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Auraiya News: बिना किसी गंभीर लक्षण के लोगों में बढ़ रही डायबिटीज
Tue, 09 Jun 2026 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:56 PM IST
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फोटो-09- मरीज के खून का सैंपल लेता कर्मी। संवाद
औरैया। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इन दिनों चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत डायबिटीज के रोगियों की पहचान की जा रही है।
आम दिनों में मामूली सर्दी, खांसी, जुकाम या बदन दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीजों की जांच में हाई डायबिटीज सामने आ रही है। इनमें से अधिकांश मरीजों पहले से डायबिटीज के कोई लक्षण भी नहीं दिख रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेभर के सभी ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों की पहचान के लिए गैर संचारी रोग अभियान चलाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए पोर्टल पर मॉनिटरिंग भी की जा रही है। आशा, एएनएम व आरोग्य मंदिरों से लेकर पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल में यह काम चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनकी तबीयत थोड़ी बहुत खराब होने पर जब रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट किया गया तो उनका शुगर लेवल सामान्य से काफी अधिक पाया जा रहा है।
मंगलवार को शहर के जिला अस्पताल पहुंची दो महिला मरीजों में ये बात सामने आई। शहर के मोहल्ला बनारसीदास निवासी सुनीता व जैतापुर गांव निवासी मुकेश को पहली बार पता चला कि शुगर रोगी है। उनका फास्टिंग शुगर लेवल 210 एमजी/डीएल से ऊपर निकला। जबकि दोनों मरीजों के अनुसार उन्हें पहले कभी शुगर के लक्षण महसूस नहीं हुए थे।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव और खराब खान-पान के कारण लोग साइलेंट किलर कही जाने वाली डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। विभाग का लक्ष्य इस अभियान के जरिए शुरुआती चरण में ही मरीजों की पहचान करना है ताकि उन्हें समय पर दवा और सही परामर्श देकर भविष्य के बड़े खतरों से बचाया जा सके। स्क्रीनिंग के बाद इन मरीजों को जरूरी परामर्श व उपचार किया जा रहा है।
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आम दिनों में मामूली सर्दी, खांसी, जुकाम या बदन दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीजों की जांच में हाई डायबिटीज सामने आ रही है। इनमें से अधिकांश मरीजों पहले से डायबिटीज के कोई लक्षण भी नहीं दिख रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेभर के सभी ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों की पहचान के लिए गैर संचारी रोग अभियान चलाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए पोर्टल पर मॉनिटरिंग भी की जा रही है। आशा, एएनएम व आरोग्य मंदिरों से लेकर पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल में यह काम चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनकी तबीयत थोड़ी बहुत खराब होने पर जब रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट किया गया तो उनका शुगर लेवल सामान्य से काफी अधिक पाया जा रहा है।
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मंगलवार को शहर के जिला अस्पताल पहुंची दो महिला मरीजों में ये बात सामने आई। शहर के मोहल्ला बनारसीदास निवासी सुनीता व जैतापुर गांव निवासी मुकेश को पहली बार पता चला कि शुगर रोगी है। उनका फास्टिंग शुगर लेवल 210 एमजी/डीएल से ऊपर निकला। जबकि दोनों मरीजों के अनुसार उन्हें पहले कभी शुगर के लक्षण महसूस नहीं हुए थे।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव और खराब खान-पान के कारण लोग साइलेंट किलर कही जाने वाली डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। विभाग का लक्ष्य इस अभियान के जरिए शुरुआती चरण में ही मरीजों की पहचान करना है ताकि उन्हें समय पर दवा और सही परामर्श देकर भविष्य के बड़े खतरों से बचाया जा सके। स्क्रीनिंग के बाद इन मरीजों को जरूरी परामर्श व उपचार किया जा रहा है।