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डेढ़ साल से न्याय के लिए भटक रही महिला
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Thu, 15 Sep 2016 12:14 AM IST
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कोतवाली में एसआई दीपा सिंह से अपनी पीड़ा बताती दहेज प्रताड़ना का शिकार रोशनी।
- फोटो : अमर उजाला
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बिधूना कोतवाली क्षेत्र निवासी एक महिला जून 2015 में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद आज तक न्याय के लिए भटक रही है। पीड़िता का आरोप है कि मामले की जांच कर रहीं विवेचक ने भी पति के अलावा अन्य ससुरालीजनों को जांच रिपोर्ट में बरी कर दिया है। हालांकि इस मामले में पीड़िता की गुहार पर एसपी ने फिर से विवेचना कराए जाने के आदेश दिए हैं।
सदर कोतवाली में मौजूद बिधूना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सरैयां निवासी पीड़िता रोशनी ने बताया 21 जनवरी 2015 को उसकी शादी टूंडला निवासी अश्वनी उर्फ लव पुत्र देवेंद्र कुमार के साथ हुई थी। रोशनी ने बताया पिता की ओर से दहेज में इतना सब कुछ दिए जाने के बाद भी ससुरालीजन संतुष्ट नहीं हुए। कुछ दिन बाद उसकी सास, ससुर व पति अतिरिक्त दहेज देने की बात करने लगे। जब उनकी ओर से असमर्थता व्यक्त की गई तो उक्त लोग उसे विदा करा लाए और ससुराल में उसके साथ नौकरानी जैसा बर्ताव किया जाने लगा। पीड़िता ने बताया जब उसने इसकी शिकायत अपने परिवार वालों से करने की बात कही तो उसे भूखा प्यासा रखकर प्रताड़ित करने लगे। ससुरालीजनों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया।
इसके बाद पति अश्वनी कुमार, ससुर देवेंद्र कुमार, देवर राहुल, सास विनीता देवी व बिचौलिया किशन कुमार उसे मारपीटकर आठ जून 2015 को उसके पिता के घर सरैया के पास रोड पर छोड़ गए। आरोप है कि इस मामले में जब उसने पुलिस में मामला दर्ज कराया तो मामले की जांच अधिकारी एसआई संगम भदौरिया ने अपनी मनमानी करते हुए सभी नामजदों को बरी करते हुए केवल पति के खिलाफ ही चार्ज शीट दाखिल की। उसने कहा कि मामला दर्ज होने से लेकर चार्ज शीट लगने तक जांच अधिकारी की ओर से पूरी तरह से लापरवाही बरती गई। पीड़िता ने बताया प्रकरण में एसपी से दोबारा विवेचना की गुहार पर हुई सुनवाई से उसे अब उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।
सदर कोतवाली में मौजूद बिधूना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सरैयां निवासी पीड़िता रोशनी ने बताया 21 जनवरी 2015 को उसकी शादी टूंडला निवासी अश्वनी उर्फ लव पुत्र देवेंद्र कुमार के साथ हुई थी। रोशनी ने बताया पिता की ओर से दहेज में इतना सब कुछ दिए जाने के बाद भी ससुरालीजन संतुष्ट नहीं हुए। कुछ दिन बाद उसकी सास, ससुर व पति अतिरिक्त दहेज देने की बात करने लगे। जब उनकी ओर से असमर्थता व्यक्त की गई तो उक्त लोग उसे विदा करा लाए और ससुराल में उसके साथ नौकरानी जैसा बर्ताव किया जाने लगा। पीड़िता ने बताया जब उसने इसकी शिकायत अपने परिवार वालों से करने की बात कही तो उसे भूखा प्यासा रखकर प्रताड़ित करने लगे। ससुरालीजनों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया।
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इसके बाद पति अश्वनी कुमार, ससुर देवेंद्र कुमार, देवर राहुल, सास विनीता देवी व बिचौलिया किशन कुमार उसे मारपीटकर आठ जून 2015 को उसके पिता के घर सरैया के पास रोड पर छोड़ गए। आरोप है कि इस मामले में जब उसने पुलिस में मामला दर्ज कराया तो मामले की जांच अधिकारी एसआई संगम भदौरिया ने अपनी मनमानी करते हुए सभी नामजदों को बरी करते हुए केवल पति के खिलाफ ही चार्ज शीट दाखिल की। उसने कहा कि मामला दर्ज होने से लेकर चार्ज शीट लगने तक जांच अधिकारी की ओर से पूरी तरह से लापरवाही बरती गई। पीड़िता ने बताया प्रकरण में एसपी से दोबारा विवेचना की गुहार पर हुई सुनवाई से उसे अब उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।
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