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केंद्र प्रभारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से धान खरीद ठप
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औरैया। धान खरीद केंद्रों पर बार-बार बदले जा रहे नियमों और किसानों के बढ़ रहे दबाव से केंद्र प्रभारियों का धैर्य जवाब दे गया। शुक्रवार से जिले के 44 क्रय केंद्रों के प्रभारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। धान खरीद न होने से नाराज किसानों ने केंद्रों पर जमकर हंगामा काटा और नारेबाजी की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें खरीद के दौरान हो रही समस्याओं के निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
जिले में एक नवंबर से 44 क्रय केंद्रों पर खरीद हो रही है। शुक्रवार से केंद्र प्रभारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से भीषण सर्दी में धान लेकर पहुंचे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर की गल्ला मंडी स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र, मंडी समिति के क्रय केंद्र बंद रहे। इसी तरह, अछल्दा, बिधूना, अजीतमल, दिबियापुर, बेला आदि जगहों पर स्थित क्रय केंद्रों पर ताला पड़ा रहा।
इन केंद्रों पर आए सैकड़ों किसान बिना तौल कराए लौट गए। वहीं, कुछ किसानों का गुरुवार रात से ट्रैक्टरों पर धान लदा खड़ा रहा। आक्रोशित किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धान खरीद कराने की मांग की।
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किसान नेता चंद्र प्रकाश, दिनेश कुमार, प्रमोद कुमार, अंकित यादव, विनय कुमार, मुलायम सिंह आदि ने बताया कि क्रय केंद्र पर पहले से डंप धान भी प्रभारियों ने नहीं खरीदी। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। अब वह अपनी मनमानी कार्यशैली को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं।
केंद्र प्रभारियों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
यूूपी फूड एंड सिविल सप्लाईज इंसपेक्टर्स/आफीसर्स एसोसिएशन के बैनर तले केंद्र प्रभारियों ने धान खरीद की नोडल अधिकारी एडीएम रेखाएस चौहान को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि धान खरीद में आए दिन नियमों में किए जा रहे बदलाव से समस्याएं खड़ी हो रही हैं। इससे जानलेवा हमले के साथ असुरक्षा की भावना खड़ी हो गई है।
ज्ञापन में राइस मिलों को भेजे जा रहे धान में ऑनलाइन बाधाओं को समाप्त किए जाने, केंद्रों में भंडारण क्षमता तय करने, ई-पॉप मशीन पर केंद्र प्रभारियों के अंगूठा लगाने की बाध्यता खत्म करने, केंद्र प्रभारियों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि टोकन व्यवस्था कभी ऑनलाइन कभी ऑफलाइन करने से भी समस्या हो गई है। इस लिए टोकन व्यवस्था को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही प्रत्येक केंद्र प्रभारी को खाद्यान्न विश्लेषण के लिए विशेष संस्थानों में ट्रेनिंग दिलाई जाए।
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जिले में एक नवंबर से 44 क्रय केंद्रों पर खरीद हो रही है। शुक्रवार से केंद्र प्रभारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से भीषण सर्दी में धान लेकर पहुंचे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर की गल्ला मंडी स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र, मंडी समिति के क्रय केंद्र बंद रहे। इसी तरह, अछल्दा, बिधूना, अजीतमल, दिबियापुर, बेला आदि जगहों पर स्थित क्रय केंद्रों पर ताला पड़ा रहा।
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इन केंद्रों पर आए सैकड़ों किसान बिना तौल कराए लौट गए। वहीं, कुछ किसानों का गुरुवार रात से ट्रैक्टरों पर धान लदा खड़ा रहा। आक्रोशित किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धान खरीद कराने की मांग की।
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किसान नेता चंद्र प्रकाश, दिनेश कुमार, प्रमोद कुमार, अंकित यादव, विनय कुमार, मुलायम सिंह आदि ने बताया कि क्रय केंद्र पर पहले से डंप धान भी प्रभारियों ने नहीं खरीदी। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। अब वह अपनी मनमानी कार्यशैली को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं।
केंद्र प्रभारियों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
यूूपी फूड एंड सिविल सप्लाईज इंसपेक्टर्स/आफीसर्स एसोसिएशन के बैनर तले केंद्र प्रभारियों ने धान खरीद की नोडल अधिकारी एडीएम रेखाएस चौहान को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि धान खरीद में आए दिन नियमों में किए जा रहे बदलाव से समस्याएं खड़ी हो रही हैं। इससे जानलेवा हमले के साथ असुरक्षा की भावना खड़ी हो गई है।
ज्ञापन में राइस मिलों को भेजे जा रहे धान में ऑनलाइन बाधाओं को समाप्त किए जाने, केंद्रों में भंडारण क्षमता तय करने, ई-पॉप मशीन पर केंद्र प्रभारियों के अंगूठा लगाने की बाध्यता खत्म करने, केंद्र प्रभारियों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि टोकन व्यवस्था कभी ऑनलाइन कभी ऑफलाइन करने से भी समस्या हो गई है। इस लिए टोकन व्यवस्था को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही प्रत्येक केंद्र प्रभारी को खाद्यान्न विश्लेषण के लिए विशेष संस्थानों में ट्रेनिंग दिलाई जाए।