंभीर स्थिति में आने से पहली ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष क्लोज द केयर गेप थीम पर विश्व कैंसर दिवस मनाया गया है।
महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा कैंसर
स्त्रत्त्ी रोग विशेषज्ञ डॉ. अस्मिता ने बताया कि वर्तमान समय में महिलाओं में कैंसर बहुत अधिक बढ़ रहा है। ब्रेस्ट कैंसर एवं सरवाइकल कैंसर इसमें प्रमुख है। महिलाओं को कैंसर से बचाव के लिए उनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उन्हें स्वयं व उनके जीवनसाथी को लेनी होगी। ताकि कैंसर की रोकथाम की जा सके। कैंसर की रोकथाम के लिए और आने वाली पीढ़ी को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाई जाए।
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यदि समय पर इसका पता लग जाए तो इस पर नियंत्रण किया जा सकता है। लेकिन लोगों द्वारा इस बीमारी की गंभीरता को बिना समझे शुरुआती दौर में होने वाले लक्षणों को नजरंदाज किया जाता है। यही कारण है की यह बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है।
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सीएमओ कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व संचारी रोग के नोडल डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि कैंसर शरीर में कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने की बीमारी है। इसका मुख्य कारण आधुनिक जीवनशैली भी है। व्यक्ति का खान-पान एवं रख-रखाव इसका कारण है। वर्तमान में सबसे अधिक ओरल या मुंह का कैंसर आक्रामक रूप से लोगों में फैल रहा है।
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ओरल कैंसर के लिए बहुत से रिस्क फैक्टर जिम्मेदार हैं, जैसे कि तंबाकू का सेवन, शराब का सेवन, अत्यधिक धूम्रपान आदि प्रमुख हैं। आमतौर पर जो मरीज जांच के लिए आते हैं, वह चौथी स्टेज पर होते हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत मरीजों कि रिकवरी पूर्णतया हो जाती है।
उन्होंने बताया कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को व्यक्ति नजरंदाज करता है। यदि उसी समय ठीक प्रकार से जांच कराई जाए तो कैंसर को गंभीर स्थिति में आने से पहली ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष क्लोज द केयर गेप थीम पर विश्व कैंसर दिवस मनाया गया है।
महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा कैंसर
स्त्रत्त्ी रोग विशेषज्ञ डॉ. अस्मिता ने बताया कि वर्तमान समय में महिलाओं में कैंसर बहुत अधिक बढ़ रहा है। ब्रेस्ट कैंसर एवं सरवाइकल कैंसर इसमें प्रमुख है। महिलाओं को कैंसर से बचाव के लिए उनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उन्हें स्वयं व उनके जीवनसाथी को लेनी होगी। ताकि कैंसर की रोकथाम की जा सके। कैंसर की रोकथाम के लिए और आने वाली पीढ़ी को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाई जाए।