{"_id":"6106e0ac8ebc3e84104a7989","slug":"cyber-fraud-with-youn-man-auraiya-news-knp6437484118","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआईएसएफ आरक्षक बताकर साइबर ठगों ने खाते से दो लाख निकाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीआईएसएफ आरक्षक बताकर साइबर ठगों ने खाते से दो लाख निकाले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिबियापुर (औरैया)। 10 हजार रुपये में नई बाइक बेचने का लालच देकर साइबर ठग ने युवक को जाल में फंसा लिया। उसके खाते से दो लाख पांच हजार रुपये पार कर दिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस में की है।
शैलेंद्र निवासी इटहा फफूंद ने बताया कि 26 जुलाई को उसके व्हाट्स एप पर मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को सीआईएसएफ में आरक्षक आनंद कुमार तिवारी निवासी लखनऊ बताया। आधार कार्ड, सीआईएसएफ का आईडी कार्ड भी भेज दिया। नई बाइक की फोटो भेजकर इसे 10 हजार रुपये में बेचने की बात कही। इस पर शैलेंद्र ने बाइक लेने की हामी भर दी। मैसेज भेजने वाले के बताए अकाउंट नंबर पर 10 हजार रुपये भेज दिए। जब बाइक भेजने के लिए कहा तो साइबर ठग ने कहा कि उनकी बाइक कम से 50 हजार रुपये में मिलेगी। इसके लिए शेष रुपये भेजने की मांग की।
शैलेंद्र ने 10 हजार रुपये वापस मांगे तो ठग ने बैंक की पासबुक की फोटोकॉपी भेजने के लिए कहा। उसने पासबुक की फोटोकॉपी भेज दी तो थोड़ी देर में ही उसके खाते से एक लाख 95 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने बताया कि मामले की शिकायत फफूंद थाने में की तो बैंक खाता ककोर स्थित स्टेट बैंक में होने पर थाना दिबियापुर भेज दिया। दिबियापुर पुलिस ने मामले की शिकायत साइबर सेल में करने की सलाह दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शैलेंद्र निवासी इटहा फफूंद ने बताया कि 26 जुलाई को उसके व्हाट्स एप पर मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को सीआईएसएफ में आरक्षक आनंद कुमार तिवारी निवासी लखनऊ बताया। आधार कार्ड, सीआईएसएफ का आईडी कार्ड भी भेज दिया। नई बाइक की फोटो भेजकर इसे 10 हजार रुपये में बेचने की बात कही। इस पर शैलेंद्र ने बाइक लेने की हामी भर दी। मैसेज भेजने वाले के बताए अकाउंट नंबर पर 10 हजार रुपये भेज दिए। जब बाइक भेजने के लिए कहा तो साइबर ठग ने कहा कि उनकी बाइक कम से 50 हजार रुपये में मिलेगी। इसके लिए शेष रुपये भेजने की मांग की।
विज्ञापन
शैलेंद्र ने 10 हजार रुपये वापस मांगे तो ठग ने बैंक की पासबुक की फोटोकॉपी भेजने के लिए कहा। उसने पासबुक की फोटोकॉपी भेज दी तो थोड़ी देर में ही उसके खाते से एक लाख 95 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने बताया कि मामले की शिकायत फफूंद थाने में की तो बैंक खाता ककोर स्थित स्टेट बैंक में होने पर थाना दिबियापुर भेज दिया। दिबियापुर पुलिस ने मामले की शिकायत साइबर सेल में करने की सलाह दी है।
विज्ञापन