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Auraiya News: डकैत सीमा परिहार का भाई रामवीर 27 साल बाद गिरफ्तार

Mon, 02 Feb 2026 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 02 Feb 2026 11:52 PM IST
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Dacoit Seema Parihar's brother Ramveer arrested after 27 years
फोटो-41-आरोपी रामवीर। स्रोत: पुलिस
अजीतमल (औरैया)। कोतवाली पुलिस ने 27 साल से चकमा दे रहे ग्रामीण लालाराम की हत्या के आरोपी व डकैत रहीं सीमा परिहार के भाई रामवीर को गिरफ्तार कर लिया।
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1999 में हुई लालाराम की हत्या के मामले में निर्भय सिंह गैंग में इसका नाम भी प्रकाश में आया था। इसके बाद से वह लगातार अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी अयाना थाने के गांव बवाइन निवासी रामवीर वारदात को अंजाम देने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था। वर्तमान में वह दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव ककरई में छिपकर रह रहा था। रविवार को पुलिस ने घेराबंदी कर उसे वहां से पकड़ लिया।
सीओ मनोज गंगवार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 1999 में लालाराम की हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लंबे समय तक न्यायालय में पेश न होने के कारण उसके खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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डकैत निर्भय व सलीम सहित तीन मुठभेड़ में हुए थे ढेर
पुलिस के अनुसार ग्राम शाला सिमार चौकी अनंतराम थाना अजीतमल निवासी लालाराम जाटव की हत्या के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में डकैत निर्भय, सलीम सहित नौ नाम प्रकाश में आए थे। निर्भय और सलीम समेत तीन पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गए थे। इसी मामले में रामवीर 27 साल से फरार था।
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भाई की गिरफ्तारी पर सीमा परिहार ने लगाई गुहार
औरैया। डकैत और बिग बॉस फेम सीमा परिहार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए भाई रामवीर की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। सीमा का आरोप है कि उनके भाई को अजीतमल पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना या वारंट के उठा लिया है। भावुक होते हुए सीमा ने बताया कि पुलिस 1999 के किसी पुराने मामले का हवाला दे रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस महानिदेशक से न्याय की अपील करते हुए अपने भाई की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में आत्मसमर्पण के बाद से वह शांतिपूर्ण जीवन जी रही हैं, लेकिन उन्हें और उनके परिवार को अब भी बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। (संवाद)


रामवीर पर दर्ज हैं हत्या और अपहरण के सात संगीन मुकदमे

औरैया। आरोपी रामवीर सिंह औरैया और जालौन के विभिन्न थानों में हत्या, फिरौती के लिए अपहरण और डकैती अधिनियम जैसे सात गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार रामवीर सिंह का आपराधिक सफर 90 के दशक शुरू हुआ था।
जालौन के सिरसा कलार और उरई कोतवाली में उसके खिलाफ अपहरण के कई मामले दर्ज हुए। साल 1999 में उसने सिरसा कलार क्षेत्र में फिरौती के लिए अपहरण की वारदात को अंजाम दिया, जिससे वह पुलिस की रडार पर आ गया।


आरोपी केवल अपहरण तक ही सीमित नहीं रहा। औरैया के अजीतमल थाने में साल 1999 में उसके खिलाफ हत्या व बलवा का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा, जालौन पुलिस ने उस पर डकैती प्रभावित क्षेत्र अधिनियम के तहत भी शिकंजा कसा था।
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