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Auraiya News: कफन में लिपटा आया सैनिक का शव, परिजनों में मची चीख-पुकार

Wed, 03 Jul 2024 11:16 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2024 11:16 PM IST
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Dead body of a soldier arrived wrapped in a shroud, there was hue and cry among the family members
रुरुगंज। कुदरकोट थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सराय शीशग्राम के मजरा सूरजपुर निवासी जितेंद्र कुमार भारतीय सेना में तैनात थे। जहां सोमवार सुबह ड्यूटी के दौरान उनके मौत हो जाने की सूचना मिली थी। बुधवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। गमगीन माहौल में सैनिक के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।
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सैनिक जितेंद्र पंजाब के पठानकोट में 6002 इएमई वर्कशॉप में हवलदार के पद पर तैनात थे। वह पत्नी प्रीती कुमारी, बेटी आर्या व बेटा अयांश पठानकोट में ही रहते थे। सोमवार सुबह छह बजे जितेंद्र अपने निवास स्थल से ड्यूटी पर गया था। तभी पत्नी को जितेंद्र की मौत की सूचना मिली थी। जिसके बाद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। जितेंद्र का छोटा भाई अनुराग भी भरतीय सेना में है। पांच दिन पहले ही वह गांव सूरजपुर आया था।
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मंगलवार की शाम को कुदरकोट थानाध्यक्ष पूजा सोलंकी फोर्स के रात भर सैनिक के गांव में मौजूद रहीं। शव रखने के लिए डीप फ्रीजर की व्यवस्था की गई। बुधवार को शव करीब 8:20 बजे गांव पहुंचा। इसके बाद उसे लकड़ी के ताबूत में रखकर उस पर तिरंगा डाला गया। वहीं ग्रामीणों में इस दौरान थोड़ा उबाल आया। इस दौरान परिजन व ग्रामीणों ने कहा कि गार्ड ऑफ ऑनर क्यों नहीं दिया जाएगा। इस बात को लेकर काफी देर तक पुलिस से चर्चा भी हुई।
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इसके बाद सीओ अशोक कुमार ने परिजनों से बात की, तो मामला शांत हुआ। जुटी भीड़ जितेंद्र यादव जिंदाबाद जितेंद्र यादव अमर रहे नारे लगाती रही। जैसे ही शव गांव पहुंचा तो पत्नी प्रीति शव बिलख पड़ी। रोते-रोते बेहोश हो गई। डॉक्टर को बुलाया गया। उपचार के बाद प्रीति को होश आया। पता चला कि प्रीति ने तीन दिन से कुछ खाया ही नहीं था। वह बार बार कह रही थी कि मेरा कुसूर क्या था। कुछ बताया भी नहीं।
वहीं मासूम बच्चे तिरंगे में लिपटे पिता के शव को निहारते रहे। मां जनबेश यादव भी गुमसुम बैठी रहीं। वहीं मृतक सैनिक के पार्थिव शरीर पर अपर पुलिस अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा, सीओ अशोक कुमार व थानाध्यक्ष कुदरकोट पूजा सोलंकी व सर्कल के कई थानाध्यक्षों ने नम आंखों से पुष्प चक्र समर्पित किए। वहीं सेना के जवानों ने भी पुष्प अर्पित किए।

पठानकोट से सैनिक का शव लेकर आए नायब सूबेदार महेंद्र ने बताया कि ड्यूटी के दौरान जितेंद्र अकेला था। उसके पास इंसास राइफल थी। जिसमें 20 कारतूस थे। अभी तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी चल रही है। इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि बिधूना गोलू वर्मा, जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र यादव, ग्राम प्रधान श्रीप्रकाश यादव, विशेष यादव, विपिन यादव, आशू यादव समेत काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही।
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