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Auraiya News: डीएम ने एआरटीओ कार्यालय पर मारा छापा, दलालों में मची भगदड़, पांच गिरफ्तार
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औरैया। ककोर मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय में शुक्रवार को डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने शुक्रवार को एसपी चारू निगम के साथ छापा मारा। जानकारी होते ही दलालों में भगदड़ मच गई। इस बीच पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं कार्यालय के बाहर दलालों के बैठने के ठिकानों को धराशाई कर दिया गया।
एआरटीओ कार्यालय में विभाग के अधिकारियों के सामने बाहर दलालों की मंडी लगती है। ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी समेत कई विभागीय कार्यों को लेकर आने वाले लोगों को यही दलाल आय का जरिया बनाते है। सुविधा शुल्क वसूलते हुए उनका काम कराया जाता है। अंदर बैठे एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों को शायद यह नजर नहीं आता है।
शिकायतों पर डीएम व एसपी ने शुक्रवार को औचक छापा मारा। इससे दलालों की मंडी में भगदड़ मच गई। इस कवायद ने जहां जनसामान्य के कार्यों में पारदर्शिता लाने का प्रयास दिखा, तो वहीं एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों की आलम अंधेरी नजर आई। पकड़े गए दलालों को दिबियापुर पुलिस अपने साथ ले गई। जहां मुकदमा दर्ज कराया गया।
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हालांकि इससे पहले डीएम व एसपी ने महिला थाना में बैठकर पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की। डीएम ने कहा कि दलालों के पास बरामद हुए लैपटॉप, मोबाइल आदि के द्वारा भी विस्तार से जानकारी की जाएगी और जो भी लोग इस गलत कार्य में साझेदार होंगे उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। सूत्रों की माने तो इस कवायद से एआरटीओ कार्यालय के कुछ कर्मचारी व अधिकारी भी लपेटे में आ सकते हैं, जिनका दलालों से सीधा संपर्क पकड़ा जा सकता है। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा गया है।
कुल पांच लोगों को पकड़ा गया है। काफी संख्या में सामग्री बरामद हुई है। शासन की मंशानुरूप जनपद में किसी तरह के नियम विरुद्ध कार्य नहीं करने दिए जाएंगे। जनता के कार्य में पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया संचालित रहेगी। उन्होंने कहा कि जहां से भी अनैतिक कार्य किए जाने की शिकायत प्राप्त होगी, वहां भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे कोई भी गलत कार्य न कर सके।
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बरामद सामग्री खोल सकती एआरटीओ कार्यालय के कई राज
एआरटीओ कार्यालय में किस तरह लाइसेंस बनाने के लिए दलाल लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। पटल पर मौजूद कौन सा बाबू व अधिकारी इसके लिए संपर्क में रहता है। एक फाइल व काम कराने के लिए क्या तरकीब आजमाई जाती है। दलालों को यह सब पता रहता है, लेकिन इस छापेमारी के बाद बरामद हुई कागजी पत्रावली से लेकर लैपटाॅप, मोबाइल व अन्य सामग्री सभी को इस मंडी से रूबरू करा सकती है।
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किसी को नहीं लगी छापेमारी की भनक और डीएम पहुंच गए एआरटीओ कार्यालय
सुबह 10 बजे जिलाधिकारी अपने कार्यालय में फरियादियों की समस्या सुनने पहुंचे। इसी दौरान अचानक एआरटीओ कार्यालय में छापेमारी की रणनीति बनाई जाती है। एसपी चारू निगम भी पहुंची। दिबियापुर थाना पुलिस पहुंची। बारिश थमने के बाद डीएम कार्यालय से अधिकारियों के साथ पुलिस व प्रशासन का अमला एआरटीओ कार्यालय में जा पहुंचा। बाहर बांस के टट्टरों में मंडी लगाए दलालों ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस कर्मियों ने खदेड़ते हुए पकड़ लिया। एआरटीओ कार्यालय के अंदर एकाएक सन्नाटा छा गया। दलालों का सामान जब्त करते हुए महिला थाना ले जाया गया। जहां अधिकारियों की मौजूदगी में जांच पड़ताल शुरू हुई।
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एआरटीओ कार्यालय में विभाग के अधिकारियों के सामने बाहर दलालों की मंडी लगती है। ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी समेत कई विभागीय कार्यों को लेकर आने वाले लोगों को यही दलाल आय का जरिया बनाते है। सुविधा शुल्क वसूलते हुए उनका काम कराया जाता है। अंदर बैठे एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों को शायद यह नजर नहीं आता है।
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शिकायतों पर डीएम व एसपी ने शुक्रवार को औचक छापा मारा। इससे दलालों की मंडी में भगदड़ मच गई। इस कवायद ने जहां जनसामान्य के कार्यों में पारदर्शिता लाने का प्रयास दिखा, तो वहीं एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों की आलम अंधेरी नजर आई। पकड़े गए दलालों को दिबियापुर पुलिस अपने साथ ले गई। जहां मुकदमा दर्ज कराया गया।
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हालांकि इससे पहले डीएम व एसपी ने महिला थाना में बैठकर पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की। डीएम ने कहा कि दलालों के पास बरामद हुए लैपटॉप, मोबाइल आदि के द्वारा भी विस्तार से जानकारी की जाएगी और जो भी लोग इस गलत कार्य में साझेदार होंगे उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। सूत्रों की माने तो इस कवायद से एआरटीओ कार्यालय के कुछ कर्मचारी व अधिकारी भी लपेटे में आ सकते हैं, जिनका दलालों से सीधा संपर्क पकड़ा जा सकता है। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा गया है।
कुल पांच लोगों को पकड़ा गया है। काफी संख्या में सामग्री बरामद हुई है। शासन की मंशानुरूप जनपद में किसी तरह के नियम विरुद्ध कार्य नहीं करने दिए जाएंगे। जनता के कार्य में पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया संचालित रहेगी। उन्होंने कहा कि जहां से भी अनैतिक कार्य किए जाने की शिकायत प्राप्त होगी, वहां भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे कोई भी गलत कार्य न कर सके।
बरामद सामग्री खोल सकती एआरटीओ कार्यालय के कई राज
एआरटीओ कार्यालय में किस तरह लाइसेंस बनाने के लिए दलाल लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। पटल पर मौजूद कौन सा बाबू व अधिकारी इसके लिए संपर्क में रहता है। एक फाइल व काम कराने के लिए क्या तरकीब आजमाई जाती है। दलालों को यह सब पता रहता है, लेकिन इस छापेमारी के बाद बरामद हुई कागजी पत्रावली से लेकर लैपटाॅप, मोबाइल व अन्य सामग्री सभी को इस मंडी से रूबरू करा सकती है।
किसी को नहीं लगी छापेमारी की भनक और डीएम पहुंच गए एआरटीओ कार्यालय
सुबह 10 बजे जिलाधिकारी अपने कार्यालय में फरियादियों की समस्या सुनने पहुंचे। इसी दौरान अचानक एआरटीओ कार्यालय में छापेमारी की रणनीति बनाई जाती है। एसपी चारू निगम भी पहुंची। दिबियापुर थाना पुलिस पहुंची। बारिश थमने के बाद डीएम कार्यालय से अधिकारियों के साथ पुलिस व प्रशासन का अमला एआरटीओ कार्यालय में जा पहुंचा। बाहर बांस के टट्टरों में मंडी लगाए दलालों ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस कर्मियों ने खदेड़ते हुए पकड़ लिया। एआरटीओ कार्यालय के अंदर एकाएक सन्नाटा छा गया। दलालों का सामान जब्त करते हुए महिला थाना ले जाया गया। जहां अधिकारियों की मौजूदगी में जांच पड़ताल शुरू हुई।