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पहली पत्नी का बेटा निकला हत्यारा
औरैया
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:18 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में ट्रिपल मर्डर का आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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दिबियापुर के ट्रिपल मर्डर का आरोपी पहली पत्नी का बेटा ही निकला। जबकि हत्या की पटकथा मरने वाली तीसरी पत्नी ने लिखी थी। मंगलवार को एसपी रामकिशोर ने दिबियापुर में हुए तिहरे हत्याकांड का खुलासा किया। बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई थीं। बेटे को फिरोजाबाद से टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
एसपी ने बताया कि मृतक की पहली पत्नी के पुत्र मोहम्मद अली ने अपने पिता नौशाद उर्फ नौशे, सौतेली मां आस्मीन और मासूम बहन शब्बो की गला रेत कर हत्या कर दी। इसके बाद कपड़े से शवों को ढंककर उन पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।
हत्यारोपी मोहम्मद अली ने बताया कि उसके पिता रेलवे में ब्लैक स्मिथ एमसीएम के पद पर फफूंद में कार्यरत थे। उनका 31 जून को रिटायरमेंट होना था। इसी बात को लेकर उसकी सौतेली मां आस्मीन ने पिता नौशाद की हत्या करवाकर उनके स्थान पर मिलने वाली नौकरी हथियाने की योजना बनाई। उसे दस लाख रुपये देने का लालच दिया था।
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मोहम्मद अली ने बताया कि सब कुछ तय होने के बाद वह 19 मार्च की रात फिरोजाबाद से गोमती एक्सप्रेस से आजाद नगर स्थित नौशाद के किराए के मकान पर पहुंचा। रात 12 बजे जब उसके पिता गहरी नींद में सो रहे थे। तभी सौतेली मां आस्मीन ने चाकू से उनका गला रेत दिया। जब नौशाद फड़फड़ाने लगा तो उसने हाथ पकड़कर दबा लिया। इसी बीच आस्मीन से उसने चाकू भी ले लिया।
तभी आस्मीन बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए बाहर भागी। अचानक आस्मीन को पैंतरा बदलने और खुद को फंसता देख उसने आस्मीन पर चाकू से वार किया। लेकिन बच्ची सामने आ गई। इससे उसकी गर्दन कट गई। बच्ची का गला कटते देख उसने आस्मीन को भी पकड़ कर गला रेत दिया। साक्ष्य मिटाने को लेकर उनके शवों को कपड़ों से ढंक कर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया।
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एसपी ने बताया कि मृतक की पहली पत्नी के पुत्र मोहम्मद अली ने अपने पिता नौशाद उर्फ नौशे, सौतेली मां आस्मीन और मासूम बहन शब्बो की गला रेत कर हत्या कर दी। इसके बाद कपड़े से शवों को ढंककर उन पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।
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हत्यारोपी मोहम्मद अली ने बताया कि उसके पिता रेलवे में ब्लैक स्मिथ एमसीएम के पद पर फफूंद में कार्यरत थे। उनका 31 जून को रिटायरमेंट होना था। इसी बात को लेकर उसकी सौतेली मां आस्मीन ने पिता नौशाद की हत्या करवाकर उनके स्थान पर मिलने वाली नौकरी हथियाने की योजना बनाई। उसे दस लाख रुपये देने का लालच दिया था।
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मोहम्मद अली ने बताया कि सब कुछ तय होने के बाद वह 19 मार्च की रात फिरोजाबाद से गोमती एक्सप्रेस से आजाद नगर स्थित नौशाद के किराए के मकान पर पहुंचा। रात 12 बजे जब उसके पिता गहरी नींद में सो रहे थे। तभी सौतेली मां आस्मीन ने चाकू से उनका गला रेत दिया। जब नौशाद फड़फड़ाने लगा तो उसने हाथ पकड़कर दबा लिया। इसी बीच आस्मीन से उसने चाकू भी ले लिया।
तभी आस्मीन बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए बाहर भागी। अचानक आस्मीन को पैंतरा बदलने और खुद को फंसता देख उसने आस्मीन पर चाकू से वार किया। लेकिन बच्ची सामने आ गई। इससे उसकी गर्दन कट गई। बच्ची का गला कटते देख उसने आस्मीन को भी पकड़ कर गला रेत दिया। साक्ष्य मिटाने को लेकर उनके शवों को कपड़ों से ढंक कर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया।